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Good Friday के पवित्र दिन ईसाई क्यों खाते हैं मछली जबकि मांस खाना है मना, ये है वजह...
Why Do People Eat Fish on Good Friday : गुड फ्राइडे यानी होली फ्राइडे ईसाई धर्म के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। इस साल गुड फ्राइडे 29 मार्च को हैं मनाया जाएगा।माना जाता है कि गुड फ्राइडे के दिन ही ईसा मसीह को क्रूस पर चढ़ाया गया था। गुड फ्राइडे लेंट के अंत का भी प्रतीक है, जिसके दौरान ईसाई 40 दिनों तक उपवास करते हैं।
कुछ लोग इस दिन भी उपवास रखते हैं और शाम को तोड़ते हैं। इस दौरान फास्टिंग में ईसाईयों में मांस खाना वर्जित होता है। लेकिन फल, सब्जियां, मछली, दूध, अंडों और गेंहू का सेवन जरूर किया जाता है। लेकिन इस दिन ईसाई धर्म में फिश खाने की परंपरा हैं।

आइए जानते हैं कि ईसाईयों के इतने पवित्र दिन के मौके पर जब मांस खाना वर्जित है तो क्यों फिश यानी मछली खाई जाती हैं?
गुड फ्राइडे पर क्या खाते हैं क्रिश्चन?
गुड फ्राइडे के दिन खाया जाने वाला 'हॉट क्रॉस बन पूरी दुनिया में मशहूर है। लोग इसे नाश्ते में अंडे की भुर्जी, श्रिंप, लॉबस्टर और फिश टैकोस के साथ खाते है। इस दिन चर्च एक कड़वी ड्रिंक को सिरके से तैयार किया जाता है। जिसे लोग चर्च में प्रेयर के बाद पीते हैं।
गुड फ्राइडे पर क्या नहीं खाना चाहिए?
गुड फ्राइडे में मीट की जगह मछली खाने की परंपरा है। ईसाइयों के अनुसार, यीशु ने उस दिन अपने शरीर का बलिदान दिया था जिसे अब गुड फ्राइडे के नाम से जाना जाता है। यही कारण है कि परंपरागत रूप से, लोग गुड फ्राइडे के दिन मांसाहार से परहेज करते हैं।
मछली को एक अलग प्रकार के मांस के रूप में देखा जाता है, और इसलिए गुड फ्राइडे के दिन इसे खाने का रिवाज है। इस दिन मटन, मीट, पोर्क और बीफ किसी भी तरह का मीट नहीं खाया जाता है।
क्यों खाई जाती है गुड फ्राइडे पर फिश?
ईसाई और कैथोलिक लोग इस दिन मांस की जगह मछली खाते हैं। मछली एक समुद्र जीव है। ईसाई धर्म में इसे अलग तरह का मांस माना जाता है। मछली के आकार को एक सीक्रेट सिंबल यानी गुप्त प्रतीक के तौर पर भी माना जाता है। जब ईसाईयों के धर्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, तो मछली के आकार से ही ईसाइ एक-दूसरे की पहचान कर पाते थे। ईसा मसीह में विश्वास करने वालों में एक अच्छी संख्यां मुछआरों की भी थी।
इसके अलावा उस दौरान मीट को एक विशेष व्यंजन का दर्जा हासिल था। जबकि मछली एक ऐसी चीज थी जो न केवल आसानी से मिल जाती थी बल्कि आम जनता इसे खरीद सकती थी।
ये भी है एक वजह
इस दिन मछली खाने का एक अन्य कारण यह भी है कि मछली को ठंडे खून (Cold Blooded) वाला आहार माना जाता है जबकि अन्य मांस को गर्म खून वाला माना जाता है, जो व्रत करने वाले लोगों के लिए अच्छा नहीं है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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