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जब बात उम्र की आती है तो कई लोग इसे लेकर चिंतित हो जाते हैं, उनके मन में कई धारणाएं पहले से बनी होती हैं जिसके आधार पर उन्हें बढ़ती उम्र की वजह से चिंता होने लगती है।
कुछ लोग तो बहुत ज्यादा नकारात्मक सोच भी बढ़ती उम्र के प्रति रखते हैं। उन्हें लगता है बुढ़ापे पर उन्हें आश्रित रहना पड़ेगा, दूसरों की सेवा लेनी ही पड़ेगी, दूसरों पर बोझ बन जाएंगे आदि।
भाग्यवश, ऐसे लोगों की इस तरह की सोच को दूर करने के लिए कई शोधकर्ताओं ने यह बात सामने लाई है कि ये सब दिमाग का भ्रम होता है।
अगर आप स्वयं में मजबूत हैं तो उम्र का असर आपकी सोच पर नहीं पड़ता है, आपकी बात और निर्णय हमेशा परिवार के लिए महत्वपूर्ण बने रहते हैं जिसके कारण आप कभी उन पर बोझ नहीं लगते हैं।
आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही मिथकों के बारे में, जो वृद्धावस्था के बारे में लोगों की सोच बन जाते हैं:

1. बढ़ती उम्र यानि हमेशा बीमार रहना -
ऐसा बिल्कुल नहीं है। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि शरीर, उम्र बढ़ने के साथ थोड़ा कमतर क्षमता वाला हो जाता है लेकिन अगर आप पोषक तत्वों से भरपूर भोजन खाते हैं और अपना पूरा ख्याल रखते हैं, व्यायाम व योगा करते हैं तो आप बढ़ती उम्र में भी बीमार नहीं पड़ेंगे।

2. बढ़ती उम्र में अपने ही नखरे -
कई लोगों को लगता है उम्र बढ़ने के बाद अपने ही नियम कायदे कानून होते हैं बल्कि ऐसा नहीं है। एक उम्र के बाद लोग स्वभाव में ज्यादा परिवर्तन ले आते हैं और हर नई चीज़ को सीखने का प्रयास करते हैं।

3. हड्डियां कमजोर हो जाती है और जोड़ों में दर्द होता है -
ऐसा हरगिज़ नहीं है, अगर आप अपना पूरा ख्याल रखते हैं तो हड्डियों सम्बंधित कोई भी समस्या शरीर में नहीं होती है।

4. कामेच्छा में कमी -
70 वर्ष की उम्र के बाद कामेच्छा में कमी आ सकती है क्योंकि व्यक्ति को शरीर में अन्य प्रकार की दिक्कतें हो जाती है जैसे- रक्तचाप में उतार-चढ़ाव, मधुमेह, अवसाद आदि। अगर आप व्यायाम करते रहते हैं तो ऐसी समस्या नहीं होगी।

5. आवश्यकताओं में कमी आना -
कई लोगों को लगता है उम्र बढ़ने के बाद आवश्यकताओं में कमी आ जाती है और नींद भी कम ही आती है। हालांकि ऐसा नहीं है।

6. अकेलापन
कई बार उम्रदराज लोग अकेले रहना पसंद करते हैं लेकिन इसका मतलब यह बिलकुल नहीं है कि वो अकेले हैं। कई लोग नौकरी या कुछ न कुछ काम करते रहना भी पसंद करते हैं। उनकी आदत युवावस्था जैसी ही रहती है बस हमारे देखने का नजरिया बदल जाता है।

7. दिमागी क्षमता कम हो जाती है -
वृद्धावस्था में दिमागी क्षमता कम हो जाती है, ऐसा हर किसी के मामले में ठीक नहीं है। कई बुजुर्ग लोगों की मेमोरी बहुत शानदार होती है, उन्हें हर बात याद रहती है।

8. सक्षम न होना -
ऐसा नहीं है, बुजुर्ग लोग अपने आप पर्याप्त सक्षम होते हैं। उन्हें हर काम के लिए अपने ऊपर निर्भर मानना सही नहीं है। उनकी राय और सलाह भी अनमोल होते हैं।

9. खाने-पीने की आदतों को बदलने की आवश्यकता नहीं -
अगर वृद्धावस्था में स्वस्थ रहना है तो खाने पीने की आदतों में बदलाव लाना ही होगा। ध्यान देना होगा कि आपके स्वास्थ्य के लिए क्या लाभप्रद है।

10. उम्र का असर अपरिहार्य है -
ये बेकार बात है। कुछ चीजों को आप नहीं बदल सकते हैं लेकिन सोच, नजरिया और रहन-सहन को हमेशा अच्छा बनाएं रखा जा सकता है।



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