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कहीं आप प्लास्टिक राइस तो नहीं खा रहे आप? इन 5 आसान तरीकों से करें असली-नकली की पहचान
How To Check Plastic Rice At Home: खाने की थाली हो और उसमें चावल न हो तो लगता है कि थाली अधूरी है। भारत के अधिकांश घरों में चावल भोजन का मुख्य हिस्सा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मिलावटखोरों ने इसमें भी अपना फायदा ढूंढ लिया है और ऐसे बहुत से घर हैं जो अनजाने में भोजन की थाली में प्लास्टिक के चावल परोस रहे हैं। जी हा, पिछले कुछ समय से बाजार में 'प्लास्टिक राइस' (Plastic Rice) की मिलावट की खबरों ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है।
दिखने में बिल्कुल असली जैसे लगने वाले ये नकली चावल न केवल स्वाद में फीके होते हैं, बल्कि हमारी सेहत के लिए किसी धीमे जहर से कम नहीं हैं। प्लास्टिक और सिंथेटिक राल (Resin) से बने ये चावल पेट की गंभीर बीमारियों से लेकर कैंसर तक का कारण बन सकते हैं।
क्योंकि असली और नकली चावल में फर्क करना आंखों से लगभग असंभव है, इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि आपकी रसोई तक पहुंचने वाला अनाज शुद्ध है या नहीं। घबराने के बजाय सावधानी जरूरी है। यहां हम आपको बता रहे हैं FSSAI और विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए 5 आसान घरेलू टेस्ट, जिनसे आप मिनटों में दूध का दूध और पानी का पानी कर सकते हैं। आइए फिर बिना देर किए जान लेते हैं कि आप कैसे करें असली और नकली चावल की पहचान।

प्लास्टिक चावल की पहचान कैसे करें? (How to Check Plastic Rice at Home)
1. वॉटर टेस्ट (Water Test)
यह सबसे सरल तरीका है। एक गिलास ठंडे पानी में एक चम्मच कच्चे चावल डालें और उसे हिलाएं। जान लें कि असली चावल भारी होता है, इसलिए वह तुरंत गिलास की तली में बैठ जाएगा। जबकि प्लास्टिक के चावल हल्के होते हैं और वे पानी की सतह पर तैरने लगेंगे।
2. फायर टेस्ट (Fire Test)
थोड़े से चावल लें और उन्हें लाइटर या माचिस की मदद से जलाने की कोशिश करें। बता दें कि प्राकृतिक अनाज जलने पर भूरे रंग का हो जाएगा और उससे अनाज के पकने जैसी गंध आएगी। वहीं प्लास्टिक चावल जलते ही पिघलने लगेगा और उससे प्लास्टिक के जलने जैसी तीखी और अजीब गंध आएगी।
3. हॉट ऑयल टेस्ट (Hot Oil Test)
एक कड़ाही में थोड़ा सा तेल गर्म करें और उसमें कुछ चावल के दाने डालें। गर्म तेल में जाने पर असली चावल भुन जाएगा या फूल जाएगा। इसके अलावा यदि चावल प्लास्टिक का है, तो वह गर्म तेल में जाते ही पिघलकर कड़ाही की तली में चिपकने लगेगा या एक प्लास्टिक की परत बना लेगा।
4. फंगस टेस्ट (Fungus Test)
चावल को उबाल लें और उसे एक डब्बे में बंद करके 2-3 दिनों के लिए छोड़ दें। असली चावल में 2-3 दिन बाद फंगस (उल्ली) लग जाएगी और उसमें से बदबू आने लगेगी। वहीं प्लास्टिक राइस पर मौसम का कोई असर नहीं होता, यह कई दिनों तक वैसा ही फ्रेश दिखेगा और इसमें फंगस नहीं लगेगी।
5. उबालते समय की पहचान (Boiling Test)
चावल उबालते समय बर्तन के ऊपर आने वाले झाग पर ध्यान दें यदि चावल उबालते समय बर्तन के ऊपर बहुत गाढ़ा सफेद झाग या प्लास्टिक जैसी परत जम रही है, तो यह नकली चावल होने का संकेत हो सकता है।
प्लास्टिक चावल खाने के नुकसान
नकली चावल का सेवन आपके पाचन तंत्र को पूरी तरह खराब कर सकता है। यह शरीर में टॉक्सिन्स (जहर) पैदा करता है, जिससे पेट में दर्द, कब्ज, हार्मोनल असंतुलन और लंबे समय तक सेवन करने पर लिवर और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।
नहीं, प्लास्टिक का चावल उबालने के बाद बहुत ज्यादा चिपचिपा (Sticky) हो जाता है। यह असली चावल की तरह अलग-अलग नहीं रहता, बल्कि एक लोई या गुच्छे जैसा बन जाता है।



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