Latest Updates
-
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ से पहले चेहरे पर चाहिए नेचुरल ग्लो? ट्राई करें शहनाज हुसैन के ये 5 होममेड फेस पैक -
Sharad Purnima 2026: 25 या 26 अक्टूबर, कब है शरद पूर्णिमा? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय -
Shamonda Virus: शमोंडा वायरस क्या है और कैसे फैलता है? फ्रांस में पहली बार इंसान संक्रमित, जांच शुरू -
बार-बार सिरदर्द होना हो सकता है इन 6 गंभीर बीमारियों का संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी -
सौंफ और धनिया का पानी पीने से सेहत को मिलते हैं कई फायदे, जानें सेवन का सही तरीका -
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर
पीरियड्स का असहनीय दर्द हो सकता है इस खतरनाक बीमारी का संकेत? जानें लक्षण, कारण और इलाज
Menstrual Pain And Endometriosis: मासिक धर्म के दौरान होने वाला अत्यधिक दर्द सामान्य नहीं हो सकता। अगर दर्द हर माह बढ़ता जा रहा है, तो यह एक गंभीर बीमारी एंडोमेट्रियोसिस का संकेत हो सकता है। देश में 15 से 60 साल की 25 प्रतिशत महिलाएं इससे पीड़ित हैं।
यह कैंसर जैसी बीमारी है जो बहुत ही पीड़ादायक होती है। जानकारी के अभाव में इसका निदान वर्षों तक नहीं हो पाता और ये नासूर बन जाती है।
क्या है एंडोमेट्रियोसिस बीमारी?
उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के एमडी एवं जाने माने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नरेंद्र मल्होत्रा ने हाल ही में हाइब्रिड कांफ्रेंस में बताया कि एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत की तरह का ऊतक शरीर के अन्य हिस्सों जैसे अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब्स, आंत या मूत्राशय में उगने लगता है। मासिक धर्म के दौरान यह ऊतक भी टूटता है, लेकिन बाहर नहीं निकल पाता, जिससे सूजन, जलन और चिपकाव की समस्या हो जाती है। इससे न सिर्फ असहनीय दर्द होता है, बल्कि यह बांझपन का एक प्रमुख कारण भी बन सकता है।
अक्सर नजरअंदाज होते हैं लक्षण
इस रोग के प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं-पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द, पीरियड्स के दौरान तीव्र ऐंठन, अत्यधिक रक्तस्राव, संभोग के दौरान दर्द और गर्भधारण में कठिनाई। कई बार महिलाएं इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे स्थिति बिगड़ती जाती है।
इलाज में देरी बन सकती है परेशानी
कांफ्रेंस में रेनबो आईवीएफ की एमडी एवं बांझपन एक्सपर्ट डॉक्टर जयदीप मल्होत्रा भी आई थीं। उन्होंने इस बीमारी के बारे में बात करते हुए कहा कि इस बीमारी का लैप्रोस्कोपी सबसे विश्वसनीय तरीका है। उन्होंने बचाया कि इलाज में पेनकिलर, हार्मोन थेरेपी और जरुरत पड़ने पर शल्य चिकित्सा की जाती है।

लाइफस्टाइल में करें बदलाव
डॉक्टर जयदीप के अनुसार, अगर पीरियड के दौरान होने वाला दर्द आपकी जीवनशैली को प्रभवित कर रहा है तो इसे गंभीर समस्या समझें। हो सकता है कि आने वाले समय में इस वजह से गर्भधारण में भी दिक्कत आए। उन्होंने ये भी बताया कि ये बीमारी जितनी खतरनाक है अगर उसका समय रहते इलाज कर लिया जाए को नियंत्रित किया जा सकता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए हीटिंग पैड, योग, संतुलित आहार और तनाव प्रबंधन जैसे घरेलू उपायों को आजमाया जा सकता है जो कारगर साबित होंगे। वहीं डॉक्टर की सलाह पर पेशेंट को विटामिन, ओमेगा-3 और मैग्नीशियम सप्लिमेंट भी दिए जा सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
