डायबिटीज़ (मधुमेह) के रोगियों में दिल की बीमारी के लक्षण

By Staff
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यदि डायबिटीज़ को अनदेखा किया जाए और समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह बहुत घातक हो सकता है। एक अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार यदि आप सतर्क रहे तो हार्टअटैक को टाला जा सकता है।

इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लगभग 80% प्रतिशत डायबिटीज़ से ग्रस्त व्यक्तियों को दिल की बीमारी होती है। डायबिटीज़ से ग्रस्त कई व्यक्तियों में दिल की बीमारी के कोई लक्षण नहीं दिखाई देते। इसे अक्सर साइलेंट हार्ट डिज़ीज़ कहा जाता है।

डायबिटीज़ से ग्रस्त मरीजों को नियमित तौर पर अपनी जांच करवानी चाहिए ताकि कोई बड़ी समस्या न आए। यद्यपि आप अपने भाग्य को नहीं बदल सकते परन्तु उपचार के द्वारा समस्या को कम किया जा सकता है या उन्हें टाला जा सकता है।

Heart attack

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कुछ निश्चित लक्षणों को अनदेखा नहीं करना चाहिए। न ही इनके बारे में असावधानी बरतनी चाहिए न ही इनके प्रति आलस दिखाकर इसे टालना चाहिए।

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नीचे कुछ लक्षण दिए गए हैं जिन्हें अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। देखें कि यदि आपमें या आपके किसी निकट के व्यक्ति में ये लक्षण तो नहीं दिखाई दे रहे: 

Heart attack 1

कोरोनरी हार्ट डिज़ीज़ (सीएचडी)

एनजाइना, जिसे सीने का दर्द या सीने में असुविधा महसूस होना भी कहा जाता है तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों को आक्सीजन युक्त रक्त नहीं मिल पाता। यह सीएचडी का लक्षण है। आपको छाती में जकड़न, बेचैनी या खिंचाव महसूस होगा। यह आपके हाथ, गर्दन, पीठ, कंधे और जबड़े तक पहुँच सकता है। शुरू में आपको अपचन जैसी समस्या महसूस होगी।

इसका एक मुख्य कारण भावनात्मक तनाव है। आप इसे मांसपेशियों का दर्द समझकर इसे टाल देंगे और केवल थोडा सा आराम करके अपने काम पर वापस लौट जायेंगे। ऐसा न करें! यदि आप डायबिटीज़ के रोगी हैं तो इस प्रकार के दर्द को अनदेखा न करें तथा तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।

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एनी लक्षणों में थकान, अधिक पसीना निकलना, चक्कर आना, सिर दर्द, उल्टी और कमज़ोरी शामिल हैं। कुछ अत्याधिक व्यस्त लोग यह नहीं महसूस कर पाते कि उन्हें सीएचडी है जब तक उन्हें हार्ट अटैक नहीं आ जाता तथा उनके रिश्तेदार कठिन परिस्थिति में नहीं आ जाते। हार्ट अटैक तब आता है जब कोरोनरी धमनी अवरुद्ध हो जाती है तथा यह हृदय की मांस पेशियों तक होने वाले रक्त प्रवाह को अवरुद्ध कर देती हैं।

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सबसे सामान्य लक्षण जो अधिकाँश लोगों में दिखाई देता है वह है छाती में दर्द या या छाती में बाईं ओर बैचनी महसूस होना। यह अस्थिर दर्द की तरह होता है। यह दर्द बहुत हल्का या बहुत अधिक हो सकता है। कभी कभी आपको छाती में जलन या साँस लेने में असुविधा और बेचैनी का अनुभव हो सकता है।

यदि आप पहले से ही हृदय रोगी हैं तो आपको कुछ अन्य लक्षणों का सामना करना पड़ सकता है। डायबिटीज़ से संबंधित मांसपेशियां शरीर के दर्द के संकेतों में बाधा डालती हैं जिसके कारण डायबिटीज़ के मरीजों को बिना किसी लक्षण के भी हार्ट अटैक आ सकता है।

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हार्ट फेल होना

यह आजकल एक आम समस्या हो गयी है जो सांस लेने में तकलीफ, पैर, पेट, एड़ी और नसों में सूजन के कारण होती है। यह सब अधिक ब्लॉकेज होने के कारण होता है जो हृदय को ठीक तरह से कार्य नहीं करने देता। इसके कारण आपको कुछ बेचैनी के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। आगे अधिक कमज़ोरी होने से स्थिति अधिक बिगड़ सकती है। 

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डायबिटिक कार्डियोमायोपैथी

डायबिटिक कार्डियोमायोमायोपैथी को प्रारंभिक चरणों में नहीं पहचाना जा सकता। इस प्रकार की बातों में शरीर को प्रतिक्रिया व्यक्त करने में अधिक समय लगता है। अधिकाँश डायबिटिक मरीजों को जिनमें शुगर का स्तर बहुत अधिक होता है उन्हें उनके शुगर के स्तर के आधार पर इन्सुलिन की दवाई या इंजेक्शन लेने की सलाह दी जाती है।

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डायबिटीज़ के मरीजों में यह लक्षण बाद के चरणों में दिखाई देता है। लोग सोचते हैं कि वे बहुत अधिक सक्रिय हैं परन्तु वे नहीं जानते कि उनके शरीर के अंदर क्या हो रहा है। 40 वर्ष की आयु के बाद प्रत्येक स्त्री पुरुष को हर महीने अपनी जांच करवानी चाहिए।FITNESS

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अत: डायबिटीज़ के रोगियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने शुगर के स्तर का ध्यान रखें तथा हृदय की बीमारी से संबंधित लक्षणों पर ध्यान दें। हृदय की बीमारी को दूर रखने के लिए आपको नियमित तौर पर हृदय की जांच करवानी चाहिए।

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    English summary

    Symptoms Of Heart Diseases In Diabetic

    Read to know what are the symptoms of heart disease in diabetic patients. These are the general symptoms of heart disease in elderly diabetic patients.
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