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गर्मी में दही खाना कहीं बन न जाए बीमारी की वजह, जानें एक्सपर्ट की सलाह
Dos and Don'ts of Eating Curd : दही भारतीय भोजन का एक अहम हिस्सा है, खासकर गर्मियों में जब लोग इसे रायता या लस्सी के रूप में खूब खाते हैं। हालांकि, आयुर्वेद के अनुसार दही को हर समय और हर तरीके से खाना सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होता। इसकी तासीर गर्म मानी जाती है और यह पचने में भारी होता है। इसलिए इसे रात में या रोजाना खाने से बचना चाहिए।
आयुर्वेदिक कंसल्टेंट मनीषा मिश्रा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि दही को सही समय, मौसम और तरीके से खाना जरूरी है, तभी इसके लाभ मिलते हैं। गलत तरीके से खाने पर यह पाचन में गड़बड़ी, त्वचा समस्याएं और वजन बढ़ा सकता है।

दही रोज नहीं खाना चाहिए
आयुर्वेद के अनुसार, दही रोजाना सेवन के लिए उपयुक्त नहीं है। यह भारी, चिपचिपा और शरीर की नाड़ियों को बंद करने वाला होता है। दही की अधिकता पाचन तंत्र को बिगाड़ सकती है और इससे शरीर में टॉक्सिन्स का निर्माण हो सकता है।
रात में दही खाना वर्जित
रात के समय पाचन अग्नि (जठराग्नि) कमजोर होती है। दही का सेवन इस समय करने से कफ और बलगम की समस्या, सर्दी-जुकाम और भारीपन महसूस हो सकता है। इसलिए दही को रात के भोजन में शामिल न करें।
दही को कभी गर्म या उबालना नहीं चाहिए
दही को गर्म करने या उबालने से उसके अंदर मौजूद जीवित प्रोबायोटिक्स (गट के लिए फायदेमंद बैक्टीरिया) मर जाते हैं। साथ ही इसका प्रोटीन भी नष्ट हो जाता है, जिससे इसके स्वास्थ्य लाभ कम हो जाते हैं। स्वाद बदलने के लिए कभी-कभी उपयोग करना ठीक है, लेकिन नियमित रूप से नहीं।
गर्मी और शरद ऋतु में दही का सेवन न करें
दही की तासीर गर्म होती है और यह पाचन के बाद अम्लीय (एसिडिक) बनती है। गर्मी और शरद ऋतु में इसका सेवन शरीर में अतिरिक्त गर्मी और एसिडिटी पैदा कर सकता है। इन ऋतुओं में इसके सेवन से स्किन पर एलर्जी, एक्ने, या डलनेस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
किन मौसमों में है फायदेमंद?
दही वर्षा ऋतु और सर्दियों में उपयोगी माना जाता है। मानसून में जब पेट से जुड़ी समस्याएं अधिक होती हैं, तब दही शरीर की आंतरिक फ्लोरा को संतुलित कर पाचन सुधारता है। सर्दियों में भी इसका उपयोग शरीर को गर्म बनाए रखने में मदद करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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