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पटना में सेप्टिक गैस में दम घुटने से 4 की मौत, इस जहरीली गैस की वजह से जाती हैं हर साल कई जान
Four workers die Inside septic tank at patna : बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर से सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान 4 सफाईकर्मियों की मौत हो गई है। सालभर मेंसेफ्टिक टैंक में सफाई के वजह से कई सफाईकर्मी मौत के हत्थे चढ जाते हैं। हर साल सैंकड़ों सफाईकर्मियों की मौत सेफ्टिक टैंक में होती है।
कई बार ये विषय मुद्दा बन चुका है बावजूद इसके कई कर्मचारी अपनी जान गवां देते हैं। दरअसल कर्मचारियों की जान जाने के पीछे सेफ्टिक टैंक में बनने वाली एक जहरीली गैस है। आइए जानते हैं कि चार मजदूरों की मौत सेप्टिक टैंक में कैसे हुई होगी और सेप्टिक टैंक में उतरते समय क्या सावधानी रखनी चाहिये।

ये गैस निकलती हैं सेप्टिक टैंक?
सेप्टिक टैंक हमेशा बंद रहता है, ऐसे में सीवरेज और गंदे पानी की वजह से टैंक में मीथेन गैस बनने लगती है। जब कभी सफाईकर्मी सेप्टिक टैंक में उतरता है, तो मीथेन गैस की गंध की तीव्रता सांस लेने की वजह से सीधे दिमाग में प्रवेश कर जाती है, जिससे व्यक्ति बेहोश हो जाता है। वहीं सेफ्टी टैंक के अंदर बेहोश होने पर इंसान की मौत हो जाती है। मीथेन (CH4) एक रंगहीन, गंधहीन और अत्यधिक ज्वलनशील गैस है। यह कार्बन और हाइड्रोजन से बनी होती है।
आंखों और फेफड़े के लिए खतरनाक
सेप्टिक टैंक में गंदे पानी के कारण भी मीथेन बनने लगती है। जब यह गैस शरीर के संपर्क में आती है, तो आंखों में जलन, गले में खराश, सांस की तकलीफ और खांसी होने लगती है। इससे तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) प्रभावित होता है। इसके अलावा यह गैस गै फेफड़े और मस्तिष्क पर प्रभाव डालती है, जो मृत्यु की वजह बनती है। इसी जहरीले गैस की चपेट में आने से सेफ्टिक टैंक में सफाई करने वाले कर्मचारियों के मौत के मामले सामने आते हैं।
इन बातों का रखना होगा ध्यान
- सेप्टिक टैंक में उतरने से पहले इसे आधा घंटा तक ढक्कन हटाकर खोलकर इंतजार करना चाहिए, इसके बाद ही नीचे उतरना चाहिए।
- वहीं जहरीली गैस है या नहीं इसकी जांच करने के लिए माचिस की जलती हुई तीली डालकर देखना चाहिए। इस दौरान अगर आग जलती है, तो समझना चाहिए कि गैस है। ऐसी स्थिति में मेनहोल को खुला छोड़ने के बाद उसमें पानी का छिड़काव करना चाहिए।
- सेफ्टी के लिहाज से कर्मचारी को मुंह पर ऑक्सीजन मास्क और सेफ्टी बेल्ट लगाने के बाद ही उतारना चाहिए।
- कर्मचारियों को कमर में रस्सी बांधकर उतरना चाहिए ताकि इमरजेंसी सिचुएशन में साथ में खड़ा साथी उसे तुरंत बाहर निकाल सकें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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