महाराष्‍ट्र में आवारा कुत्ता काटने के एक महीने बाद महिला की हुई मौत, रेबीज के लक्षण और बचाव जानें

Maharashtra woman dies of rabies : महाराष्ट्र के कोल्हापुर से दिल दहलाने वाली खबर सामने आई हैं। रेबीज का इलाज करा रही एक 21 साल की लड़की की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि एक महीने पहले पीड़िता सृष्टि शिंदे को एक आवारा कुत्ते ने काटा था। इसके बाद पीड़ि‍ता ने रेबीज वैक्सीन के साथ सभी पांच खुराकें ले ली थीं, बावजूद इसके उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक ये कुत्ता अब तक 20 से ज्यादा लोगों को काट चुका है।

रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार 9 मार्च को सृष्टि की तबीयत बिगड़ने लगी, उसके दोनों पैरों ने काम करना बंद कर दिया था। इसके बाद पीड़िता को वेंटीलेटर पर अस्‍पताल में रखा गया। इस दौरान टेस्ट में पता चला कि सृष्टि को रेबीज है। इलाज के दौरान सोमवार 11 मार्च को सृष्टि की मौत हो गई।

Maharashtra Woman Dies Of Rabies Post-Vaccine Completion

आइए जानते हैं रेबीज और उसके वैक्‍सीनेशन के बारे में

रेबीज क्या है?

रेबीज की बीमारी रेबीज नाम के वायरस की वजह से फैलता हैं। अगर कोई जानवर इस बीमारी से संक्रम‍ित हैं और वह किसी इंसान को काट ले तो यह वायरस उस इंसान में भी आ जाता है। यह वायरस संक्रम‍ित जानवरों के लार में पाया जाता है। संक्रम‍ित जानवर के जरिए ये वायरस सीधा इंसानों के ब्लड में प्रवेश करके उन्‍हें भी संक्रम‍ित कर देता है।

Know All About the rabies infection and vaccination

रेबीज बीमारी के मुख्य लक्षण क्या होते हैं?

अगर रेबीज संक्रम‍ित जानवर क‍िसी इंसान को काट लें तो कुछ दिनों में इसके लक्षण दिखाई देते हैं। जैसे जैसे यह वायरस रक्‍त के जरिए दिमाग तक पहुंचता हैं वैसे वैसे लक्षण ज्‍यादा गंभीर हो जाते हैं।

- जिस जगह जानवर काटता हैं उस जगह सनसनाहट होना
- तेज दर्द होना
- हाइड्रोफोबिया, मरीज को पानी से डर लगने लगता है।
- तेज बुखार आना
- चिड़चिड़ापन
- मांसपेशियों में जकड़न
- काटने वाली जगह पर लकवा
- बोलने में तकलीफ
- सांस लेने में तकलीफ
- ज्‍यादा आंसू या लार बनना
- आक्रामक होना

बचाव

रेबीज से बचाव के लिए वैक्सीनेशन ही इकलौता तरीका है। एंटी रेबीज का टीका सामान्‍य टीकाकरण से अलग है। यह वैक्‍सीन जन्‍म के दौरान या सावधानी के तौर पर पहले से ही नहीं लगाई जाती है। एंटी-रेबीज वैक्‍सीन सिर्फ कुत्‍ते, बिल्‍ली, बंदर या जिन जानवरों से रेबीज फैलने का डर होता है उनके काटने के बाद ही लगाई जाती है। वैक्‍सीन लगने के बाद यह वायरस के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाता है। एक स्टडी के मुताबिक वैक्‍सीनेशल लगने के बाद भी रेबीज से ग्रस्त 99.09% प्रतिशत मरीज बच नहीं पाते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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