Latest Updates
-
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय -
World Digestive Health Day: क्यों मनाया जाता है विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस? जानें इस दिन का महत्व और इतिहास -
Grandma Style Aloo Baingan Recipe: दादी के हाथों जैसा चटपटा और लाजवाब स्वाद -
क्या ज्यादा तनाव लेने से ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है? AIIMS न्यूरोसर्जन ने बताई सच्चाई -
June 2026 Vrat Tyohar: निर्जला एकादशी से लेकर वट पूर्णिमा तक, जून के महीने में आएंगे ये प्रमुख व्रत-त्योहार
ज्यादा टीवी दिल को करे बीमार

एमआरसी के शोधकर्ताओं ने करीब एक दशक तक नोरफोल्क के मध्यम आयु के 13,197 स्वस्थ स्त्री-पुरुषों पर अध्ययन किया। अध्ययन में पता चला कि 373 प्रतिभागियों की मौत दिल की बीमारी से हुई।यह देखा गया कि दिल की बीमारी से होने वाली मौतों और टीवी के सामने बिताए जाने वाले समय के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध है।
वेबसाइट 'डेली मेल डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यदि टेलीविजन देखने के समय को प्रति दिन चार घंटे से घटाकर एक घंटे तक किया जाए तो मृत्यु की आशंका दूर की जा सकती है।सह-अध्ययनकर्ता डॉ. कैटरीन विजनडेली का कहना है कि हमारा शरीर लंबी अवधि तक बैठने के लिए अनुकूल नहीं होता इसलिए हमें इसके प्रति जागरूक रहना चाहिए। लंबी अवधि तक टीवी देखने से दिल की बीमारी की आशंका बढ़ जाती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications