Latest Updates
-
Mughlai Method Shahi Korma Recipe: घर पर बनाएं शाही अंदाज में लाजवाब कोरमा -
Eid Mubarak Wishes For Wife: बकरीद पर अपनी बेगम को दें मोहब्बत भरा पैगाम, दिल से रहें हैप्पी ईद -
कौन हैं भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह? जिनका अक्षय कुमार संग 'घिस घिस घिस' गाने पर डांस हुआ वायरल -
Delhi Wali Ram Laddu Recipe: घर पर बनाएं दिल्ली के मशहूर और कुरकुरे राम लड्डू -
तुम मेरी गर्लफ्रेंड हो... अजनबी ने याददाश्त जाने का उठाया फायदा, सहेली ने खोला खौफनाक राज -
1500 रुपये की पेंशन के लिए सास को कंधे में बैठा 9 किलोमीटर पैदल चली बहू, Video देखकर रो पड़े लोग -
Bakra Eid 2026: बकरीद की सही तारीख को लेकर दूर हुआ कंफ्यूजन! जानें भारत में कब मनाई जाएगी ईद-उल-अजहा -
Punjabi Style Pakoda Kadhi Recipe: सर्दियों के लिए खास, नरम पकौड़ों वाली चटपटी कढ़ी -
पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों ने किया बेहाल; जानें कैसे रसोई के बजट से लेकर हॉलीडे प्लान तक हुआ ठप्प -
Ganga Dussehra Daan List: गंगा दशहरा पर राशि अनुसार करें इन 10 चीजों का दान? बन जाएंगे बिगड़े काम
इन फलों का जीआई होता है बेहद कम, डायबिटीज पेशेंट के लिए है फायदेमंद
आहार और स्वास्थ्य का गहरा कनेक्शन है। भोजन ना केवल व्यक्ति के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि इससे व्यक्ति की हेल्थ कंडीशन पर भी असर पड़ता है। इसलिए यह कहा जाता है कि व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिए विभिन्न फल व सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। यह विटामिन, मिनरल्स और एंटी-ऑक्सीडेंट का एक अच्छा स्त्रोत होते हैं। ये कई तरह के पोषक तत्वों का घर माने जाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि हर सब्जी या फल हर व्यक्ति को खाने की सलाह नहीं दी जाती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है और उसे कई प्रकार की गंभीर बीमारियां और स्थितियां हो सकती हैं। ऐसे में हर कोई हर फल या सब्जी का सेवन नहीं कर सकता है। मसलन, मधुमेह रोगियों को लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड का सेवन करना चाहिए, ताकि उनके रक्त में शर्करा का स्तर एकदम से ना बढ़े। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही फलों के बारे में बता रहे हैं, जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है-

मधुमेह रोगियों को क्यों खाना चाहिए लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड
मधुमेह एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति के शरीर में उच्च रक्त शर्करा का स्तर होता है। मधुमेह रोगी इंसुलिन प्रतिरोधी हो सकते हैं या इसका पर्याप्त उत्पादन करने में सक्षम नहीं हो सकते हैं, जिससे उनके रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है। उनका शरीर बनने वाले ग्लूकोज को सही तरह से मैनेज नहीं कर पाता है। इसलिए अपने खान-पान में अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए वह शरीर में एकदम से ब्लड शुगर लेवल बढ़ने से रोक सकते हैं। कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों का सेवन रक्त शर्करा प्रबंधन में मदद कर सकता है।

ग्लाइसेमिक इंडेक्स क्या है?
अधिकतर लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं होती है कि ग्लाइसेमिक इंडेक्स क्या होता है। तो हम आापको बता दें कि ग्लाइसेमिक इंडेक्स मूल्यांकन करता है कि खाने के बाद खाद्य पदार्थ रक्त शर्करा के स्तर को कैसे प्रभावित करते हैं। यह भोजन की कार्बोहाइड्रेट सामग्री और खपत के बाद रक्त शर्करा पर इसके प्रभाव के बीच संबंध की जांच करके ऐसा करता है। खाद्य पदार्थों को उनके ग्लाइसेमिक इंडेक्स स्कोर के आधार पर निम्न, मध्यम या उच्च के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। 55 या उससे कम के जीआई स्कोर वाले खाद्य पदार्थों को कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स माना जाता है, जबकि 70 या उससे अधिक के जीआई स्कोर वाले खाद्य पदार्थों को उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स माना जाता है।
मधुमेह रोगियों के लिए लो या मीडियम ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड को ही अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। ऐसे कई फूड हैं, जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और इसलिए मधुमेह रोगियों के लिए वह उपयुक्त माने जाते हैं।

चेरी
चेरी एक ऐसा फल है, जिसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बेहद की कम होता है, जिसके मधुमेह रोगियों के लिए यह एक बेहतरीन फल है। इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 20 जितना कम होता है।

सूखे खुबानी
इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 32 होता है और ये विटामिन ए और ई के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण खनिजों से भरपूर होते हैं।

सेब
सेब ना केवल एक फाइबर रिच फल है, बल्कि इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी 39 होता है। जिसके कारण मधुमेह रोगी बिना किसी परेशानी के इसका सेवन कर सकते हैं।

संतरे
वे ग्लाइसेमिक इंडेक्स पर 40 अंक प्राप्त करते हैं और विटामिन सी और फाइबर का भी एक अच्छा स्रोत हैं। विटामिन सी रिच होने के कारण यह बॉडी के इम्युन सिस्टम पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं, जबकि फाइबर भोजन को जल्दी से पचाने से रोकने और ब्लड शुगर लेवल को स्पाइस होने से रोकता है।
नोट-
लेख में सामान्य सलाह दी गई है और इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। अपने आहार में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से एक बार अवश्य बात करें।



Click it and Unblock the Notifications