Latest Updates
-
Women's Day Wishes for Wife: इन प्यार भरे संदेशों के साथ अपनी जीवनसंगिनी को दें महिला दिवस की मुबारकबाद -
Eid Kab Hai 2026: भारत में किस दिन दिखेगा ईद का चांद? नोट कर लें ईद-उल-फितर की तारीख -
T20 World Cup 2026: क्या टीम इंडिया फिर रचेगी इतिहास? जानें क्या कहती है डॉ. वाई राखी की भविष्यवाणी -
क्या आप भी हैं 'सुपरवुमन सिंड्रोम' की शिकार? जानें इसका सच और बचने के तरीके -
Women’s Day Wishes For Girlfriend: नारी है शक्ति...इन संदेशों से अपनी गर्लफ्रेंड को दें महिला दिवस की शुभकामना -
Women's Day Special: 30 की उम्र के बाद महिलाएं फॉलो करें ये हेल्थ टिप्स, कई बीमारियों से होगा बचाव -
Rang Panchami 2026: रंग पंचमी पर कर लिए ये अचूक उपाय तो चमक जाएगी किस्मत, वैवाहिक जीवन रहेगा खुशहाल -
8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और इस साल की थीम -
Rang Panchami 2026: कब है रंग पंचमी? जानें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व -
पेट के कैंसर के शुरुआती स्टेज में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, ज्यादातर लोग साधारण समझकर करते हैं इग्नोर
लोगों को क्यों करना चाहिए फ्लॉस?
हर रोज़ फ़्लॉस (लोमक क्रिया) करना, उचित दंत स्वच्छता के लिए एक अनिवार्य तत्व है। यह प्लाक को हटाता है, मसूढ़े और दांतो की बीमारी पैदा करते हैं। अध्ययनों से यह भी पता चला है कि फ़्लॉस (लोमक) स्ट्रोक और दिल के दौरे से भी बचाता है। हर दिन फ्लॉसिंग (लोमक क्रिया) से अपने दांतों का उपचार कीजिये, अपने स्वास्थ्य और मुस्कान में सुधार करने के लिए।
फ्लॉस करने का महत्व-
लोगों को अपने दांतों से, जहाँ टूथब्रश नहीं पहुँच पाता, खाद्य कणों और प्लाक को दूर करने के लिए दिन में कम से कम एक बार फ्लॉस जरूर करना चाहिए। प्लाक, खाई जाने वाली सामग्री की एक चिपचिपी परत होती है जिसमें बैक्टीरिया होते है, वे दंत क्षय का और मसूड़ों की जलन (जिन्जीवाईटिस) का कारण बनते हैं, जो बाद में पेरिओडोंटल रोग पैदा कर सकते हैं।

ब्रश करने के चार घंटे के तुरंत बाद ही प्लाक बनना शुरू हो सकता है। जब प्लाक को निकाला नहीं जाता, तो यह अंततः कड़ा हो जाता है और टार्टार में बदल जाता है। टार्टार केवल एक डेंटिस्ट या हाइजीनिस्ट के द्वारा ही हटाया जा सकता है।
चेतावनी
बहुत खतरनाक बैक्टीरिया टार्टार में निर्मित हो सकते हैं और विषाक्त पदार्थों का उत्पादन शुरू कर सकते हैं। ये विषाक्त पदार्थ व्यक्ति के मसूड़ों में उत्तेजना, जलन, सूजन पैदा करते है जिसे जिन्जीवाईटिस कहते हैं। जिन्जीवाईटिस, पेरीडोन्टाइटिस को जन्म दे सकता हैं, जहाँ यह विषाक्त पदार्थ दांतों को सहारा देने वाली हड्डियों पर आक्रमण करता है। जिससे वह हड्डी खराब हो सकती है, दांत हिलने लगते हैं, यहाँ तक कि दांत गिरने लगते हैं।
विचार करने योग्य बातें
अध्ययनों से यह संकेत दिया जा चुका है कि फ्लॉस(लोमक) स्ट्रोक और दिल के दौरे को रोकने में मदद करता है।, पेरिओडोन्टाइटिस, यहाँ तक कि जिन्जीवाईटिस भी हृदय रोग के लिए मजबूत जोखिम कारक हैं, शरीर में लगातार सूजन और जलन से होने वाले तनाव के कारण। स्ट्रोक रोगियों के एक अध्ययन में, गंभीर पेरिओडोन्टाइटिस को स्ट्रोक की संभावना को बढाने में काफी महत्वपूर्ण पाया गया है।
निवारण / समाधान
फ्लॉसिंग का एक कॉस्मेटिक लाभ भी है। इससे बदसूरत टार्टार का निर्माण बंद हो जाता है, और यह बुरी सांस को भी रोकता है। थोड़ी फ्लॉसिंग करके और जो गन्दगी बाहर निकली है उसे सूंघ कर, यह साबित करना आसान है कि फ्लॉसिंग किस तरह बुरी सांस को रोकता है।
प्रकार
फ्लॉस(लोमक) की कई शैलियों उपलब्ध हैं- वैक्स्ड और अन्वैक्स्ड, व्यापक और नियमित और कुछ स्वाद सुगंध के प्रकार जैसे मिंट और दालचिनी भी मौजूद हैं। ये सब लगभग एक जैसा ही काम करते हैं। यदि किसी के दांतों के बीच में चौड़ी जगह है तो वह चौड़े फ्लॉस(लोमक) का उपयोग कर सकता है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात एक उत्पाद का चयन करना और रोज़ इसका उपयोग करना है ।
कार्य
फ्लॉस(लोमक) को दांतों के बीच ऊपर और नीचे, तथा मसूड़ों और दांतों के बीच के स्थानों पर धीरे-धीरे मला जाना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











