Latest Updates
-
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव -
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, इस शुभ दिन जन्मे बच्चों के लिए चुनें ये खास नाम -
30 जुलाई या 2 अगस्त, फ्रेंडशिप डे कब है? जानें International Friendship Day और Friendship Day में फर्क -
Happy Sawan 2026 Wishes: ...इन संदेशों के जरिए अपने प्रियजनों को दें सावन की शुभकामनाएं -
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व
Intermittent Fasting Side Effects: वजन घटाने के लिए कर रहे इंटरमिटेंट फास्टिंग, कहीं बन ना जाएं दिल के मरीज
हेल्दी रहने के लिए अपनी डाइट पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। अमूमन यह देखने में आता है कि फिटनेस फ्रीक लोग अपनी डाइट का खास ख्याल रखते हैं। इतना ही नहीं, अपने फिटनेस गोल्स को पूरा करने के लिए लोग तरह-तरह की डाइट को फॉलो करते हैं। ऐसी कई डाइट हैं, जो पूरी दुनिया में काफी पॉपुलर हैं और लोग इन पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं। इन्हीं में से एक है इंटरमिटेंट फास्टिंग। इसे वजन कम करने के लिए एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है। इतना ही नहीं, इससे इंसुलिन सेंसेटिविटी भी इंप्रूव होती है।
हालांकि, जहां इसके ढेरों फायदे हैं, वहीं इसके नुकसान को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। हाल ही में हुए एक अध्ययन के अनुसार इंटरमिटेंट फास्टिंग से वजन घटाना सेहत खासतौर से दिल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। तो चलिए जानते हैं कि अध्ययन के अनुसार इंटरमिटेंट फास्टिंग से आपको क्या-क्या नुकसान हो सकता है-

क्या कहता है अध्ययन
शिकागो में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के साइंटिफिक सेशन में पेश किए गए एक अध्ययन के अनुसार, दिन में केवल आठ घंटे के अंदर ही भोजन करने से दिल की बीमारी से मौत का खतरा लगभग 91 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।
रिसर्चर ने लगभग 20000 लोगों के एक ग्रुप की जांच की। उनके आहार पैटर्न पर ध्यान देने के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि जिन प्रतिभागियों ने इंटरमिटेंट फास्टिंग की, उनमें हृदय रोग से मरने की संभावना उन लोगों की तुलना में 91 प्रतिशत अधिक थी, जो ऐसा नहीं करते थे। इतना ही नहीं, अध्ययन में यह भी पाया गया कि जिन लोगों को पहले से हार्ट से जुड़ी कोई समस्या या बीमारी थी, उनमें हृदय रोग और स्ट्रोक से मरने का जोखिम 66 प्रतिशत अधिक था।
लंबे समय के लिए नुकसानदायक
यह विश्लेषण अभी तक किसी अकादमिक जर्नल में प्रकाशित नहीं किया गया है। यह अध्ययन 2003 और 2018 के बीच एकत्र किए गए रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के राष्ट्रीय स्वास्थ्य और पोषण परीक्षा सर्वेक्षण के आंकड़ों पर आधारित है। हालांकि, विश्लेषण के सह-लेखक विक्टर वेन्ज़ झोंग का मानना है कि अकेले उनके शोध के आधार पर इंटरमिटेंट फास्टिंग के बारे में किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। झोंग ने ईमेल के माध्यम से यह कहा कि 3 महीने जैसी छोटी अवधि के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से वजन कम करने और कार्डियोमेटाबोलिक हेल्थ में सुधार करने में लाभ हो सकता है। लेकिन लोगों को लंबे समय तक जैसे कि सालों तक इंटरमिटेंट फास्टिंग करने के बारे में अत्यंत सतर्क रहना चाहिए।
जरूरी है अभी और भी अध्ययन
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ह्यूमन मेटाबॉलिज्म के एमेरिटस प्रोफेसर कीथ फ्रेन ने एक बयान में कहा कि टाइम रिस्ट्रिक्टिड ईटिंग कैलोरी इनटेक को कम करने के लिहाज से काफी अच्छा माना जाता है। हालांकि, इससे होने वाले लॉन्ग टर्म इफेक्ट पर अभी और भी अधिक अध्ययन की जरूर है। दरअसल, हाल में ही हुआ अध्ययन कई प्रश्नों को अनुत्तरित छोड़ देता है, जिनके जवाब हासिल करना बेहद जरूरी है।
इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप अपनी हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग को फॉलो करना चाहते हैं तो कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें। मसलन-
• सबसे पहले तो आप इसे किसी न्यूट्रिशनिस्ट या डायटीशियन की गाइडेंस में ही करें। कभी भी खुद से इंटरमिटेंट फास्टिंग शुरू ना करें।
• एकदम से विंडो पीरियड बहुत छोटा ना रखें। मसलन, आप शुरुआत में 10 घंटे फास्टिंग और 14 घंटे का ईटिंग विंडो रख सकते हैं।
• खुद को हाइड्रेट रखें। डिहाइड्रेशन से आपको थकान व भूख लग सकती है।
• ईटिंग विंडो में आप क्या खा रहे हैं, इस पर फोकस करें। आप पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें। अपनी डाइट में फल, सब्जियां, लीन प्रोटीन, होल ग्रेन व हेल्दी फैट्स को जरूर शामिल करें।
• ईटिंग विंडो के दौरान ओवरईटिंग करने से बचें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications