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जानिये कैसे करें गिरते हुए हीमोग्लोबिन में इज़ाफ़ा
हीमोग्लोबिन हमारे शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। हीमोग्लोबिन हमारी रक्त कोशिकाओं में मौजूद लौह युक्त प्रोटीन है। ये प्रोटीन हमारे शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह को संतुलित करता है। इसका मुख्य काम हमारे फेफड़ों से ऊतकों तक ऑक्सीजन पहुंचाना है ताकि हमारी जीवित कोशिकाएं सही से काम कर सकें। हीमोग्लोबिन हमारी कोशिकाओं से कार्बन डाइऑक्साइड को वापस फेफड़ों तक लाने का भी काम करता है।
क्योंकि हीमोग्लोबिन एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए इतना महवपूर्ण है, तो ये ज़रूरी है कि आपके खून में इसकी मात्रा सही रहे। इसकी सही मात्रा कुछ इस प्रकार है :
- 14 से 18 मिलीग्राम व्यस्क आदमियों के लिए
- 12 से 16 मिलीग्राम व्यस्क औरतों के लिए
जब हीमोग्लोबिन की मात्रा घट जाती है तो आपका शरीर कई बीमारियों की चपेट में आ सकता है। आप थकान, कमजोरी, सांस का फूलना, चक्कर आना, सिर दर्द, पीली त्वचा, भंगुर नाखून, तेजी से दिल की धड़कन और भूख न लगने के शिकार हो सकते हैं।
MUST READ: महिलाओं में आयरन की कमी के लक्षण
अगर आपके शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बहुत ज़्यादा घट जाती है तो आप एनीमिया से भी पीड़ित हो सकते हैं और इसके लक्षण गंभीर हो सकते हैं। महिलाओं में गर्भावस्था और मासिक धर्म के दौरान हीमोग्लोबिन की मात्रा काम होना एक आम बात है। लेकिन इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। सबसे आम कारण है लौह पोषक तत्वों की कमी यानी की आयरन डेफिशियेंसी, फोलिक एसिड, विटामिन सी और बी12 की कमी।
हीमोग्लोबिन का स्तर गिरने के और कारण भी हो सकते हैं जैसे कि सर्जरी के कारण अत्यधिक खून का बहना, लगातार रक्त दान, बोन मेरो की बीमारियां, कैंसर, गुर्दों की समस्याएं, गठिया, मधुमेह, पेट के अल्सर और पाचन तंत्र की अन्य बीमारियां।
एनीमिया का आयुर्वेदिक इलाज
ज्यादातर मामलों में, कम हीमोग्लोबिन कम लाल रक्त कोशिकाओं की वजह से भी हो सकता है। हीमोग्लोबिन में गिरावट का कारण जानकर और डॉक्टर से परामर्श करने के बाद, आप इन घरेलु नुस्खों को आज़मा सकते हैं। हीमोग्लोबिन बढ़ने का समय आपके हीमोग्लोबिन में गिरावट के कारण और कितनी बार आपके डॉक्टर चेक करते हैं उस पर निर्भर करता है।

आयरन युक्त खाद्य पदार्थ का करें सेवन
राष्ट्रीय एनीमिया एक्शन कॉउंसिल के अनुसार,आयरन की कमी हीमोग्लोबिन के स्तर के काम होने का सबसे प्रमुख कारण है। ज्ञात हो कि आयरन हीमोग्लोबिन उत्पादन में एक महत्वपूर्ण तत्व है। जिगर, लाल मांस, झींगा, टोफू, पालक, बादाम, खजूर, मसूर, पौष्टिक नाश्ता अनाज, बादाम, कस्तूरी और शतावर कुछ वो चीजें हैं जिनमें आयरन प्रचुर मात्रा में होता है। अतः आप आयरन बढ़ाने के लिए इनका सेवन कर सकते हैं। आयरन सप्लीमेंट भी ले सकते हैं। यदि आप आयरन सप्लीमेंट ले रहे हैं तो आप अपने डॉक्टर से अवश्य कंसल्ट करें क्योंकि कई बार ये देखा गया है कि ज्यादा आयरन शरीर के लिए हानिकारक हो जाता है।

अपने भोजन में विटामिन सी की मात्रा बढ़ाएं
विटामिन सी की कमी के चलते कम हीमोग्लोबिन का स्तर आप सही डाइट और विटामिन सी से युक्त खाद्य प्रदार्थ लेकर सही कर सकते हैं। ज्ञात हो कि बिना विटामिन सी के शरीर सही मात्रा में आयरन को सोख नहीं पाता है। आप अपने भोजन में पपीता, संतरे , नींबू स्ट्रॉबेरी, बेल पेपर, ब्रोकोली, अंगूर, टमाटर और पालक लें इन सभी खाद्य प्रदार्थों में आयरन प्रचुरता में होता है। यदि आप चाहें तो अपने डॉक्टर से कंसल्ट करके विटामिन सी के सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।

भोजन में फोलिक एसिड लें
फोलिक एसिड जो एक बी कॉम्प्लेक्स विटामिन है और जिसका मुख्य कार्य लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण है। अतः यदि शरीर में फोलिक एसिड की कमी होगी तो जाहिर है कि शरीर में हीमोग्लोबिन स्तर की कमी दर्ज करी जाएगी। शरीर में फोलिक एसिड की मात्रा को संतुलित करने के लिए आप हरी पत्तेदार सब्जियों, जिगर, चावल, अंकुरित, सूखे सेम, गेहूं के बीज, दृढ़ अनाज, मूंगफली, केले, ब्रोकोली का सेवन करें। आप चाहें तो अपने डॉक्टर से परामर्श कर फोलेट सप्लीमेंट को 200 से 400 मिलीग्राम की मात्रा में ले सकते हैं।

चुकंदर
प्रायः ये देखा गया है कि हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने के लिए चुकंदर सबसे अच्छा खाद्य प्रदार्थ है। इसमें आयरन, फोलिक एसिड, फाइबर, और पोटेशियम सही मात्रा में होता है। ये शरीर की लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि करता है।

सेब
आप एक सेब खाकर सामान्य हीमोग्लोबिन स्तर को बनाए रख सकते हैं। ज्ञात हो कि सेब में आयरन के साथ स्वास्थ्य के लिए कई अन्य अनुकूल एलिमेंट होते हैं, ऐसे में यदि आप सेब का सेवन करते हैं तो आपके शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बिलकुल सही मात्रा में रहेगा। आप दिन भर में एक सेब अवश्य खाएं (यदि संभव हो तो खाने के लिए हरे सेबों का चुनाव करें ) यदि आप चाहें तो चुकंदर और सेब का जूस भी बना सकते हैं, इसके लिए आपको आधा कप चुकंदर और आधा कप सेब का जूस मिक्स करना होगा इस मिश्रण में आप अदरक और नींबू का अर्क मिलाकर दिन में दो बार सेवन करें।

ब्लैकस्ट्रैप गुड़
एनीमिया से लड़ने के लिए और अपने हीमोग्लोबिन स्तर को बढ़ाने के लिए ब्लैकस्ट्रैप गुड़ एक बेहद कारगर घरेलु नुस्खा है। ब्लैकस्ट्रैप गुड़ में आयरन फोलेट और कई विटामिन बी शामिल हैं जो लाल रक्त कोशिका के उत्पादन को बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं।
1 - आप एक छोटा चम्मच ब्लैकस्ट्रैप गुड़ और एक चम्मच एप्पल साइडर सिरके को एक कप में मिलाएं और उसका सेवन करें।
2 - आप दिन में इसका सेवन एक बार अवश्य करें।

अनार
अनार में आयरनऔर कैल्शियम के साथ-साथ प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर होते हैं जिससे हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद और स्वस्थ रक्त के प्रवाह को बढ़ावा मिलता है। एक अन्य विकल्प के तौर पर आप सूखे अनार के बीज के दो चम्मच पाउडर को गुनगुने दूध के साथ भी ले सकते हैं।

कंडाली
कंडाली एक प्रमुख जड़ी बूटी है जिसका काम हीमोग्लोबिन स्तर को ऊपर उठाना है। इस जड़ी बूटी में आयरन विटामिन सी, विटामिन बी के अलावा कई सारे अन्य विटामिन होते हैं जो आपके हीमोग्लोबिन स्तर को ऊपर उठाते हैं।
1 - आप एक कप गुनगुने पानी में दो चम्मच कंडाली की सूखी पत्तियां डाल के पी सकते हैं।
2 - आप कंडाली की पत्तियों को 10 मिनट पानी में पड़े रहने दें ।
3 - पत्तियां निचोड़ के पानी में एक चम्मच शहद मिलाइये।
4 - इस जूस का सेवन आप दिन में दो बार करें।

आयरन ब्लॉकर्स से बचें
यदि आपका हीमोग्लोबिन स्तर काम है तो आप उन खाद्य प्रदार्थों से बचें जो आपके शरीर में आयरन सोखने की क्षमता को ब्लॉक करते हैं। वो खाद्य प्रदार्थ जो शरीर में आयरन को ब्लॉक करते हैं वे इस प्रकार हैं।
कॉफ़ी, चाय, कोला, वाइन, बियर, ओवर-द-काउंटर एंटाएसिड, कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ जैसे डेयरी उत्पाद या कैल्शियम सप्लीमेंट्स।

व्यायाम
अपने दैनिक जीवन में आप नियमित व्यायाम करने की आदत का शुमार करें। जब आप कसरत करते हैं तब आपका शरीर खुद-ब-खुद हीमोग्लोबिन पैदा करता है जिससे कसरत के दौरान आप बेहतर ढंग से सांस ले पाते हैं और आपका शरीर चुस्त दुरुस्त रहता है। कसरत के दौरान हीमोग्लोबिन उच्च तीव्रता के लिए हमारा सुझाव है कि आप अपने व्यायाम में एरोबिक को अवश्य शामिल करें।

अतिरिक्त टिप्स
- लस युक्त खाद्य पदार्थों से बचें।
- अपने आहार में होल ग्रेन ब्रेड, अनाज और पास्ता को शामिल करें।
- अपनी माहवारी के बाद और गर्भावस्था के दौरान अधिक आयरन युक्त भोजन का उपभोग करें।
- यदि आपके शरीर की ऊर्जा का स्तर कम है तो शरीर के लिए अधिक-काउंटर उत्तेजक लेने से बचें।
- रक्त परिसंचरण में सुधार करने के लिए दिन में दो बार ठंडे पानी से स्नान करें।



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