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कहीं भी बैठे हुए अचानक से हिलाने लगते हैं पैर? इसके पीछे है ये बीमारी

जब कभी आप फ्री होते है या किसी गहन चिंता में डूबे होते है तो अक्सर आप पांव हिलाने लगते हैं, धीरे-धीरे ये चीज आपकी आदत में बदल जाती है। आप अपनी इस आदत को तब तक नोटिस नहीं करते हो जब तक कि कोई आपको टोके नहीं। अक्सर घर के बड़े भी बैठे-बैठे पैर हिलाना के लिए टोका करते है। दरअसल पैर नहीं हिलाने के पीछे कई तरह साइंटिफिक कारण होते है, जिस वजह से पैर हिलाने को अच्छे संकेत के तौर पर नहीं देखा जाता है।
कुछ लोग तो इस आदत के इतने आदी हो जाते है कि नींद में या सोते हुए भी वो पांव हिलाते रहते है। दरअसल ये पांव हिलाने की आदत को एक नवर्स सिस्टम से जुड़ी एक बीमारी रेस्टलेस सिंड्रोम के लक्षण के तौर पर देखा जाता है। ज्यादातर यह लक्षण 35 साल से अधिक लोगों में पाए जाते हैं लेकिन आजकल इससे कम उम्र के लोगों को भी यह आदत हो जाती है।

अगर आपको भी बैठ या लेट कर पैर हिलाने की आदत है तो जरा सावधान हो जाइए कहीं पैर हिलाने की ये आदत आपके लिए खतरा न बन जाए। आइए जानते है इसके बारे में कुछ और बातें।
स्टलेस लेग्स सिंड्रोम
एक शोध में मालूम चला है कि बैठे बैठे कहीं भी पैर हिलाने की यह आदत से एक बीमारी का संकेत है, जो आगे चलकर गंभीर परिणाम पैदा करती है मेडिकल साइंस में यह बीमारी 'रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम' RLS के नाम से जानी जाती है जो कि नींद ना आने के वजह से होती है। जब व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान होता है या बचपन से ही उसे नींद ना आने की बीमारी है, तो कुछ समय बाद वह 'रेस्टलेस लेग सिंड्रोम' की चपेट में चला ही जाता है। इस बीमारी से ग्रस्त लोगों को 'कार्डियोवैस्कुलर' संबंधित बीमारियां अपना शिकार बना लेती हैं और लगातार पैर हिलाते रहने से ब्लड प्रेशर के साथ-साथ दिल की धड़कनों की गति भी बढ़ जाती है, जिसकी वजह से आगे चलकर जान जाने का खतरा भी बढ़ जाता है।
नर्वस सिस्टम से जुड़ा हुआ है ये सिंड्रोम
एक शोध के अनुसार 10 फ़ीसदी लोगों में ये समस्या आम तौर पर होती है। इसके ज्यादातर लक्षण 35 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों में पाए जाते हैं। पैर हिलाने की आदत की वजह से व्यक्ति के शरीर में डोपामाइन हार्मोन स्त्रावित होने लग जाता है, जिससे मनुष्य को अच्छा अनुभव होने लगता है और उसे बार-बार पैर हिलाने काम मन होता है।
आयरन की कमी के कारण होती है ये बीमारी
इसे स्लीप डिसऑर्डर भी कहा जाता है। जब किसी मनुष्य को नींद की कमी होती है और थकान महसूस होता रहता है तो बॉडी में इसका पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट का सहारा लिया जाता है। खासतौर पर ये रोग आयरन की कमी की वजह से होता है। इसके अलावा पार्किंसस और किडनी की बीमारी से पीड़ित मरीज और गर्भवती महिलाओं के हारमोनल बदलाव इसके कारण हो सकते हैं। आयरन की पूर्ति के लिए आप अपने भोजन में आयरन युक्त चीजों को शामिल करें जैसे सरसों का साग, पालक, केला, चुकंदर।
एक वॉक ले आए
अगर जब कभी आपको लगें कि आप पैर हिला रहे है और चाहकर भी इसे रोक नहीं पा रहे है तो आप कुछ मत कीजीए बस उठिए और 5 मिनट की वॉक ले आइए। इस सिंड्रोम से बाहर निकलने का आपका ये पहला कदम होगा।
नशीले पद्वार्थो से रहे दूर
बीपी, ह्रदय रोगियों और शुगर के रोगियों के लिए ये ज्यादा खतरनाक हो सकता है। इसलिए आपको चाहिए कि नींद पूरी लें और नशीले पदार्थों के सेवन से खुद को बचाए रखें।
कोल्ड और हॉट बाथ लें
पैर हिलाने की आदत के इलाज के लिए आप आयरन की दवा ले सकते हैं और साथ हीं कोल्ड और हॉट बाथ तथा वाइब्रेटिंग पैड पर पैर रखने से भी इससे छुटकारा पाया जा सकता है।
कैफीन के सेवन से बचें
रात को अच्छी नींद आए इसके लिए रात में चाय या कॉफी लेने से बचें, कैफीन के ज्यादा और एक्सरसाइज और योग में मन लगाएं इससे भी नर्वस सिस्टम दुरुस्त होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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