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पैरेंट्स को बच्चों से नहीं बोलने चाहिए ये 5 झूठ, ये रही बड़ी वजह
अक्सर हमने लोगों को कहते हुए सुना है कि हमेशा सच बोलना चाहिए। हालांकि, हम हमेशा सच नहीं बोलते हैं। अक्सर हम किसी सिचुएशन में आसानी से बाहर निकलने के लिए तो कभी अपना काम निकलवाने के लिए झूठ बोलते हैं। यहां तक कि हम लोग घर में भी झूठ बोलते हैं। कई बार बच्चों को बहलाने के लिए हम उनसे झूठ बोल देते हैं। लेकिन इस तरह झूठ बोलने से उनके कोमल मन पर गहरा विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसलिए यह कहा जाता है कि बच्चों से झूठ नहीं बोलना चाहिए।
यूं तो आपको कभी भी बच्चे से झूठ नहीं बोलना चाहिए। लेकिन कुछ विषय ऐसे होते हैं, जिनके बारे में अगर आप बच्चे को झूठ बोलते हैं तो इससे एक बड़ा दुष्परिणाम हो सकता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही झूठ के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आपको बच्चों से बोलने से बचना चाहिए-
झूठा वादा करना
अक्सर हम बच्चों से बिना सोचे-समझे वादा कर देते हैं। मसलन, अगर उन्होंने परीक्षा में अच्छे नंबर लाए या फिर उन्होंने कोई काम कंप्लीट किया तो हम उन्हें तोहफे के रूप में कोई चीज देंगे या फिर घुमाकर लाएंगे। लेकिन बाद में बिजी होने का बहाना बनाकर उन्हें मना कर देते हैं। हो सकता है कि आपको इसमें कोई बुराई नजर ना आती हो, लेकिन इसका गहरा प्रभाव बच्चों पर पड़ता है। उन्हें लगता है कि उनके पैरेंट्स उनसे हमेशा प्रॉमिस करते हैं और फिर इस तरह वे अपने पैरेंट्स की बात मानने से ही इंकार करने लग जाते हैं।

पैसे ना होने का झूठ बोलना
कई बार ऐसा होता है कि बच्चे किसी टॉय या कैंडी की डिमांड करते हैं और उस सिचुएशन में अक्सर पैरेंट्स यह कह देते हैं कि उनके पास पैसे नहीं है। हालांकि, यह जवाब उचित नहीं है। जब आप बच्चे को ऐसा कहते हैं और फिर दूसरी चीजों पर पैसे खर्च करते हैं तो बच्चे को ऐसा लगता है कि उसके साथ धोखा हुआ है और उसके पैरेंट्स उससे प्यार ही नहीं करते हैं। ऐसे में अगली बार बच्चा अपनी जिद पूरी करवाने के लिए हिंसक भी हो जाता है। इसलिए सबसे अच्छा तरीका होता है कि आप बच्चे को समझाएं कि वह खिलौना या कैंडी बच्चे के लिए क्यों ठीक नहीं है। जब बच्चे इसे समझ जाते हैं तो वे अनुचित डिमांड नहीं करते हैं।
तुम्हें गोद लिया है
कई बार हम मजाक में बच्चे से कह देते हैं कि तुम्हें गोद लिया है या फिर डस्टबिन से उठाया है। आप शायद इस बात को कहकर भूल जाएं, लेकिन वास्तव में इससे बच्चे के मन पर बहुत अधिक नेगेटिव असर पड़ सकता है। खासतौर से, अगर बच्चे की उम्र कम है और वह यह नहीं समझ पाता है कि आपने ऐसा सिर्फ मजाक में कहा है तो इससे वह बहुत अधिक निराश हो सकता है।
मॉन्स्टर या डॉक्टर को लेकर झूठ बोलना
यह एक बेहद ही कॉमन झूठ है जो अक्सर हम बच्चों से बोलते हैं। ठीक से खाना ना खाने या फिर टाइम पर ना सोने पर हम बच्चे को मॉन्स्टर या डॉक्टर का डर दिखाते हैं। उस समय बच्चे भले ही इस डर से आपकी बात मान लें। लेकिन वास्तव में उनके मन में डॉक्टर को लेकर गलत धारणा बन जाती है या फिर वे मॉन्स्टर को सच मानने लगते हैं। इससे उनके मन में हमेशा एक डर समाया रहता है और वे अकेले होने पर बहुत अधिक भयभीत हो जाते हैं।
पारिवारिक समस्याओं के बारे में झूठ बोलना
पैरेंट्स अपने बच्चे को हर बुरी चीज से दूर रखना चाहते हैं, लेकिन वास्तव में जीवन मे हमेशा ही उतार-चढ़ाव आते हैं। ऐसे में आपको बच्चों के सामने झूठ नहीं बोलना चाहिए। दरअसल, जब आप उनके सामने सब कुछ ठीक होने का दिखावा करते हैं तो बच्चे कभी भी खुद को वास्तविक दुनिया के लिए तैयार नहीं कर पाते हैं। ऐसे में उन्हें आगे चलकर बहुत अधिक परेशानी होती है। इसलिए चाहे बीमारी हो, तलाक हो या आर्थिक तंगी हो, आपको अपने बच्चों से झूठ नहीं बोलना चाहिए। यदि आप उन्हें सटीक स्थिति बताते हैं और उन्हें ठीक से समझाते हैंए तो इससे वे समझेंगे और आपका पूरा सहयोग भी करेंगे।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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