Latest Updates
-
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय
दही खाने से कम हो सकता है टाइप 2 मधुमेह का खतरा
(आईएएनएस)| क्या आपको दही पसंद है, तो प्रचुर मात्रा में दही खाइए क्योंकि कम वसा वाले खमीरीकृत दुग्ध उत्पादों का सेवन, टाइप 2 मधुमेह का खतरा कम करता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज के वैज्ञानिकों ने पाया कि दही नहीं खाने की अपेक्षा अधिक मात्रा में दही खाने से टाइप 2 मधुमेह का खतरा 28 प्रतिशत तक कम होता है।
यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज के महामारी विज्ञान इकाई के चिकित्सा अनुसंधान परिषद की नीता फोरौही ने बताया, "यह शोध इस बात पर प्रकाश डालता है कि विशेष खाद्य पदार्थ टाइप 2 मधुमेह से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सार्वजनिक स्वास्थ्य संदेशों के लिए प्रासंगिक हैं।"

शोध में नॉरफोक, ब्रिटेन में रहने वाले 25,000 पुरषों और महिलाओं को शामिल किया गया। शोध में ऐसे 753 लोगों में एक हफ्ते तक खाद्य पदार्थो और पेय की खपत के दैनिक रिकॉर्ड की तुलना की गई, जिनमें 11 वर्षो में टाइप 2 मधुमेह होने की संभावना थी।
डायबटीज स्पेशल : मीठा खाने की आदत को कंट्रोल करने के टिप्स
इससे शोधकर्ताओं में पूर्ण दुग्ध उत्पादों की खपत से मधुमेह के खतरे के संबंध की जांच करने का विचार आया। शोध में पाया गया कि कम वसा वाले दही और पनीर जैसे खमीरीकृत दुग्ध उत्पादन की उच्च खपत करने वालों में 11 सालों में टाइप 2 मधुमेह की संभावना 24 प्रतिशत कम थी।
खमीरीकृत दुग्ध उत्पादों से प्रोबायोटिक बैक्टीरिया और खमीरीकरण से जुड़े विशेष प्रकार के विटामिन 'के' मधुमेह में लाभदायक हो सकते हैं। फोरौही ने बताया, "फास्टफूड के इस युग में दही और कम वसा वाली खमीरीकृत दुग्ध उत्पादों का संदेश आश्वस्त करने वाला है जो कि स्वास्थ्य के लिए अच्छे हो सकते हैं।"
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
