हार्ट स्पेशलिस्ट की 39 की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से मौत, जानें कैसे रखें दिल को हेल्दी?

Cardiac Arrest Symptoms in Hindi: हार्ट संबंधी रोगों को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है, क्योंकि कम उम्र में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के केस लगातार बढ़ रहे हैं। हाल ही में 39 साल के एक हार्ट स्पेशलिस्ट की कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत ने सभी को चौंका दिया। दरअसल, लोगों के मन में सवाल उठने लगे कि खुद हार्ट स्पेशलिस्ट भी ऐसी गंभीर बीमारी से दुनिया को अलविदा कह रहे हैं जो हेल्दी हार्ट के लिए दूसरों को राय देते हैं। ऐसे में आम लोग जिन्हें ये पता ही नहीं है कि स्वस्थ दिल के लिए क्या करें उन्हें लेकर तो चिंता करना स्वाभाविक है। अब ये जानने की जरूरत है कि कैसे कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या किया जाए?

इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसी घटनाओं का समय रहते कोई समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में परेशानी बढ़ सकती है। आज हम जानेंगे कि कार्डियक अरेस्ट के कारण, शुरुआती संकेत और दिल को स्वस्थ रखने के महत्वपूर्ण उपाय। साथ ही कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में क्या अंतर है?

Cardiac Arrest Symptoms in Hindi

कार्डियक अरेस्ट क्या है?

कार्डियक अरेस्ट एक गंभीर स्थिति है जिसमें हृदय अचानक धड़कना बंद कर देता है। इससे शरीर के अंगों तक खून का संचार रुक जाता है और व्यक्ति कुछ ही मिनटों में बेहोश हो सकता है। अगर समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित होता है।

कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में फर्क

हार्ट अटैक - जब हृदय की किसी धमनियों में रुकावट (ब्लॉकेज) आ जाती है और खून का प्रवाह बाधित हो जाता है।

कार्डियक अरेस्ट - हृदय की विद्युत प्रणाली (Electrical system) अचानक फेल हो जाती है और दिल की धड़कन बंद हो जाती है।

कम उम्र में कार्डियक अरेस्ट के मुख्य कारण

तनाव और डिप्रेशन - मानसिक दबाव दिल पर सीधा असर डालता है।
अनहेल्दी डाइट - ज्यादा जंक फूड, तैलीय और मीठा खाना।
लाइफस्टाइल डिसऑर्डर - नींद की कमी, देर रात जागना, शराब व धूम्रपान।
ज्यादा वजन और मोटापा - हार्ट की कार्यप्रणाली पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
शारीरिक निष्क्रियता - नियमित व्यायाम न करने से हृदय कमजोर पड़ जाता है।
जिनेटिक फैक्टर - परिवार में हृदय रोग का इतिहास।

कार्डियक अरेस्ट के शुरुआती लक्षण

तेज धड़कन या धड़कन का अनियमित होना।
अचानक चक्कर आना या बेहोश होना।
सांस लेने में तकलीफ।
सीने में तेज दर्द या दबाव महसूस होना।
अत्यधिक थकान।

दिल को हेल्दी रखने के उपाय

संतुलित आहार लें - सब्जियां, फल, साबुत अनाज, नट्स और हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं।
नियमित व्यायाम करें - रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक, योग या हल्की एक्सरसाइज करें।
तनाव प्रबंधन - ध्यान (Meditation), प्राणायाम और योग अपनाएं।
धूम्रपान और शराब से दूरी - यह दिल की धमनियों को तेजी से कमजोर करता है।
नियमित हेल्थ चेकअप - ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल लेवल समय-समय पर जांचते रहें।
पर्याप्त नींद लें - रोजाना 7-8 घंटे की नींद हृदय को स्वस्थ रखती है।
वजन नियंत्रित रखें - मोटापा हृदय रोगों का बड़ा कारण है।

आपातकालीन स्थिति में क्या करें?

अगर किसी को अचानक कार्डियक अरेस्ट हो जाए तो तुरंत CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) शुरू करें।
पास में ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफ़िब्रिलेटर (Automated External Defibrillator) (AED) हो तो उसका उपयोग करें।
तुरंत नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, August 31, 2025, 11:33 [IST]
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