Latest Updates
-
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण -
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी -
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती
दीवाली की सफाई में गंदे रजाई और कंबल की सफाई करना न भूलें, वरना इस ठंड में दे देंगे इंफेक्शन
How To Clean Blanket At Home: हल्की-हल्की ठंड ने दस्तक देना शुरु कर दिया है। कुछ दिनों में रजाई या कंबल भी बाहर निकल जाएंगे। लेकिन इन्हें इस्तेमाल में लेने से पहले इनकी साफ सफाई जरुर कर लें। वरना गंदे रजाई या कंबल ओढ़ने से आप बीमार पड़ सकते हैं।
जी हां, अंदर पड़े पड़े रजाई या कंबल बैक्टीरिया का घर बन जाता है। आपको रजाई या कंबल में मौजूद धूल से फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन होने का खतरा भी हो सकता है। इसलिए सर्दियां आने से पहले आपको रजाई कंबल की सफाई करना जरुरी हो जाता है।
इस दीवाली की सफाई में आप बाकी घर की सफाई के साथ आसान तरीकों से घर पर ही रजाई और कंबल की सफाई भी करके कई हेल्थ इश्यूज से खुद को और अपने घरवालों को बचा सकते हैं। आज इस आर्टिकल हम जानेंगे कि कैसे महीनों से अलमारी में बंद रजाई या कंबल आपको बीमार कर सकते है और इन्हें साफ करने का तरीका-

हो सकता है ये इंफेक्शन
गंदी रजाई या कंबल आपको साइनस इंफेक्शन दे सकते हैं। साइनस इंफेक्शन होने पर सिर में दर्द, नाक बंद होना, नाक से पानी आना जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। इसके अलावा आपकी त्वचा में धूल या गंदगी के कारण इंफेक्शन हो सकता है, रेडनेस, दाने या खुजली जैसे लक्षण नजर आने पर डर्मेटालॉजिस्ट से संपर्क करें। अगर किसी व्यक्ति को बुखार हुआ है तो बीमारी ठीक होने के बाद आपको रजाई या कंबल को धोकर ही दोबारा यूज़ करना चाहिए नहीं तो इंफेक्शन एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है।
हो सकती है स्किन प्रॉब्लम
आपके रजाई या कंबल के कवर पर बैक्टीरिया के कारण मुंहासे, व्हाइटहेड्स, त्वचा में सूजन और खुजली की समस्या हो सकती हैं। ये मुंहासे या एक्जिमा जैसी त्वचा संबंधी समस्याएं भी पैदा कर सकते हैं या मौजूदा स्थितियों को खराब कर सकते हैं। बैक्टीरिया, धूल के कण, खटमल आपके त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।
गंदी रजाई या कंबल से इंफेक्शन होने के लक्षण
- आपको लेटने के तुरंत बाद खांसी या छींक आना शुरू हो जाए तो समझ जाइए कि रजाई या कंबल गंदा है।
- सुबह-सुबह बुखार महसूस होना या ठंड लगना भी इंफेक्शन के कारण हो सकता है।
- गंदी रजाई ओढ़ने से आपके शरीर पर छोटे-छोटे दाने हो सकते हैं।
- रजाई या कंबल अगर साफ नहीं है तो आपको गले में धूल जाने से थ्रोट इंफेक्शन हो सकता है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- हफ्ते में एक से दो बार रजाई और कंबल को धूप में जरूर लगाएं, इससे उसमें चिपके बैक्टीरिया नष्ट हो जाएंगे। चादर, पिलो कवर, कंबल या रजाई को हफ्ते या दो हफ्ते में एक बार जरूर साफ करें, सफाई के लिए साबुन-पानी का इस्तेमाल करें।
- रजाई या कंबल में बैठकर कुछ भी खाने से बचें, इस कारण चीटियां और कीड़े बिस्तर पर आ सकते हैं और आपको बीमार करने के लिए काफी हैं।
- कंबल या रजाई को बदलते रहना चाहिए, हर मौसम में साफ रजाई या कंबल ही ओढ़ें, वहीं दो से तीन साल में एक बार इन्हें जरुर बदलें।

इन घरेलू उपायों से करें साफ
सर्दियों के कंबल और रजाई काफी भरकम होते हैं, इसे कपड़े की तरह धोकर साफ करना आसान बात नहीं है। कई लोग इसे घर पर धोने के बजाय ड्राई क्लीन करवाते हैं। लेकिन आप इन्हें बिना खर्चे के भी आसानी से धो सकते हैं।
- फैब्रिक फ्रेशनर, फैब्रिक सेनेटाइजर जैसे कई नामों से मार्केट में फैब्रिक स्प्रे आपको आसानी से मिल जाएंगे। यदि आप बिना किसी मेहनत के अपने कंबल को क्लीन करना चाहते हैं, तो यह एक सबसे अच्छा विकल्प है। बस पहले अच्छी तरह से झटक कर ब्लैंकेट की डस्टिंग जरूर कर लें।
- भारी कंबल को साफ करने का सबसे देसी और कारगर उपाय है, इसे धूप में रखें।
- आप छोटे ब्लैंकेट को आसानी से घर में धो सकते हैं। इसके लिए आपको मशीन में आधा गर्म और आधा ठंडा पानी डालना है। इसके बाद ब्लैंकेट को मशीन में डाल दें और 10 मिनट के लिए मशीन में ही रहने दें। इसके बाद साफ पानी से ब्लैंकेट को धोएं और सुखने के लिए डाल दें।
- डस्टिंग के लिए आप इसे पतले लकड़ी के छड़ी से पीट भी सकते हैं। ऐसा करने से ब्लैंकेट एक बार फिर इस्तेमाल के लिए पूरी तरह तैयार होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications