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जानिये बच्चों के फेवरेट न्यूटेला पर क्यूं लगा अचानक बैन
फूड इंडस्ट्री में बहुत कंपीटीशन रहा है। चाहे वो मार्केटिंग स्ट्रेटजी हो या सामान की क्वालिटी, हर चीज आपके प्रतिद्वंदी देख रहे हैं, इसलिए स्टेंडर्ड्स को बनाए रखना एक कठिन काम हो जाता है।
यह वो चीज है जिसमें आपकी प्रतिद्वंदी कंपनी आपको नीचे गिराने में जरा भी नहीं सोचती, और “न्यूटेला” के साथ भी यही हुआ।
अफवाहें आती रहीं हैं कि न्यूटेला के स्वादिष्ट स्टेपल फूड में हानिकारक सामग्री होने के कारण इस पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता है। कई लोगों को तो शायद यह बिलकुल नागवार गुजरे कि न्यूटेला पर प्रतिबंध? इसलिए, आइये देखते हैं कि न्यूटेला पर प्रतिबंध की बातें क्यों सामने आ रही हैं।

न्यूटेला में डाली जाने वाली सामग्री- चीनी, संशोधित ताड़ का तेल, हेजलनट्स, कोको, क्रीम निकाले हुये दूध का पाउडर, मट्ठे का पाउडर, लेसिथिन और वेनिलिन।

पहली दोषयुक्त सामग्री - रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें सोय लेसिथिन है जिसके बारे में बहस छिड़ी हुई है। कहा जा रहा है कि यह नॉन-फ़र्मेंटिड है जिससे यह सही तरह पच नहीं पाता है।

इसके प्रभाव – कुछ एक्स्पर्ट्स कहते हैं कि गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों और स्तन कैंसर पीड़ितों को इस हानिकारक प्रदर्थ का सेवन नहीं करना चाहिए।
दूसरी दोषयुक्त सामग्री – “वेनिलिन” तनाव को दूर करने वाला और मूड को फ्रेश करने वाला पदार्थ है। यह सस्ते केमिकल्स से बनता है। इसलिए, रिपोर्ट्स के अनुसार यह स्वास्थ्य के लिए कई तरह से हानिकारक है।

तीसरी दोषयुक्त सामग्री – इसमें “एमएसजी” होता है जो कि दिमाग में केमिकल्स का स्त्राव करता है जिससे कि इसकी लत लग जाती है। इसके अलावा, सिरदर्द और एलर्जी जैसे रिएक्शन भी इससे होते हैं।

निष्कर्ष
इस प्रसिद्ध उत्पाद के प्रतिबंध के बारे में खबर छापना और बाद में आर्टिकल्स को डिलीट कर देना हम सबको आश्चर्य में डालता है कि कहीं ये विरोधी कंपनियों का मार्केटिंग स्टंट या कोई चाल तो नहीं है। यह एक भ्रम पैदा करता करता है कि ये सच है या झूँठ। खैर, जब तक है तब तो हम इस शानदार प्रॉडक्ट का स्वाद ले लेते हैं, बाद में देखी जाएगी।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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