Endometriosis vs. PCOS : ओवरी से जुड़ी दोनों समस्‍या में कौनसी है ज्‍यादा खतरनाक, जानें लक्षण और इलाज

Endometriosis vs. PCOS : पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) और एंडोमेट्रियोसिस दोनों ही कंडीशन महिलाओं की प्रजनन प्रणाली यानी गर्भाशय से जुड़ी हुई होती है, जो गर्भधारण में अड़चन पैदा करती हैं।

PCOS और एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण काफी हद तक एक समान होते हैं और दोनों ही गर्भाशय से जुड़ी समस्‍या हैं, तो लोग इनमें अंतर नहीं कर पाते हैं। आइए दोनों ही कंडीशन के बारे में जानते हैं और दोनों के लक्षण जानकर इनमें अंतर मालूम करने की कोशिश करते हैं-

Difference Between PCOS And Endometriosis

एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis)

एंडोमेट्रियोसिस की समस्‍या तब होती है जब एंडोमेट्रियम की परत के समान ऊतक गर्भाशय के अंदर से बाहर न‍िकलकर फैलोपियन ट्यूब और अंडाशय के अंदर और बाहर की तरफ असमान रुप से बढ़ने लगती हैं। ज‍िस वजह से महिलाएं गर्भधारण करने में विफल रहती है। इसके अलावा हर बार मासिक धर्म आने पर महिलाओं के पेट में असहनीय दर्द उठता है।

एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण (Endometriosis Symptoms )

- पीरियड के दौरान पेट में दर्द
- सेक्‍स के दौरान दर्द
- पीर‍ियड में ज्‍यादा ब्‍लीडिंग
- पेल्विक एरिया में हर समय दर्द का अहसास होना
- यूरिन या पॉटी करते हुए दर्द
- थकान
- इंफर्टिल‍िटी यानी बांझपन
- थकावट

बचाव या इलाज : इस कंडीशन में डॉक्‍टर को दिखाए और डॉक्‍टर आपको स्‍वस्‍थ जीवनशैली फॉलो करने के साथ ही हार्मोनल थेरेपी के बारे में बताएगी ज‍िससे आप इन लक्षणों को कंट्रोल कर सकें।

 pcos vs endometriosis which is worse

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम ( PCOS)

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी PCOS महिलाओं में होने वाली एक गंभीर समस्या है। यह कंडीशन भी महिलाओं की गर्भाशय से जुड़ी हुई है। यह हार्मोनल डिसबैलेंस की वजह से होता है। ज‍िसमें अंडाशय (ओवेरियन) में छोटे छोटे सिस्ट यानी गांठे बन जाती हैं, जो माहवारी के समय नॉर्मल ओवुलेशन चक्र (अंडाशय के अंडों का निष्क्रिय होना) को प्रभावित करती है। इसके अलावा महिलाओं को लंबे समय तक पीरियड नहीं आते हैं, जो गर्भधारण करने में रुकावट पैदा करता है।

पीसीओएस के लक्षण ( PCOS Symptoms )

- अन‍ियम‍ित माहवारी या माहवारी का देरी से आना
- वजन तेजी से बढ़ना
- चेहरे पर मुंहासे का आना
- पिंगमेंटेशन यानी चेहरे पर झाइयां
- अनचाहे बालों की समस्‍या
- नींद न आना
- सिरदर्द
- पीरियड में कम ब्लीडिंग होना
- मूड स्विंग और गुस्‍सा आना।
- बांझपन की समस्‍या

बचाव : PCOS जैसी समस्‍या से बचने के ल‍िए अक्‍सर महिलाओं को हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल सुधारने की टिप्‍स दी जाती है। साथ ही संतुल‍ित आहार, एक्‍सरसाइज करने और वजन कंट्रोल करने की सलाह भी दी जाती है।

पीसीओएस और एंडोमेट्रियोसिस एक साथ हो सकता है?

हां, पीसीओएस और एंडोमेट्रियोसिस दोनों एक साथ होना संभव है। दोनों ही कंडीशन में महिलाएं बांझपन की समस्‍या से गुजरती हैं। अगर क‍िस महिलाओं की पीरियड अक्‍सर देरी से आते हैं और उसे पेल्विक फ्लोर के आसपास दर्द रहता है, तो उसे दोनों ही बीमारी एक साथ होने की संभावना रहती है। बेहतर इलाज के ल‍िए डॉक्‍टर से म‍िले। दोनों ही समस्‍याओं के इलाज में कंडीशन को ठीक करने के लिए बर्थ कंट्रोल पिल्‍स का इस्‍तेमाल किया जाता है। वहीं, गर्भवती होने की कोशिश करने वाली महिलाओं को डॉक्‍टर हार्मोन थेरेपी और दवाईयों के जरिए इस स्थिति में सुधार लाने की कोशिश करती है। गर्भाशय से जुड़ी समस्‍याओं को दूर करने के ल‍िए अक्‍सर डॉक्‍टर लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का सुझाव भी देती हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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