क्या ज्यादा तनाव लेने से ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है? AIIMS न्यूरोसर्जन ने बताई सच्चाई

Stress And Brain Stroke: पिछले कुछ सालों में ब्रेन स्ट्रोक के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। बता दें कि ब्रेन स्ट्रोक एक ऐसी खतरनाक स्थिति है, जिसमें दिमाग तक पहुंचने वाला खून अचानक प्रभावित हो जाता है। जब ब्रेन को सही मात्रा में ऑक्सीजन और जरूरी पोषण नहीं मिल पाता, तो कुछ ही समय में दिमाग की कोशिकाएं डैमेज होने लगती हैं। यही वजह है कि स्ट्रोक को मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है। आजकल बढ़ते तनाव और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या ज्यादा स्ट्रेस लेने से भी ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। इसी विषय पर एम्स से ट्रेंड न्यूरोसर्जन डॉ. अरुण एल नायक ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर बताया है कि ज्यादा स्ट्रेस के कारण ब्रेन स्ट्रोक आ सकता है या नहीं -

Stress And Brain Stroke

स्ट्रेस कैसे बढ़ाता है स्ट्रोक का खतरा?

डॉक्टरों के मुताबिक, लगातार तनाव में रहना शरीर और दिमाग दोनों पर बुरा असर डालता है। कम उम्र में स्ट्रेस आम लग सकता है, लेकिन लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव धीरे-धीरे कई गंभीर समस्याओं की वजह बन सकता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ना, नींद खराब होना, शरीर में सूजन बढ़ना और ब्लड शुगर अनियंत्रित होना जैसी दिक्कतें शुरू हो सकती हैं। साथ ही, कई लोग तनाव में गलत खानपान और धूम्रपान जैसी आदतों का शिकार भी हो जाते हैं, जो स्ट्रोक के खतरे को और बढ़ा देती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ज्यादा तनाव की स्थिति में दिल तेजी से काम करने लगता है, जिससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन पर दबाव बढ़ता है। इसी कारण खून के थक्के बनने का खतरा बढ़ सकता है, जो हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। कई रिसर्च में भी स्ट्रेस, दिल की बीमारी और स्ट्रोक के बीच गहरा संबंध देखा गया है।

मेंटल हेल्थ पर प्रभाव

तनाव का असर सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पूरी लाइफस्टाइल को बिगाड़ देता है। स्ट्रेस में रहने वाले लोग अक्सर एक्सरसाइज से दूरी बना लेते हैं, नींद पूरी नहीं ले पाते और कई बार नशे की आदतों की तरफ बढ़ने लगते हैं। यही वजह है कि डॉक्टर तनाव को समय रहते कंट्रोल करने की सलाह देते हैं।

ब्रेन स्ट्रोक के शुरुआती संकेत - Early Signs Of Brain Stroke In Hindi

ब्रेन स्ट्रोक आने से पहले शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अचानक हाथ, पैर या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी महसूस होना इसका आम लक्षण माना जाता है। कई बार व्यक्ति को बोलने या शब्द साफ तरीके से समझाने में भी परेशानी होने लगती है। इसके अलावा, अचानक तेज सिरदर्द होना, आंखों के सामने धुंधलापन आना या ठीक से दिखाई न देना भी स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। कुछ लोगों का शरीर का संतुलन बिगड़ने लगता है और चलते समय चक्कर या लड़खड़ाहट महसूस होती है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी माना जाता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Friday, May 29, 2026, 11:17 [IST]
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