Heat Wave: IMD ने लू से बचने के ल‍िए ओआरएस पीने की दी सलाह, घर में ऐसे तैयार करें घोल

मौसम विभाग ने कई राज्‍यों में लू चलने की चेतावनी जारी करने के साथ ही गर्मी से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीने, ओआरएस और अन्य पेय पदार्थों के सेवन करने की सलाह दी है।

ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्‍ट यानी ओआरएस की मदद से गर्मी में होने वाली दस्‍त, उल्‍टी और अधिक पसीने के वजह से शरीर में आई इलेक्‍ट्रोलाइट की कमी को पूरा किया जा सकता है। इसे पीने से शरीर पर्याप्‍त मात्रा में हाइड्रेड रहता है। गर्मियों में घर के बच्‍चों और बुजुर्गों को इसे खासतौर पर देना चाह‍िए।

वैसे तो ओआरएस मार्केट में आसानी से मिल जाता है, लेकिन इसे आप घर पर भी तैयार कर सकते हैं। जानिए ओआरएस घर पर कैसे बनाएं और इसे बनाते वक्‍त क्या सावधानियां बरतें।

Heat Wave: How to Make Oral Rehydration Salts (ORS) Drink At Home

डिहाइड्रेशन के लक्षण
पानी पीने के बाद भी मूंह का सूखा पड़ना।
* पेशाब का रंग पीला पड़ना।
* आंखें धंस जाना।
* त्वचा में ठंडापन महसूस होना।
* शरीर में कमजोरी होना।

ओआरएस पीने के फायदे
डिहाइड्रेशन से बचाएं
गर्मियों में अक्‍सर ज्‍यादा पसीना निकलने की वजह से शरीर में ग्‍लूकोज और नमक की कमी हो जाती है। जिसकी वजह से डिहाइड्रेशन होने लगता है। ओरआरएस पीने से गर्मी और लू में शरीर हाइड्रेट रहता है।

बच्‍चों की दस्‍त और उल्‍टी रोंके
बच्‍चों को दस्‍त और उल्‍टी होने पर ओआरएस की मदद से दस्‍त के दौरान शरीर में इलेक्‍ट्रोलाइट की कमी को पूरा किया जाता है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) ने भी बच्‍चें में दस्‍त के इलाज के लिए ओआरएस को जरूरी माना है।

एथलीट भी पीएं
जिम और स्‍पोटर्स एक्टिविटी में पसीना बहाने वाले लोगो को भी ओरआरएस की बोतलों को भरकर रखना चाह‍िए।

ओआरएस बनाने का तरीका
एक लीटर पानी को उबालकर ठंडा कर लें। अब एक गिलास में आधा चम्मच नमक और एक चम्मच चीनी लें। अब इसे अच्छी तरह मिला लें। आपका ओआरएस तैयार है। आप चाहें तो थोड़ा नींबू मिला सकते हैं।

Heat Wave: How to Make Oral Rehydration Salts (ORS) Drink At Home

घोल बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
* ओआरएस घोल बनाते समय पूरी साफ-सफाई का ध्यान रखें। खासकर जिस बर्तन और बोतल, गिलास में इसे भर रहे हो। हाथ को भी साफ रखें।
* अगर बच्‍चा इसे पीकर उल्‍टी कर देता है तो थोड़ी देर रुककर उसे एक बार फिर ओआरएस दें।
* 2 साल की उम्र से कम बच्‍चों को उल्‍टी-दस्‍त होने पर 250 मिलीलीटर या आधा कप तक ओआरएस का घोल पिलाना चाह‍िए। इस बात का ध्‍यान रखें क‍ि बच्‍चें के मल त्‍यागने के बाद उसे तुरंत एक खुराक ओआररएस जरुर पिलाएं।
* बच्‍चों या बड़ों को उल्‍टी या दस्‍त शुरू होते ही ओआरएस का घोल दें।
* ओरआरएस का घोल गाढ़ा बनाने से बचें। क्योंकि ओआरएस में पानी का घटक सबसे ज्यादा होता है। इसलिए ओआरएस पाउडर पर्याप्त मात्रा के पानी में मिलाएं।
* अगर आपने घोल बनाते वक्‍त निर्देशानुसार मात्रा में पानी न मिलाया, तो डायरिया होने पर और बढ़ सकता है।
* ओआरएस घोल को केवल पानी के साथ ही बनाएं। इसे दूध, सूप, फलों के रस और सॉफ्ट ड्रिंक के साथ नहीं पीना चाह‍िए। इसमें अतिरिक्‍त चीनी भी नहीं मिलाएं।
* बच्चों को बोलत से पिलाएं। कप का इस्तेमाल न करें तो बेहतर होगा।
डिहाइड्रेशन होने पर मरीज को सादा पानी पिलाने से बचना चाहिए।
* ओआरएस घोल को 24 घंटे से अधिक समय तक ढ़ककर नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे बैक्टीरिया के दूषित होने का खतरा होता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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