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World Health Day Sanskrit Wishes : आरोग्यं परमं भाग्यं.. इन संस्कृत श्लोकों से दें अच्छी सेहत की शुभकामनाएं
World Health Day 2025 Quotes in Sanskrit : हर साल 7 अप्रैल को दुनियाभर में वर्ल्ड हेल्थ डे (World Health Day) मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना होता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि "जान है तो जहान है" केवल कहावत नहीं, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई है। प्राचीन शास्त्रों और पुराणों में भी अच्छे स्वास्थ्य को सर्वोच्च धन बताया गया है।
संस्कृत में ऐसे कई श्लोक हैं जो मानव शरीर, योग, स्वास्थ्य और पारस्परिक संबंधों की महत्ता को दर्शाते हैं। इस अवसर पर हम आपके साथ कुछ विशेष संस्कृत श्लोक साझा कर रहे हैं जो स्वास्थ्य के महत्व की गहराई से सीख देते हैं।

Happy World Health Day 2025 Wishes in Sanskrit
1. व्यायामं कुर्वतो नित्यं विरुद्धमपि भोजनम् ।
विदग्धमविदग्धं वा निर्दोषं परिपच्यते ॥
भावार्थ : व्यायाम करने से मनुष्य गरिष्ठ, जले हुए अथवा बासी किसी भी तरह के भोजन, चाहे वह भोजन उसकी प्रकृति के विरुद्ध क्यों ना हो, अच्छी तरह पचा सकता है। व्यायाम करने से वह भोजन उसे कोई हानि नहीं पहुंचाता बल्कि उस भोजन का सही रूप से पाचन हो जाता है।
2. शरीरोपचयः कान्तिर्गात्राणां सुविभक्तता।
दीप्ताग्नित्वमनालस्यं स्थिरत्वं लाघवं मृजा ॥
भावार्थ :व्यायाम से शरीर बढ़ता है । शरीर की कान्ति वा सुन्दरता बढ़ती है । शरीर के सब अंग सुड़ौल होते हैं । पाचनशक्ति बढ़ती है । आलस्य दूर भागता है । शरीर दृढ़ और हल्का होकर स्फूर्ति आती है । तीनों दोषों की (मृजा) शुद्धि होती है।
3. व्यायामात् लभते स्वास्थ्यं दीर्घायुष्यं बलं सुखं।
आरोग्यं परमं भाग्यं स्वास्थ्यं सर्वार्थसाधनम् ॥
भावार्थ : व्यायाम करने से स्वास्थ्य मिलता है। लंबी आयु प्राप्त होती है और सुखी जीवन प्राप्त होता है। निरोगी रहना परम सौभाग्य का प्रतीक है और व्यायाम करने से स्वास्थ्य संबंधी यह सभी कार्य सफल सिद्ध होते हैं।
4. योगस्थः कुरु कर्माणि सङ्गं त्यक्त्वा धनञ्जय।
सिद्ध्यसिद्ध्योः समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते ॥
भावार्थ : आपको अपने रोजमर्रा के कर्तव्यों को निभाने में ईमानदार होना चाहिए। आपको सफलता और असफलता के मोह को त्याग देना चाहिए। ऐसा संतुलन योग के जरिए हासिल किया जा सकता है।
5. श्रमक्लमपिपासोष्णशीतादीनां सहिष्णुता।
आरोग्यं चापि परमं व्यायामदुपजायते ॥
भावार्थ : श्रम थकावट ग्लानि (दुःख) प्यास शीत (जाड़ा) उष्णता (गर्मी) आदि सहने की शक्ति व्यायाम से ही आती है और परम आरोग्य अर्थात् स्वास्थ्य की प्राप्ति भी व्यायाम से ही होती है ।
6. भोजनाग्रे सदा पथ्यं लवणाद्रकभक्षणम्।
अग्निसन्दीपनम् रूच्यं जिह्वाकण्ठविशोधनं ॥
भावार्थ : आप कोई भी भोजन शुरू करने से पहले ताजे अदरक को सेंधा नमक पाउडर के साथ खाना चाहिए। यह आपके पाचन को बढ़ावा देने में मदद करेगा, आपके गले और जीभ को साफ करेगा, और आपकी स्वाद कलियों को भी सक्रिय करेगा।
7. पुनर्वित्तं पुनर्मित्रं पुनर्भार्या पुनर्मही।
एतत्सर्वं पुनर्लभ्यं न शरीरं पुनः पुनः ॥
भावार्थ : जीवन में सब कुछ वापस पाया जा सकता है- पत्नी, राज्य, मित्र और धन। केवल एक चीज जिसे आप कभी वापस नहीं पा सकते हैं वह है आपका शरीर। एक बार आपका शरीर/स्वास्थ्य खो जाने के बाद, यह फिर से अपनी पूर्णता तक नहीं पहुंच सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप रोजाना अपने शरीर की देखभाल करें।
8. समदोषः समाग्निश्च समधातुमलक्रियः।
प्रसन्नात्मेन्द्रियमनाः स्वस्थ इत्यभिधीयते ॥
भावार्थ : जिस मनुष्य के दोष वात, पित्त और कफ, अग्नि (जठराग्नि), रसादि सात धातु, सम अवस्था में तथा स्थिर रहते हैं, मल मूत्रादि की क्रिया ठीक होती है और शरीर की सब क्रियायें समान और उचित हैं, और जिसके मन इन्द्रिय और आत्मा प्रसन्न रहें वह मनुष्य स्वस्थ है ।
9. न चैनं सहसाक्रम्य जरा समधिरोहति।
स्थिरीभवति मांसं च व्यायामाभिरतस्य च ॥
भावार्थ : व्यायामी मनुष्य पर बुढ़ापा सहसा आक्रमण नहीं करता, व्यायामी पुरुष का शरीर और हाड़ मांस सब स्थिर होते हैं।
10. स्वस्तिप्रजाभ्यः परिपालयन्तां न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः।
गोब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु॥
भावार्थ : सभी लोगों की भलाई शक्तिशाली नेताओं द्वारा कानून और न्याय के साथ हो।
सभी दिव्यांगों और विद्वानों के साथ सफलता बनी रहे और सारा संसार सुखी रहे।
11. प्राता रत्नं प्रातरित्वा दधाति
भावार्थ : प्रातःकाल उठने वाले अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त करतें है।
12. अमृतत्वस्य तु नाशास्ति वित्तेन।
भावार्थ : धन से अमरत्व प्राप्त नहीं किया जा सकता।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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