गाजर खाएं, आंखों का नंबर उतर जाएगा

Carrots
सर्दियों में मिलने वाला लाल रंग का गाजर विटामिन व पोषण से भरपूर माना जाता है। इसमें मिनरल्स बहुत मात्रा में मिलते हैं। गाजर को आंखों के लिए बहुत अधिक गुणकारी माना जाता है क्योंकि यह विटामिन 'ए' का सबसे अच्छा स्त्रोत है। लेकिन गाजर सिर्फ आंखों के लिए ही लाभदायक नहीं है बल्कि इसके अलावा गाजर के सही तरीके से सेवन के अनेक फायदे हैं। आइए हम बताते हैं आपको गाजर के कुछ ऐसे ही आसान प्रयोग।

गाजर के प्रयोग-

1.यह आंखों के लिए इसलिए फायदेमंद होता है क्‍योंकि इसमें बीटा केरोटीन पाया जाता है जो कि लीवर में जा कर विटामिन ए में बदल जाता है। विटामिन ए रेटीना के अंदर ट्रासंफॉम होता है और फिर यह बैगनी से दिखने वाले पिग्‍मेंट में इतनी शक्‍ती होती है कि रतौन्‍धी जैसा रोक दूर-दूर तक नहीं हो पाता।

2.गाजर एक एंटी एजिंग की तरह कार्य करता है। इसमें पाया जाने वाला ढेर सारा बीटा केरोटीन, एंटीऑक्‍सीडेंट हमारे शरीर की कोशिकाओं की मरम्‍मत करता है। इससे कोशिकाओं की उम्र काफी देर से घटती है और शरीर पर झुर्रियां नहीं पडतीं।

3.मासिक कम आने पर या समय होने पर भी न आने पर गाजर के 5 ग्राम बीजों को 20 ग्राम गुड़ के साथ काढ़ा बनाकर लेने से लाभ होता है।

4.गाजर खाने से त्‍वचा चमकदार हो जाती है। इसमें पाया जाने वाला एंटीऑक्‍सीडेंट त्‍वचा को सूरज की किरणों से होने वाले डैमेज से बचाता है। अगर शरीर में विटामिन ए की कमी होती है तो उससे स्‍किन और बाल-नाखून तीनों ही ड्राय हो जाते हैं।

5.गाजर के पत्तों पर दोनों ओर घी लगाकर उन्हें गर्म करें। फिर उनका रस निकालकर 2-3 बूँदें गाम एवं नाक में डालें। इससे आधासीसी का दर्द मिटता है।

6.आंखों में किसी भी तरह का रोग होने पर कच्ची गाजर या उसके रस का रोजाना सेवन लाभप्रद है। यह प्रयोग चश्मे का नंबर घटा सकता है।

7.गाजर का रस पीने से पेशाब खुलकर आता है, रक्तशर्करा भी कम होती है। गाजर का हलवा खाने से पेशाब में कैल्शियम, फास्फोरस का आना बंद हो जाता है।

8.जल जाने पर भी प्रभावित अंग पर बार-बार गाजर का रस लगाने से लाभ होता है। सिर्फ यही नहीं गाजर को कद्दूकस करके नमक मिलाकर खाने से खाज-खुजली में फायदा होता है।

9.गाजर के रस में नमक, घनिया पत्ती, जीरा, काली मिर्च, नीबू का रस डालकर पीने से पाचन संबंघी गड़बड़ी दूर होती है।

10.अगर आप हफ्ते में छह गाजर खाते हैं तो आपको दिल का रोग नहीं होगा। ह्दय की कमजोरी अथवा घड़कनें बढ़ जाने पर गाजर को भूनकर खाने पर लाभ होता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, February 4, 2012, 18:53 [IST]
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