Latest Updates
-
Jagannath Rath Yatra 2026 Wishes: रथ यात्रा पर शेयर करें भक्तिमय शुभकामना संदेश, मिलेगा प्रभु का आशीर्वाद -
अमरनाथ गुफा में पिघला तो फ्रिज में दिखा 'बाबा बर्फानी' का शिवलिंग? वायरल वीडियो देख लोग रह गए हैरान -
एक कली कच्चा लहसुन खाकर दिन की शुरुआत करती हैं सोहा अली खान, जानें खाली पेट गार्लिक खाने के 5 जबरदस्त फायदे -
पिृत दोष से मुक्ति के लिए आज आषाढ़ अमावस्या पर करें इन 5 चीजों का दान, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद -
बार-बार मुंह में हो रहे छालों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकता है ओरल कैंसर, जानें लक्षण -
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी
International Carrot Day 2026: क्या आप जानते हैं कि जिस गाजर को हम आज सलाद, हलवे या जूस के रूप में बड़े चाव से खाते हैं, उसका अपना एक खास 'इंटरनेशनल डे' भी है? हर साल 4 अप्रैल को पूरी दुनिया में 'विश्व गाजर दिवस' (International Carrot Day) मनाया जाता है। आज के इस दौर में जहां हर तरफ जंक फूड का बोलबाला है, 'गाजर दिवस' मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करना है।
लेकिन क्या आपको पता है कि गाजर की असली उत्पत्ति कहां हुई? और क्या यह हमेशा से नारंगी रंग की ही थी? आइए, अंतर्राष्ट्रीय गाजर दिवस के इस खास मौके पर जानते हैं इस सुपरफूड का इतिहास और इससे जुड़ी कुछ ऐसी अनसुनी बातें जो आपको हैरान कर देंगी।

अंतर्राष्ट्रीय गाजर दिवस का इतिहास (History of International Carrot Day)
विश्व गाजर दिवस की स्थापना साल 2003 में की गई थी। इसके बाद धीरे-धीरे यह अभियान इतना लोकप्रिय हुआ कि साल 2012 तक यह फ्रांस, स्वीडन, इटली, रूस, जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम जैसे कई देशों में फैल गया। आज यह दिन एक वैश्विक उत्सव बन चुका है, जहाँ लोग गाजर की विभिन्न किस्मों और इसके स्वास्थ्य लाभों का जश्न मनाते हैं।
पंजाब और कश्मीर की पहाड़ियों से दुनिया तक का सफर
गाजर, जिसका वानस्पतिक नाम डाकस कैरोटा (Daucus carota) है, को लेकर जानकारों का मानना है कि इसकी खेती सबसे पहले एशिया में शुरू हुई थी। दिलचस्प बात यह है कि विशेषज्ञों के अनुसार, गाजर की मूल उत्पत्ति पंजाब और कश्मीर की पहाड़ियों में हुई थी। यहीं से यह सब्जी धीरे-धीरे पूरी दुनिया की रसोई तक पहुंची और आज यह हर घर की पसंद बन चुकी है।
केवल नारंगी ही नहीं होती गाजर
अक्सर हमारे दिमाग में गाजर का नाम आते ही नारंगी या लाल रंग की छवि बनती है, लेकिन गाजर मुख्य रूप से चार अलग-अलग रंगों में पाई जाती है:
लाल: दिल की सेहत के लिए बेहतरीन।
पीली: आंखों की रोशनी और सौर ऊर्जा के गुणों से भरपूर।
संतरी (नारंगी): बीटा-कैरोटीन का पावरहाउस।
काली: पाचन तंत्र के लिए रामबाण और एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना।
क्यों है गाजर का सेवन जरूरी? (Health Benefits)
गाजर खाना केवल स्वाद की बात नहीं है, बल्कि यह बीमारियों को दूर रखने का एक आसान जरिया भी है:
आंखों के लिए वरदान: इसमें मौजूद विटामिन-A और बीटा-कैरोटीन रतौंधी और आंखों की अन्य समस्याओं को दूर रखते हैं।
इम्यूनिटी बूस्टर: एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर गाजर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications