Scrub Typhus से शिमला में हुई पहली मौत, जानें कैसे बारिश में बीमार कर सकती हैं ये बीमारी आपको

First Scrub Typhus Death Reported in Shimla: हिमाचल प्रदेश के शिमला शहर में स्क्रब टाइफस से पहली मौत की खबर सामने आई हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया क‍ि उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में स्क्रब टाइफस के इलाज के दौरान पंथाघाटी इलाके के 91 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई है।

इससे पहले ह‍िमाचल में 44 स्क्रब टाइफस के मामले म‍िल चुके हैं। इस बीमारी के मामले को देखते हुए महाराष्ट्र, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और स्क्रब टाइफस को लेकर अलट जारी किया गया है।

First Scrub Typhus Death Reported in Shimla

क्‍या है स्‍क्रब टाइफस?

तेज बुखार के साथ होने वाली यह बीमारी आम तौर पर झाड़ियों (स्क्रब) में पाए जाने वाले माइट (चींचड़ा) के काटने से फैलती है। इसलिए इसका नाम स्क्रब टाइफस पड़ा। इस माइट में ओरेंशिया सुसुगेमोसी नामक बैक्टीरिया खून में प्रवेश कर जाता है। बारिश के दिनों में यह संक्रामक बीमारी के मामले ज्‍यादा सामने आते हैं। यह बीमारी पिस्सु के काटने के 10 दिन बाद शरीर पर दिखाई देती है। अगर किसी व्यक्ति को इसने काट लिया है तो उसे ठंड लगने के साथ बुखार लगेगी। इसके अलावा सिरदर्द और बदन दर्द की शिकायत हो सकती है। मांसपेशियों में भी तेज दर्द हो सकता है।

लक्षण

शरीर पर इसके शुरुआती लक्षण कुछ ऐसे दिखाई देते हैं जैसे
- चकत्ते,
- बुखार,
- सिरदर्द,
- शरीर में दर्द और अन्य समस्याएं होती हैं।

इस बीमारी से कैसे?

- चूहा, गिलहरी व खरगोश से दूर रहें
- नंगे पैर घास पर न चलें
- शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें
- घर के आसपास झाड़ियों व घनी घास को साफ करें
- साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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