Latest Updates
-
Heatwave Alert: दिल्ली समेत कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट, जानें भीषण गर्मी का सेहत पर असर और बचाव के टिप्स -
Guru Bhairavaikya Mandira: कर्नाटक का गुरु भैरवैक्य मंदिर क्यों है इतना खास? जिसका पीएम मोदी ने किया उद्घाटन -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर भूलकर भी न खरीदें ये 5 चीजें, दरवाजे से लौट जाएंगी मां लक्ष्मी -
डायबिटीज में चीकू खाना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट -
Aaj Ka Rashifal 16 April 2026: सर्वार्थ सिद्धि योग से चमकेगा तुला और कुंभ का भाग्य, जानें अपना भविष्यफल -
Akshaya Tritiya पर किस भगवान की होती है पूजा? जानें इस दिन का महत्व और पौराणिक कथा -
Parshuram Jayanti 2026 Sanskrit Wishes: परशुराम जयंती पर इन संस्कृत श्लोकों व संदेशों से दें अपनों को बधाई -
कौन हैं जनाई भोंसले? जानें आशा भोसले की पोती और क्रिकेटर मोहम्मद सिराज का क्या है नाता? -
Amarnath Yatra Registration 2026: शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन, घर बैठे कैसे करें आवेदन, क्या हैं जरूरी डॉक्यूमेट्स -
Akshaya Tritiya पर जन्म लेने वाले बच्चे होते हैं बेहद खास, क्या आप भी प्लान कर रहे हैं इस दिन डिलीवरी
फेफड़ों के कैंसर से हुई इस मशहूर एक्ट्रेस की मौत, आखिर कैसे नॉन-स्मोकर्स को हो रहा लंग कैंसर
Aparna Vastarey Death Reason : कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री से एक बुरी खबर मिली है। पॉपुलर कन्नड़ टीवी प्रेंजेटर और एक्ट्रेस अपर्णा वास्तारे का कैंसर की वजह से निधन हो गया। दो साल तक कैंसर से जंग लड़ने के बाद एक्ट्रेस ने 57 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की जानकारी अपर्णा के पति नागराज वस्तारे ने सोशल मीडिया पर फैंस के साथ शेयर की।
भारत में कुछ समय में लंग कैंसर के मरीजों में ज्यादा इजाफा देखने को मिला है। आश्चर्य की बात यह है कि सिर्फ स्मोकर्स यानी ध्रूमपान करने वाले ही नहीं बल्कि नॉन-स्मोकर्स भी फेफड़ों के कैंसर की जद में आ रहे हैं। हाल ही में इसे लेकर एक स्टडी आई है, जिसमें बताया गया है कि भारत में कैंसर के मरीजों में सबसे ज्यादा संख्यां फेफड़ों के कैंसर की मरीजों की है और इनमें से भी आधे से ज्यादा मरीज नॉन-स्मोकर्स हैं।

ऐसे में जानते हैं कि सिगरेट-बीड़ी नहीं पीने वाले लोग भी कैसे लंग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं।
दुनियाभर में लंग कैंसर के मरीजों संख्यां बढ़ी
इस स्टडी के मुताबिक, लंग कैंसर तीसरा सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर है। दुनियाभर में 2020 में लंग कैंसर के 22 लाख से ज्यादा नए मामले सामने आए थे जबकि इनमें से 18 लाख लोगों की मौत हो गई। इनमें भारत के मरीजों की संख्यां 72,510 थी जबकि उसी साल 66,279 मरीजों की मौत हो गई थी।
क्या है मुख्य कारण?
रिसर्च में बताया गया है कि स्मोकिंग न करने वालों के फेफड़ों में भी कैंसर पैदा करने वाले हानिकारक तत्व पाए गए हैं। बाहर के वातावरण के संपर्क में आने की वजह से वायु प्रदूषण (विशेष रूप से पार्टिकुलेट मैटर PM2.5), एस्बेस्टस, क्रोमियम, कैडमियम, आर्सेनिक और कोयले के संपर्क में आने वाले जेनेटिक सेंसिटिविटी, हार्मोनल स्थिति और पहले से मौजूद फेफड़ों की बीमारी जैसे फैक्टर भी धूम्रपान न करने वालों में लंग कैंसर की वजह बन सकता है।
किसी भी उम्र वालों को हो सकता है कैंसर?
अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के मुताबिक कैंसर का खतरा ज्यादातर 65 साल से ज्यादा उम्र वालों में होता है लेकिन यह कम उम्र वालों को भी अपनी चपेट में ले सकता है। ज्यादा स्मोकिंग करने और वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से किसी भी उम्र में यह कैंसर हो सकता है।
लंग कैंसर के लक्षण
- लगातार बनी रहने वाली खांसी जो ठीक न हो।
- सीने में दर्द होना।
- खून के साथ खांसी आना।
- आवाज बैठ जाना।
- सांस लेने में तकलीफ होना।
- छाती में घरघराहट होना।
- भूख कम लगना।
- चेहरे या गले में सूजन होना।
लंग कैंसर से बचने का तरीका
- लंग कैंसर से बचने के लिए धूम्रपान से दूर रहें।
- वायुप्रदूषण से बचें।
- प्राणायम और अनुलोम-विलोम जैसी सांसों की एक्सरसाइज करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











