इन 5 तरीकों से मिनटों में पहचानें असली और नकली सरसों का तेल, सेहत से न करें समझौता

Difference Between Real And Fake Mustard Oil: भारतीय रसोई में सरसों का तेल सिर्फ एक कुकिंग ऑयल नहीं, बल्कि सेहत का खजाना माना जाता है। बिना सरसों के तेल के तड़के के खाने का स्वाद अच्छा नहीं लगता। सरसों का तेल न सिर्फ खाने के टेस्ट को बढ़ाता है बल्कि सेहत के लिए भी लाभकारी होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस 'कच्ची घानी' के नाम पर आप बाजार से तेल ला रहे हैं, वह शुद्ध है या नहीं? आजकल मुनाफे के चक्कर में सरसों के तेल में आर्जेमोन ऑयल, सस्ता पाम ऑयल और खतरनाक आर्टिफिशियल कलर्स की मिलावट धड़ल्ले से हो रही है।

यह मिलावटी तेल न केवल स्वाद बिगाड़ता है, बल्कि लिवर, दिल और आंखों के लिए 'धीमा जहर' साबित हो सकता है अपनी और अपने परिवार की सेहत से समझौता न करें। आज हम आपको बताने जा रहे हैं 5 ऐसे जादुई और बेहद आसान घरेलू तरीके, जिनसे आप घर बैठे ही मात्र 2 मिनट में असली और नकली सरसों के तेल का फर्क साफ देख पाएंगे।

नकली सरसों का तेल: सेहत के लिए कितना खतरनाक?

मिलावटी तेल का लगातार सेवन शरीर को भीतर से खोखला कर सकता है। इसमें मिलाया जाने वाला आर्जेमोन का तेल 'ड्रॉप्सी' जैसी जानलेवा बीमारी का कारण बन सकता है। इसके अलावा, कृत्रिम तीखापन लाने के लिए इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स से पेट की गंभीर समस्याएं और एलर्जी हो सकती है।

कैसे करें असली और नकली सरसों के तेल की पहचान

1. फ्रीजर टेस्ट

असली सरसों के तेल की सबसे बड़ी पहचान यह है कि वह बहुत कम तापमान पर भी पूरी तरह नहीं जमता। एक कप में थोड़ा तेल लेकर उसे 2-3 घंटे के लिए फ्रिज (फ्रीजर) में रखें। अगर तेल के ऊपर सफेद परत या घी जैसी मिलावट जम जाए, तो समझ लें कि उसमें पाम ऑयल की मिलावट है।

2. हथेली पर रगड़ने का टेस्ट

थोड़ा सा तेल अपनी हथेली पर लें और उसे जोर से रगड़ें। यदि रगड़ने के बाद तेल का रंग हल्का पड़ जाए या उसमें से किसी केमिकल की गंध आए, तो वह नकली है। असली तेल का रंग और खुशबू बरकरार रहती है।

3. आंखों में जलन और तीखी गंध

शुद्ध सरसों के तेल में एक स्वाभाविक तीखापन होता है। जब आप इसे सूंघते हैं, तो आंखों में हल्की जलन महसूस होती है। यदि तेल सूंघने पर आंखों में पानी न आए या गंध बहुत फीकी हो, तो उसमें मिलावट की संभावना ज्यादा है।

4. नाइट्रिक एसिड टेस्ट

केमिकल वाली मिलावट पकड़ने का यह सबसे सटीक तरीका है। एक टेस्ट ट्यूब या कांच के गिलास में थोड़ा तेल लें और उसमें थोड़ा सा नाइट्रिक एसिड मिलाएं। यदि मिश्रण को हिलाने पर रंग लाल या गहरा भूरा (Reddish-Brown) हो जाए, तो समझ लीजिए कि तेल में आर्जेमोन की मिलावट है। शुद्ध तेल का रंग नहीं बदलेगा।

5. पेपर ब्लॉट टेस्ट

एक सफेद कागज पर तेल की कुछ बूंदें डालें और उसे थोड़ी देर छोड़ दें। यदि कागज पर तेल के अलावा सफेद या रंगीन दाग रह जाएं, तो इसमें मिलावट हो सकती है। असली तेल सिर्फ एक पारभासी (translucent) दाग छोड़ता है।

खरीदारी के समय रखें इन 3 बातों का ध्यान

FSSAI मार्क: हमेशा एगमार्क (Agmark) और FSSAI प्रमाणित ब्रांड ही चुनें।

गहरा पीला रंग: बहुत ज्यादा गहरा या एकदम कालापन लिए हुए तेल से बचें, इसमें आर्टिफिशियल कलर हो सकता है।

झाग का कम होना: असली तेल गरम करने पर शुरुआत में झाग देता है, लेकिन पूरी तरह शांत नहीं रहता।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, March 29, 2026, 13:45 [IST]
Desktop Bottom Promotion