Latest Updates
-
UP Style Fish Machli Kadhi Recipe: घर पर बनाएं सरसों वाली चटपटी मछली कढ़ी -
Nirjala Ekadashi Vrat Katha: निर्जला एकादशी पर जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा सभी 24 एकादशियों का पूर्ण फल -
Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी पर इस विधि से पिएं पानी, नहीं टूटेगा आपका व्रत, मिलेगा व्रत का पूर्ण फल -
Garhwali Sweet Rice Arsa Recipe: पारंपरिक तरीके से बनाएं उत्तराखंड की खास मिठाई -
Nirjala Ekadashi Vrat In Periods: क्या पीरियड्स में निर्जला एकादशी का व्रत रख सकते हैं? जानें क्या हैं नियम -
'तुम मुझे छोड़कर क्यों चले गए, वापस आ जाओ', केतन की हत्या के बाद सिया गोयल ने किया ये पोस्ट, अब हो रहा वायरल -
Grandma Comfort Food Vegetable Khichdi Recipe: घर पर बनाएं दादी के हाथों जैसा स्वाद -
Padma Awards 2026: अलका याग्निक-ममूटी को मिला पद्म भूषण, रोहित शर्मा और आर माधवन भी सम्मानित -
Nirjala Ekadashi 2026 Niyam: निर्जला एकादशी व्रत में जरूर करें इन नियमों का पालन, तभी मिलेगा व्रत का पूरा फल -
Special Healthy Gajar Paratha Recipe: सर्दियों के लिए पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता
International Yoga Day 2026: नाभि खिसकने पर करें ये 4 योगासन, मिलेगा तुरंत आराम
International Yoga Day 2026: हर साल 21 जून को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day 2026) बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। योग न केवल मानसिक शांति देता है, बल्कि शरीर की कई जटिल शारीरिक समस्याओं को भी जड़ से खत्म करने की ताकत रखता है। इन्हीं आम मगर परेशान करने वाली समस्याओं में से एक है नाभि खिसकना, जिसे बोलचाल की भाषा में 'धरण पड़ना' या 'पेचिश' भी कहा जाता है। जब भारी वजन उठाने, गलत तरीके से झुकने या अचानक झटके के कारण नाभि अपने स्थान से हट जाती है, तो पेट में तेज दर्द, गैस, दस्त या कब्ज जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। दवाइयां भी कई बार इस पर बेअसर साबित होती हैं। आइए, इस योग दिवस पर जानते हैं नाभि खिसकने की समस्या को दूर करने वाले 4 सबसे असरदार योगासन और उन्हें स्टेप-बाय-स्टेप करने का सही तरीका।

1. उत्तानपादासन (Uttanpadasana)
यह आसन नाभि को केंद्र में लाने और पेट के निचले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है। अगर आपकी नाभि खिसक जाती है तो आपके लिए सबसे ज्यादा अच्छा आसन है उत्तानपादासन। इसे करने के तरीके को भी नीचे बहुत अच्छे से समझाया गया है।
स्टेप 1: सबसे पहले पीठ के बल जमीन पर सीधे लेट जाएं और अपने दोनों हाथों को शरीर के बगल में सीधा रखें।
स्टेप 2: एक गहरी सांस लेते हुए अपने दोनों पैरों को जमीन से लगभग 30 से 45 डिग्री के कोण पर ऊपर उठाएं। ध्यान रहे कि आपके घुटने बिल्कुल सीधे होने चाहिए।
स्टेप 3: इस स्थिति में अपनी क्षमता के अनुसार 10 से 30 सेकंड तक रुकें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
स्टेप 4: अब धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए पैरों को वापस जमीन पर लाएं। इस प्रक्रिया को 3 से 4 बार दोहराएं।

2. नौकासन (Naukasan)
नाभि खिसकने पर बहुत ज्यादा दर्द होता है। कई बार तो खाना-पीना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में नौकासन करना सबसे बेहतरीन तरीका है। नौकासन करते समय शरीर की आकृति एक नाव जैसी बनती है, जो नाभि चक्र (Manipura Chakra) पर सीधा दबाव डालती है जिससे धरण ठीक होती है। स्टेप वाइज स्टेप जानते हैं कि नौकासन कैसे करें।
स्टेप 1: पीठ के बल सीधे लेट जाएं। पैर आपस में सटे हुए हों और हाथ जांघों के पास सीधे हों।
स्टेप 2: लंबी सांस लें और सांस छोड़ते हुए अपने सिर, छाती (ऊपरी शरीर) और पैरों को जमीन से ऊपर उठाएं।
स्टेप 3: अपने हाथों को पैरों की दिशा में सीधा रखें। इस समय आपके शरीर का पूरा वजन आपके नितंबों (Buttocks) और नाभि क्षेत्र पर होना चाहिए।
स्टेप 4: 15-20 सेकंड इस मुद्रा में रुकें, फिर धीरे से सांस लेते हुए वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

3. मंडूकासन (Mandukasana)
'मंडूक' का अर्थ मेंढक होता है। यह आसन नाभि के आसपास के अंगों को टोन करता है और नाभि को उसके मूल स्थान पर लाने में मदद करता है। इसे करने से आपकी नाभि खिसकने की समस्या खत्म हो जाती है।
स्टेप 1: सबसे पहले जमीन पर वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं (घुटने मोड़कर पैरों पर बैठें)।
स्टेप 2: अपने दोनों हाथों के अंगूठे को उंगलियों के अंदर दबाकर मुट्ठी बंद कर लें।
स्टेप 3: इस बंद मुट्ठी को अपनी नाभि के दोनों तरफ सटाकर रखें।
स्टेप 4: एक गहरी सांस लें और फिर सांस छोड़ते हुए आगे की तरफ झुकें। इस दौरान अपनी नजरें सामने की ओर रखें और छाती को जांघों से छुएं।
स्टेप 5: कुछ देर इसी मुद्रा में बने रहें, फिर सांस लेते हुए वापस सीधे बैठ जाएं।

4. मकरासन (Makarasana)
अन्य तीन आसनों को करने के बाद पेट की मांसपेशियों को रिलैक्स करने और नाभि के खिंचाव को शांत करने के लिए मकरासन किया जाता है।
स्टेप 1: जमीन पर पेट के बल (उल्टा) लेट जाएं।
स्टेप 2: अपने दोनों हाथों को मोड़कर कोहनियों को जमीन पर टिकाएं और अपनी ठुड्डी (Chin) को दोनों हथेलियों पर रख लें।

स्टेप 3: अपनी आंखें बंद करें और अपने दोनों पैरों को पीछे से थोड़ा फैला लें, जिसमें एड़ियां अंदर और पंजे बाहर की तरफ हों।
स्टेप 4: इस आरामदायक मुद्रा में 2 से 5 मिनट तक गहरी और लंबी सांसें लें। यह आपके पेट के तनाव को पूरी तरह दूर कर देगा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications