Latest Updates
-
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके -
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता -
दिल को हेल्दी रखते हैं ये 5 योगासन, हार्ट अटैक से बचने के लिए आज से ही बना लें रूटीन का हिस्सा
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी
International Carrot Day 2026: क्या आप जानते हैं कि जिस गाजर को हम आज सलाद, हलवे या जूस के रूप में बड़े चाव से खाते हैं, उसका अपना एक खास 'इंटरनेशनल डे' भी है? हर साल 4 अप्रैल को पूरी दुनिया में 'विश्व गाजर दिवस' (International Carrot Day) मनाया जाता है। आज के इस दौर में जहां हर तरफ जंक फूड का बोलबाला है, 'गाजर दिवस' मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करना है।
लेकिन क्या आपको पता है कि गाजर की असली उत्पत्ति कहां हुई? और क्या यह हमेशा से नारंगी रंग की ही थी? आइए, अंतर्राष्ट्रीय गाजर दिवस के इस खास मौके पर जानते हैं इस सुपरफूड का इतिहास और इससे जुड़ी कुछ ऐसी अनसुनी बातें जो आपको हैरान कर देंगी।

अंतर्राष्ट्रीय गाजर दिवस का इतिहास (History of International Carrot Day)
विश्व गाजर दिवस की स्थापना साल 2003 में की गई थी। इसके बाद धीरे-धीरे यह अभियान इतना लोकप्रिय हुआ कि साल 2012 तक यह फ्रांस, स्वीडन, इटली, रूस, जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम जैसे कई देशों में फैल गया। आज यह दिन एक वैश्विक उत्सव बन चुका है, जहाँ लोग गाजर की विभिन्न किस्मों और इसके स्वास्थ्य लाभों का जश्न मनाते हैं।
पंजाब और कश्मीर की पहाड़ियों से दुनिया तक का सफर
गाजर, जिसका वानस्पतिक नाम डाकस कैरोटा (Daucus carota) है, को लेकर जानकारों का मानना है कि इसकी खेती सबसे पहले एशिया में शुरू हुई थी। दिलचस्प बात यह है कि विशेषज्ञों के अनुसार, गाजर की मूल उत्पत्ति पंजाब और कश्मीर की पहाड़ियों में हुई थी। यहीं से यह सब्जी धीरे-धीरे पूरी दुनिया की रसोई तक पहुंची और आज यह हर घर की पसंद बन चुकी है।
केवल नारंगी ही नहीं होती गाजर
अक्सर हमारे दिमाग में गाजर का नाम आते ही नारंगी या लाल रंग की छवि बनती है, लेकिन गाजर मुख्य रूप से चार अलग-अलग रंगों में पाई जाती है:
लाल: दिल की सेहत के लिए बेहतरीन।
पीली: आंखों की रोशनी और सौर ऊर्जा के गुणों से भरपूर।
संतरी (नारंगी): बीटा-कैरोटीन का पावरहाउस।
काली: पाचन तंत्र के लिए रामबाण और एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना।
क्यों है गाजर का सेवन जरूरी? (Health Benefits)
गाजर खाना केवल स्वाद की बात नहीं है, बल्कि यह बीमारियों को दूर रखने का एक आसान जरिया भी है:
आंखों के लिए वरदान: इसमें मौजूद विटामिन-A और बीटा-कैरोटीन रतौंधी और आंखों की अन्य समस्याओं को दूर रखते हैं।
इम्यूनिटी बूस्टर: एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर गाजर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
