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Holi 2024 : होलिका दहन में क्यों गन्ना भूनकर खाया जाता है? धार्मिक और सेहत से जुड़ी है वजह
Sugarcane Significance in Holika Dahan : होली के त्योहार में चंद दिन ही बचे हैं। इस साल 24 मार्च को होलिका दहन और 25 मार्च को धुलंडी खेली जाएगी। देशभर में अलग-अलग क्षेत्रों में होलिका दहन से जुड़े अलग-अलग रिवाज है जो धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से काफी महत्व रखते हैं।
कहीं होलिका दहन पर गोबर के कंडे की मालाएं डालने की प्रथा है। कहीं पर गेंहू की बालियां होलिका दहन की आग में सेंककर खाया जाता है तो वहीं होलिका दहन में उत्तराखंड के कुमांऊ क्षेत्र में और यूपी की कुछ जगहों पर भी गन्ने जलाने की भी मान्यता बताई जाती है।

दरअसल होलिका की आग में गन्ने के अगले हिस्से में गेहूं की बालियां लगाकर उन्हें भूना जाता है और फिर इसे प्रसाद के रुप में खाया जाता है। आइए जानते हैं ऐसा क्यों किया जाता है?
धार्मिक महत्व
होली के मौके पर होलिका दहन में गन्ने रखने की प्रथा सालो से चली आ रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार होली की आग में गन्ना गर्म करके खाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और नकारात्मक दोष दूर होते हैं।
ये हैं वैज्ञानिक कारण
होली त्योहार के समय गेहूं, जौ और गन्ने सहित कई नए फसलों की पैदावार तैयार होती है, जो खुशी और संपन्नता का प्रतीक होता है। ऐसा माना जाता है कि फाल्गुन मास के साथ ग्रीष्म ऋतु का आगमन होता है। मौसम में परिवर्तन के वजह से कई बीमारियां होने का खतरा रहता है। इस वजह से होलिका में जौ, गेहूं की बालियां, चना, काजू, नारियल सहित अन्य चीजें भूनकर खाने से शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती हैं और बीमारियां का खतरा टलता है। मान्यता है कि होलिका की आग पवित्र होती है, जिसमें गन्ने को गर्म करके खाने से शरीर निरोगी रहता है।

ये होते हैं स्वास्थ्य को फायदे
होलिका दहन के आग में गन्ना को सेंककर खाने के कई फायदे होते हैं। इसके सेवन से खून में मौजूद सारी अशुद्धियां खत्म हो जाती हैं। शुगर जैसी कई बीमारियां दूर हो जाती हैं।
ये फायदे भी होते हैं
होलिका दहन की आग में सेंके हुए गन्ना खाने से कई बीमारी खत्म होती हैं। गर्म गन्ना खाने से आहार नली में जमा गंदगी निकल जाती है। इसमें खूब आयरन होता है जो खून की कमी दूर करता है। इसकी ठंडक से मुंह के छाले खत्म होते हैं। दांत भी मजबूत होते हैं। हिंदू धर्म में हर त्योहार के रीति-रिवाज के पीछे कोई न कोई वैज्ञानिक कारण जरुर छिपा हुआ होता है।
डिस्कलेमर : इस खबर में दी गई सभी जानकारियां और तथ्य मान्यताओं के आधार पर हैं। बोल्डस्काई हिंदी सी भी तथ्य की पुष्टि नहीं करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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