10 ऐसी बुरी आदतें जो जल्‍दी बूढ़ा करती हैं आपके दिल को

Ways To Keep Your Heart Healthy? | Boldsky

इंसान खुद अपने ही हाथों अपनी सेहत बिगाड़ने में लगा है। न खाने का वक्त, न सोने का ठिकाना और न करसत करना और न ही टहलने जाना। अपनी इन्हीं खराब आदतों के चलते इंसान कम उम्र में ही हृदयाघात जैसी समस्याओं का शिकार हो रहा है। हृदयाघात, स्ट्रोंक जैसी बढ़ती हृदय की समस्याएं हमारी बदलती जीवनशैली की ही देन हैं। आज युवाओं में हृदयाघात जैसी समस्या होना कोई आश्चर्य की बात नहीं।

खान-पान की गलत आदतों से लेकर हमारी आराम तलब जीवनशैली तक इन बीमारियों का कारण है। लेकिन बदलते समय के साथ चलना हमेशा से ही समझदारी माना गया है। इसलिए अच्छा होगा आप सजग हो जाएं और अपना खयाल रखें। आइये जानते हैं कुछ ऐसी आदतों के बारे में जिनसे हृदयाघात यानीहार्टअटैक हो सकता है।

 1. गलत आहार खाना:

1. गलत आहार खाना:

बदलते समय के साथ हमारा आहार भी बदला है। पहले जहाँ हम सादा भोजन खाते थे वहीँ आज हम ज्यादा टला भुना खाने लगे हैं। जिससे ना सिर्फ हमारे स्वस्थ पर असर पड़ा है बल्कि हमारे दिल पर भी पड़ा है। ज्यादा टला भुना खाने में शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह और हाइपरटेंशन की बीमारी होती है।

2. ज्यादा बैठे रहना:

2. ज्यादा बैठे रहना:

देर देर तक बैठ कर काम करना और फिर वहीँ बैठे बैठे खाना। यह सब दिल को कमज़ोर बनाता है। जैसे आज कल रोज़ ऑफिस में बैठ कर काम करते हैं और साथ ही बैठ कर पिज़्ज़ा, बरगुर और समोसा आदि खाते हैं। इससे पेट तो भर जाता है लेकिन साथ ही लगभग 700 कैलोरी भी बढ़ती है। और ऊपर से लम्बे समय तक एक ही जगह बैठे रहना। यह हृदय के स्वास्थ के लिए अच्छा नहीं है।

3. धूम्रपान:

3. धूम्रपान:

धूम्रपान से रक्त का थक्का बनने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है और कोरोनरी आर्टरी के अलावा मस्तिष्क को जाने वाली धमनियां भी प्रभावित होती हैं। थक्का बनने से धूम्रपान करने वाले व्यक्ति में स्ट्रोक या लकवा मारने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके अलावा धूम्रपान से रक्त की प्लेटलेट्स भी नष्ट होती हैं। धूम्रपान खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ावा देता है, जिससे धमनियां सख्त हो जाती हैं। यह खून में पहुंची कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण होता है। धूम्रपान से विटामिन सी की कमी हो जाती है, जिससे धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है।

 4. अति-शराब पीना:

4. अति-शराब पीना:

शराब का सेवन खून में ट्राइग्लाइसिराइड्स (फैट) का स्तर बढ़ाता है, जिसके फलस्वरूप ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल भी प्रभावित होता है। शराब शरीर में जाकर विटामिन बी और सी को नष्ट करती है, जिससे हृदय को इन दोनों विटामिनों से होने वाले फायदे नहीं मिल पाते। एक अध्ययन से पता चला है कि ज्यादा शराब के सेवन से दिल की मासपेशियां कमजोर पड़ने लगती हैं, जिससे हृदय तक पहुंचने वाला रक्त सही गति से उस तक नहीं पहुंच पाता। इसके आलावा इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हाई बीपी भी हो सकता है।

 5. खर्राटे:

5. खर्राटे:

जो लोग खर्राटे लेते हैं वे एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों का जमना) और जिसे दिमाग में रक्त की आपूर्ति कम होती है जिससे आगे चल कर हार्टअटैक भी हो सकता है। इसका कारण मधुमेह और मोटापा भी है।

 6. अत्यधिक व्यायाम:

6. अत्यधिक व्यायाम:

व्यायाम हृदय के लिए अच्छा होता है लेकिन अगर व्यायाम अचानक बहुत ज्यादा किया जाए तो यह घातक भी साबित हो सकता है। जैसे आते ही साथ आप ट्रेडमिल पर जॉगिंग करने लगे बिना अपने शरीर को तैयार किये। इससे शारीरिक के तनाव से छोटी आर्टरीज़ टूट सकती हैं और हार्टअटैक भी हो सकता है।

7. तनाव:

7. तनाव:

तनाव दिल की सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह होता है। तनाव से रक्तचाप और हानिकारक कोलेस्ट्रोल के स्तर में बेहद इजाफा हो जाता है। इन दोनों के चलते व्यक्ति को हार्ट अटैक का खतरा 27 फीसदी तक बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं की मानें तो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल हृदय में रक्त का प्रवाह करने वाली धमनियों में जम जाता है। इससे धमनियां संकरी हो जाती हैं और हृदय को पर्याप्त मात्रा में खून न मिलने से व्यक्ति को हार्ट अटैक होने की आशंका बढ़ जाती है।

 8. अकेलापन:

8. अकेलापन:

हम में से कई लोग कई बार अकेलापन महसूस करते हैं। लेकिन लंबे समय तक अकेलापन और सामाजिक रूप से अलग-थलग रहने से दिल की बीमारियों और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। तनाव और दिल की बीमारियों का गहरा सम्बन्ध है, अकेलापन और सामाजिक रूप से अलग-थलग रहने से दिल की बीमारी का खतरा 29 फीसदी और स्ट्रोक का खतरा 32 फीसदी बढ़ जाता है।

9. दांतों की बीमारी:

9. दांतों की बीमारी:

मसूड़ों में होने वाली बीमारी या दाँतों पर गन्दगी का जमना। यह सब दिल की बीमारी का खतरा है। मुँह के बैक्टीरिया अक्सर पेट में चले जाते हैं जिससे बाद में वे खून में मिल जाते हैं जिससे रक्त कोशिकाओं में थक्का जमने लगता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और ब्लड सर्कुलेशन में भी दिक्कत होती है।

 10. संकेतों पर ध्यान न देना:

10. संकेतों पर ध्यान न देना:

हार्ट की किसी समस्या का पहला संकेत है वह है हांफ भर आना। जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती उस परिस्थिति में ऐसा होता है। इसके अलावा अक्सर आपको गहरी सांस लेने की भी आवश्यकता महसूस होती है। ऐसे में तुरंत इलाज न मिलने पर मरीज़ की मृत्यु भी हो सकती है। दिल की अच्छी सेहत के लिए आपको हमेशा आपको सेहतमंद खानपान और व्यायाम पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा आपकी नज़र अपनी सेहत पे भी बनी रहनी चाहिए।

Story first published: Monday, November 6, 2017, 16:22 [IST]
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