Latest Updates
-
Varuthini Ekadashi 2026: 13 या 14 अप्रैल कब है वैशाख की पहली एकादशी? जानें भगवान विष्णु की पूजा विधि -
Easter Sunday 2026: क्यों मनाया जाता है 'ईस्टर संडे'? जानें ईसाई धर्म में इसका महत्व और इतिहास -
लाल, काली या नारंगी, सेहत के लिए कौन सी गाजर है सबसे ज्यादा पावरफुल? -
Delhi-NCR में भूकंप के झटको से कांपी धरती, क्या बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी सच होने वाली है? -
Aaj Ka Rashifal 4 April 2026: शनिवार को इन 5 राशियों पर होगी धनवर्षा, जानें अपनी राशि का भाग्य -
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स
मछली के तेल में छुपा है सेहत का राज
वे लोग जो वेजिटेरियन हैं और मछली नहीं खा सकते, उनके लिये फिश ऑयल की गोलियां एक वर्दान के समान हैं। मछलियाँ अनेक जाति-प्रजातियों की पायी जाती हैं, किन्तु जिन जातियों से मछली तेल प्राप्त किया जाता है उनमें मेकेरल, ट्राउट, हेलिबट, टूना, सार्डाइन, तथा साल्मोन प्रमुख हैं। मछली तेल से प्राप्त स्वास्थ लाभ अनेक हैं जिनमें से प्रमुख निम्नांकित हैं-

1. डिप्रेशन भगाए- रिसर्च के अनुसार मछली के तेल में ओमेगा-३ पाया जाता है। इस कारण से यह व्यक्ति में अवसाद, उदासी, चिंता, व्याकुलता, मानसिक थकान, तनाव, आदि मानसिक रोगों को दूर करता है और व्यक्ति में सक्रियता का संचार करता है।
2. हृदय रोग- मछली तेल में उपलब्ध ओमेगा-३ ह्रदय को स्वस्थ और रोगों से दूर रखता है। यह रक्त में हानिकर कोलेस्ट्रोल एल डी एल को कम करता है और लाभकर कोलेस्ट्रोल एच डी एल को बढाता है। इस प्रकार मछली तेल के नियमित उपयोग से हृदयाघात की संभावना कम होती है।
3. शरीर की सूजन कम करे- शरीर में सूजन भले ही थायरायड की वजह से हो या फिर सिरोसिस की वजह से, मछली का तेल उसको कम करने में पूरा सहायक है। रोज दिन में 3 ग्राम मछली का तेल लेने से सूजन कम हो जाती है।
4. घुटने का दर्द- जिन लोंगो को घुटने की समस्या है, यानी की आर्थ्राइटस आदि उसमें यह मछली का तेल बहुत फायदेमंद होता है। लेकिन मछली का तेल बिल्कुल प्योर तथा सिंथटिक रहित होना चाहिये, जिससे यह फायदा कर जाए।
5. त्वचा सौन्दर्य - त्वचा की झुर्रियां तथा रूखापन, मछली के तेल के सेवन से दूर होता है जिससे व्यक्ति का सौन्दर्य और आकर्षण बढ़ता है। इसमें डीएचए और इपीए एसिड पाए जाते हैं, जो कि जरुरी फैटी एसिड होते हैं और यह सीधे ही त्वचा के सौन्दर्य से जुड़े होते हैं। यह त्वचा के अनेक रोगों जैसे दाद, खाज, खुजली आदि के उपचार में भी उपयोगी सिद्ध होता है जिसके लिए इसकी मालिश भी की जा सकती है।
6. गर्भावस्था - गर्भावस्था में स्त्री द्वारा मछली तेल के सेवन से गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क और आँखों के विकास में सुधार होता है जो इसमें उपस्थित डी एच ए की उपस्थिति के कारण होता है। इससे गर्भस्थ शिशु के शारीरिक विकास में भी सहायता मिलती है।
7. वजन घटाए- अगर आप फिश ऑयल के साथ-साथ रोजाना व्यायाम करेंगे और अपने आहार में बदलाव लाएंगे, तो आपका वजन जरुर कम होगा। फिश ऑयल शरीर में जमी हुई चर्बी को गला कर कम कर देती है।
8. आंखों की रौशनी बढाए- फिश ऑयल के सेवन से आंखों की मासपेशियां मजबूत होती हैं और आंखों की रौशनी भी तेज हो जाती है। इसके अलावा यह मानसिक ध्यान लगाने में भी मदद करता है। अगर आप किसी काम में ध्यान नहीं लगा पाते, तो मछली तेल के सेवन से आपकी ध्यान लगाने की क्षमता बढ जाएगी।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











