Holi 2026: गुजिया बनाने से पहले जान लें, कहीं मावा मिलावटी तो नहीं? इन 3 तरीकों से करें असली-नकली की पहचान

Holi 2026 Real vs Fake Mawa Identification: 4 मार्च 2026 को होली का त्योहार है जो खुशियों और मिठास का संगम माना जाता है। इस दिन रंग-बिरंगे रंगों में सराबोर हो लोग सिर्फ खुशियों का जश्न मनाते हैं। होली हो और गुजिया का जिक्र न हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता है क्योंकि भारतीय घरों में यह मिठास गुजिया के बिना अधूरी मानी जाती है। हालांकि अभी होली आने में टाइम है लेकिन गुजिया बनाने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और मार्केट में मावे का मांग बढ़ गई है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजार में धड़ल्ले से नकली मावा बिकने लगा है जो सेहत का सबसे बड़ा दुश्मन है। क्या आप जानते हैं कि जिस मावे से आप प्यार से गुजिया बना रहे हैं, उसमें चाक, डिटर्जेंट या हानिकारक स्टार्च की मिलावट हो सकती है?

अपनी और अपने परिवार की सेहत से समझौता न करें। गुजिया की फिलिंग तैयार करने से पहले यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि आपका मावा शुद्ध है। आइए जानते हैं वे 3 आसान घरेलू तरीके, जिनसे आप मिनटों में असली और नकली मावे का फर्क पहचान सकते हैं।

1. अंगूठे से करें असली मावे की पहचान

आप गुजिया बनाने की तैयारी कर रहे हैं तो सबसे पहले फिलिंग के लिए जो खोवा आप मार्केट से लाए हैं उसकी शुद्धता की पहचान कर लें। शुद्ध मावे की पहचान का सबसे पुराना और असरदार तरीका उसे महसूस करना है। इसके लिए आप थोड़ा सा मावा अपनी हथेली पर लें और उसे अंगूठे से रगड़ें। यदि मावा रगड़ने पर घी छोड़ने लगे और उसमें से शुद्ध दूध की महक आए, तो वह असली है। वहीं, अगर रगड़ने पर वह चिपकने लगे या उसमें से किसी रसायन जैसी महक आए, तो समझ जाएं कि उसमें मिलावट है।

2. आयोडीन टेस्ट

बाजार में मावे का वजन बढ़ाने के लिए अक्सर उसमें उबले हुए आलू या स्टार्च मिला दिया जाता है। इसे आप घर पर ही मौजूद आयोडीन से पकड़ सकते हैं। इसके लिए एक कप पानी में मावे का एक टुकड़ा उबालें और उसे ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद उसमें 2-3 बूंद आयोडीन की डालें। यदि मावे का रंग नीला या काला पड़ जाता है, तो इसका मतलब है कि इसमें भारी मात्रा में स्टार्च मिलाया गया है। शुद्ध मावा अपना रंग नहीं बदलता।

3. 'चीनी' के साथ घोलकर देखें

मावे में जहरीले रसायनों जैसे डिटर्जेंट या यूरिया की पहचान के लिए यह टेस्ट सबसे कारगर है। इसके लिए आप एक कांच के गिलास में थोड़ा सा मावा लें और उसमें गर्म पानी डालें। अब इसमें थोड़ी सी चीनी डालकर अच्छी तरह हिलाएं। यदि इस घोल के ऊपर झाग बनने लगे, तो यह स्पष्ट संकेत है कि मावे में डिटर्जेंट या वाशिंग पाउडर मिलाया गया है। शुद्ध मावे के घोल में झाग नहीं बनता।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Monday, February 16, 2026, 10:29 [IST]
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