क्या तरबूज का सफेद हिस्सा खा सकते हैं? कब्ज और वेट लॉस समेत इन 5 बीमारियों से मिलेगा छुटकारा

Benefits Of Watermelon Rind: गर्मियां आते ही लोग ठंडक देने वाली चीजों का ज्यादा सेवन करने लगते हैं। गर्मियों में मौसम में तरबूज सबसे पसंदीदा फलों में शामिल होता है। ठंडा, रसीला तरबूज न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होता है, बल्कि शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है। लेकिन अक्सर लोग इसका सिर्फ लाल हिस्सा ही खाते हैं और सफेद भाग को बेकार समझकर फेंक देते हैं। लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि तरबूज का यह सफेद हिस्सा भी पोषण से भरपूर होता है और सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। आइए, जानते हैं तरबूज का सफेद हिस्सा खाने के फायदों के बारे में -

Watermelon Rind Benefits

लाल हिस्से से ज्यादा फाइबर

तरबूज का सफेद हिस्सा अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन पोषण के मामले में यह भी कम नहीं है। जहां लाल गूदे में पानी और अन्य पोषक तत्व भरपूर होते हैं, वहीं सफेद हिस्से में फाइबर की मात्रा अपेक्षाकृत ज्यादा पाई जाती है। यही कारण है कि यह पाचन को बेहतर बनाने और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है।

सफेद हिस्से में खास पोषक तत्व

तरबूज के सफेद भाग में सिर्फ फाइबर ही नहीं, बल्कि कुछ जरूरी अमीनो एसिड भी पाए जाते हैं। इनमें सिट्रुलिन प्रमुख है, जो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने और मांसपेशियों को सपोर्ट करने में मदद करता है। यह तत्व लाल गूदे की तुलना में सफेद हिस्से में ज्यादा मात्रा में मिलता है, इसलिए इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है।

लाल हिस्से से कम शुगर

सफेद हिस्से की एक खास बात यह है कि इसमें शुगर की मात्रा लाल हिस्से से कम होती है। ऐसे में यह उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है जो वजन कंट्रोल करना चाहते हैं या डायबिटीज जैसी समस्या से जूझ रहे हैं। फाइबर अधिक होने की वजह से यह पेट को भरा हुआ महसूस कराता है और ओवरईटिंग से भी बचाता है।

स्वाद में अलग और कुरकुरा

जहां तरबूज का लाल हिस्सा रसीला और मुलायम होता है, वहीं सफेद भाग थोड़ा कुरकुरा होता है। इसमें हल्की मिठास के साथ हल्की खटास भी होती है, जो इसे अलग स्वाद देती है। कुछ लोगों को इसका यही टेक्सचर और स्वाद ज्यादा पसंद आता है।

क्या इसे डाइट में शामिल करना चाहिए?

अगर सही मात्रा में खाया जाए तो तरबूज का सफेद हिस्सा भी आपकी डाइट का हिस्सा बन सकता है। यह सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन जिन लोगों को पाचन से जुड़ी परेशानी रहती है, उन्हें इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। कुल मिलाकर, इसे फेंकने के बजाय समझदारी से इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, May 26, 2026, 14:00 [IST]
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