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Satyapal Malik Death Reason: पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का हुआ निधन, इस बीमारी ने ली जान
Former Governor Satya Pal Malik Death: राजनीतिक जगत से लगातार बुरी खबरें आ रही हैं। बीते दिन यानी 4 अगस्त को झारखंड के एक्स सीएम शिबू सोरेन का निधन हो गया। आज जम्मू-कश्मीर, गोवा, बिहार और मेघालय जैसे राज्यों में राज्यपाल रह चुके पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Satya Pal Malik) के निधन की खबर ने देश को गमगीन कर दिया है। सत्यपाल मलिक का निधन देश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है। 79 वर्षीय मलिक लंबे समय से बीमार चल रहे थे और दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
उनके निधन की खबर से राजनीतिक जगत में शोक की लहर है। सत्यपाल मलिक का लंबी बीमारी की वजह से निधन हुआ है, शिबू सोरेन और सत्यपाल के निधन में उनकी बीमारी कॉमन वजह है। आइए जानते हैं कि किस बीमारी ने सत्यपाल मलिक की जान ली और इसके लक्षण, कारण और बचाव कैसे किया जा सकता है।

इस बीमारी से जूझ रहे थे सत्यपाल मलिक
सत्यपाल मलिक किडनी संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। इस वजह से 11 मई 2025 को उन्हें दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती भी करवाया गया था। पहले तो उन्हें यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) की परेशानी बताई गई लेकिन बाद में टेस्ट के दौरान पता चला कि उनकी किडनियों ने काम करना बंद कर दिया है। बता दें कि झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन की भी डेथ किडनी की बीमारी की वजह से ही हुई थी।
किडनी फेल होने के प्रमुख कारण
अनकंट्रोल्ड डायबिटीज - लंबे समय तक शुगर का हाई रहना किडनी की रक्त वाहिनियों को नुकसान पहुंचाता है।
हाई ब्लड प्रेशर - लगातार हाई BP से किडनी को नुकसान होता है।
पेनकिलर या दवाओं का ओवरयूज़ - कुछ दवाएं, खासकर NSAIDs (जैसे ibuprofen) किडनी को नुकसान पहुंचाती हैं।
पानी की कमी - पर्याप्त पानी न पीने से किडनी विषैले तत्वों को नहीं निकाल पाती।
यूरिन इंफेक्शन का इग्नोर करना - बार-बार UTI को अनदेखा करने से किडनी तक संक्रमण पहुंच सकता है।
हार्ट डिजीज - दिल और किडनी की हेल्थ एक-दूसरे से जुड़ी होती है।
ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन - ये किडनी पर दबाव बढ़ाते हैं।
जेनेटिक या जन्मजात समस्याएं - कुछ लोगों में किडनी डिसऑर्डर जन्म से होते हैं।
किडनी फेलियर के शुरुआती लक्षण
बार-बार थकावट और कमजोरी
चेहरे, हाथ-पैर या पैरों में सूजन
भूख न लगना या उल्टी जैसा महसूस होना
यूरिन में बदलाव (रंग, मात्रा, बारंबारता)
सांस फूलना
नींद में दिक्कत
ब्लड प्रेशर का बार-बार बढ़ना
कमर के निचले हिस्से में दर्द
बचाव के उपाय (Prevention Tips)
डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें
दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं
जंक फूड और बहुत ज्यादा नमक से परहेज करें
पेनकिलर्स और दवाएं डॉक्टर की सलाह से ही लें
नियमित रूप से यूरिन और ब्लड टेस्ट कराएं (क्रिएटिनिन, यूरिया)
शारीरिक गतिविधि रखें - योग, वॉक आदि
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं
UTI जैसे संक्रमण का समय पर इलाज कराएं
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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