Latest Updates
-
रात में लाइट जलाकर सोते हैं? आपकी ये आदत दिल पर पड़ सकती है भारी, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा -
Bank Holidays October 2026: अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
Pitru Paksha 2026 Food Rules: पितृपक्ष में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें खानपान से जुड़े जरूरी नियम -
Tanya Mishra: कौन हैं तान्या मिश्रा? अचानक कैसे बनीं देश की नई 'नेशनल क्रश', इंटरनेट पर तस्वीरें हो रहीं वायरल -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पति-पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Rabies Day 2026: कुत्ते के अलावा किन जानवरों के काटने से हो सकता है रेबीज? जानें लक्षण और बचाव के उपाय -
Google Birthday 2026: क्या आप जानते हैं 27 सितंबर को ही क्यों बर्थडे मनाता है गूगल? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब
इन 5 समस्याओं से जूझ रहे लोग भूलकर भी न खाएं आंवला, फायदे की जगह हो सकता है नुकसान
Who should not eat Amla in Hindi: आयुर्वेद में आंवला को 'अमृतफल' और 'धात्री' (माता के समान रक्षा करने वाला) कहा गया है। विटामिन-C, एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर से भरपूर यह छोटा सा फल इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर बालों और त्वचा को चमकाने तक के लिए अचूक माना जाता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि हर शरीर की प्रकृति अलग होती है और जो फल किसी के लिए वरदान है, वही दूसरे के लिए 'जहर' समान प्रभाव भी दिखा सकता है?
जी हां, आंवले की अत्यधिक अम्लीय (Acidic) प्रकृति और इसके खास औषधीय गुण कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों में शरीर पर विपरीत प्रभाव डाल सकते हैं। यदि आप भी बिना सोचे-समझे रोज आंवले का मुरब्बा, जूस या चूर्ण ले रहे हैं, तो रुक जाइए! स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लो ब्लड शुगर से लेकर हाल ही में हुई सर्जरी तक, ऐसी 5 स्थितियाँ हैं जिनमें आंवले का सेवन फायदे की जगह आपकी मुश्किलों को बढ़ा सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन लोगों को अपनी डाइट से आंवले को तुरंत बाहर कर देना चाहिए।

1. लो ब्लड शुगर (Low Blood Sugar) के मरीज
आंवला अपने एंटी-डायबिटिक गुणों के लिए जाना जाता है, जो बढ़े हुए शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है। लेकिन, यदि आपका शुगर लेवल पहले से ही कम रहता है या आप मधुमेह की हैवी डोज वाली दवाएं ले रहे हैं, तो आंवला आपके लिए घातक हो सकता है। यह शुगर लेवल को अचानक इतना नीचे गिरा सकता है कि आपको चक्कर आने या बेहोशी (Hypoglycemia) की समस्या हो सकती है।
2. किडनी की बीमारियों से जूझ रहे लोग
आंवला शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है, लेकिन किडनी की गंभीर समस्याओं में यह प्रक्रिया किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। आंवले में विटामिन-C के साथ-साथ ऑक्सालेट्स की मात्रा भी होती है, जो किडनी की पथरी (Stone) के खतरे को बढ़ा सकती है। इसके अलावा, इसके मूत्रवर्धक (Diuretic) गुण किडनी के रोगियों के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बिगाड़ सकते हैं।
3. एसिडिटी और सीने में जलन की समस्या
आंवले का स्वाद खट्टा होता है और इसकी प्रकृति अम्लीय (Acidic) होती है। यदि आप पहले से ही हाइपर-एसिडिटी, पेट में अल्सर या बार-बार होने वाली सीने में जलन से परेशान हैं, तो खाली पेट आंवला खाना 'आग में घी' जैसा काम करेगा। यह पेट की लाइनिंग में जलन पैदा कर सकता है, जिससे पेट दर्द और एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ जाती है।
4. सर्जरी से पहले या तुरंत बाद के मरीज
क्या आपकी कोई सर्जरी (Operation) होने वाली है? यदि हाँ, तो कम से कम 2 हफ्ते पहले से आंवला खाना बंद कर दें। आंवले में एंटी-प्लेटलेट गुण होते हैं, यानी यह खून को पतला करने का काम करता है। सर्जरी के दौरान या बाद में खून का पतला होना 'ब्लीडिंग' (रक्तस्राव) के जोखिम को बढ़ा सकता है, जिससे घाव भरने में देरी हो सकती है।
5. डिहाइड्रेशन और रूखी त्वचा वाले लोग
आंवला शरीर के लिए नेचुरल डिटॉक्स का काम करता है, जिसके कारण पेशाब बार-बार आता है। यदि आप पर्याप्त पानी नहीं पीते या आपकी त्वचा और स्कैल्प बहुत ज्यादा ड्राई (रूखी) है, तो आंवले का अधिक सेवन शरीर की नमी को और कम कर सकता है। इससे त्वचा में खुजली, रूखापन और डिहाइड्रेशन की समस्या पैदा हो सकती है।
एक्सपर्ट टिप्स: कितना और कैसे खाएं आंवला?
एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन भर में 1 से 2 मध्यम आकार के आंवले से ज्यादा नहीं खाना चाहिए।
यदि आप चूर्ण ले रहे हैं, तो 3-5 ग्राम की मात्रा पर्याप्त है।
आंवले का सेवन हमेशा शहद या गुनगुने पानी के साथ करने से इसकी अम्लता (Acidity) का प्रभाव कम हो जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
