Latest Updates
-
Global Parents Day पर हमारे पहले मेंटर, पहले लीडर और सबसे बड़े सपोर्ट सिस्टम माता-पिता को भेजें ये कोट्स -
World Milk Day पर अपनों को बताएं दूध पीने के 10 बेमिसाल फायदे, हड्डियां रहेंगी वज्र जैसी मजबूत -
Global Parents Day 2026 Wishes: आपकी मुस्कान मेरी खुशी...ग्लोबल पेरेंट्स डे पर माता-पिता को भेजें ये खास संदेश -
MP Style Bafla Recipe: घर पर बनाएं मध्य प्रदेश का मशहूर और पौष्टिक नाश्ता -
World Milk Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व दुग्ध दिवस? जानिए इसका इतिहास, महत्व और थीम -
Aaj Ka Rashifal 01 June 2026: जून के पहले सोमवार इन 5 राशियों की खुलेगी किस्मत, बरसेगी महादेव की कृपा -
Summer Special Tinda Sabzi Recipe: कम मसालों में बनाएं होटल जैसी स्वादिष्ट सब्जी -
आईटी मैनेजर की लाखों की नौकरी छोड़ थामा ऑटो का हैंडल, इस महिला की अनोखी कहानी जीत रही दिल -
Maghi Special Bihar Tilkut Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसा कुरकुरा और स्वादिष्ट तिलकुट -
Summer Hair Care: गर्मियों में बालों के लिए बेस्ट 5 हल्के तेल, बिना चिपचिपाहट के मिलेंगे लंबे और मजबूत बाल
बुराड़ी केस: क्या होता है साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी और साइकोटिक डिसऑर्डर?

दिल्ली के बुराड़ी इलाके में रहस्यमयी तरीकों से एक घर में मिले 11 लाशों से पूरे देशभर में सनसनी फैल गई है। लेकिन एक बाद एक मिल रहे सबूतों से ये केस दिनों दिन पेचीदा होता जा रहा है। अब इस केस को सुलझाने के लिए पुलिस साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी का सहारा लेने जा रही है? जिसके जरिए जानने की कोशिश की जाएगी कि मरने से पहले इन 11 लोगों के दिमाग में किस तरह की बातें चल रही थी और किस तरह की मानसिकता से ये लोग गुजर रहे थे।
इन चीजों को जानने के लिए पुलिस सीसीटीवी कैमरे और फोन पर हुई बातचीत के आधार पर तह तक पहुंचने की कोशिश करेंगी। इस मामले में जो एक बात सामने आई है वो है कि इस परिवार के सभी लोग साइकोटिक डिसऑर्डर यानी साझा मनोविकृति से गुजर रहे थे। इसलिए इस मामले में साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी की जरुरत बढ़ जाती है।

इससे पहले आरुषी हत्याकांड और सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी का सहारा लिया जा चुका है। आइए इस मामले के बहाने जानते है कि साइकॉलोजिकल ऑटोप्सी क्या होती है और कैसे ये काम करती है?
क्या होती है साइकॉलोजिकल ऑटोप्सी?
साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी आत्महत्या के कारणों का मालूम करने का एक फेमस तरीका बनता जा रहा है। मेडिकल साइंस में इसका मतलब होता है, मरने वाले के दिमाग को स्टडी करना यानी मरने से पहले उसके बर्ताब में क्या क्या तब्दीली आई।
साझा मनोविकृति क्या होता है?
Shared Psychosis जिसे साइकोटिक डिसऑर्डर भी कहा जाता है। यानी साझा मनोविकृति ऐसी मानसिक अवस्था है जिसमें कोई एक व्यक्ति भ्रमपूर्ण मान्यताओं का शिकार होता है, वो खुद से जुड़े लोगों तक उसके भ्रम और विश्वास को प्रेषित करने में लग जाता है जब तक कि वो लोग भी उस भ्रम से जुड़े व्यक्ति के विश्वास को मान्यता नहीं दे देते है। यह मनोविकृति धीरे-धीरे एक से दूसरे व्यक्ति में प्रेषित होती है। इस मनोविकृति के लोग अन्य मनोविकृतियों से ग्रसित लोगों की तरह समाज में सामान्य व्यवहार बनाकर रहते है। हालांकि ये एक मनोविकृति है लेकिन कई बार लोगों के सामने खुलकर नहीं आ पाती है।
वास्तविकता से रहते है दूर
साइकोटिक डिसऑर्डर एक ऐसी मनोवृति है जिसमें इससे पीडि़त व्यक्ति का व्यवहार थोड़ा आसामान्य होता है वो ज्यादात्तर भ्रम में ही रहता है और अपने साथ अपने करीबियों को भी उस भ्रम में ले आता है। ये लोग वास्तविक दुनिया के तौर तरीकों को सम्भाल नहीं पाते है क्योंकि उनका भ्रम उन पर इस कदर भारी हो जाता है कि वो उन्हें वास्तविकता के धरातल तक आने नहीं देता है।
कैसे काम करती है साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी?
साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी आत्महत्याओं की जांच करने का तरीका है। इसमें मृतक के परिजनों, दोस्तों, जानने वालों, उसका इलाज करने वाले डॉक्टरों से उसके बारे में बात कर मृतक की मानसिकता का विश्लेषण किया जाता है। इसके अलावा इस विश्लेषण में मृतक के इंटरनेट और सोशल मीडिया प्रोफाइल, उन पर कमेंट्स, फोन कॉल्स और मैसेजेज, पसंद-नापसंद और आमजीवन में व्यवहार संबंधी जानकारी के अलावा फॉरेंसिक जांच की मदद से मृतक की मानसिकता की अवस्था का विश्लेषण किया जाता है।
विदेशों में बहुत फेमस तरीका
विदेशों में बढ़ते आत्महत्या के केसेज में तस्दीक करने के लिए पुलिस साइकोलॉजिकल आटोप्सी एक फेमस तरीका बन गया है। बीते कई सालों में दुनिया के कई देशों में भी आत्महत्या के मामले बढ़े हैं। इन मामलों में आत्महत्या के कारणों को जानने के लिए साइकोलॉजिकल आटोप्सी की मदद ली गई, जिसमें पता चला कि ज़्यादातर मौतों की वजह बेरोज़गारी, अकेलापन, डिप्रेशन, मानसिक विकार और नशे की लत थी।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications