Latest Updates
-
Restaurant Style Gobi Paratha Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा चटपटा और कुरकुरा पराठा -
Shani Jayanti 2026 Wishes: शनि महाराज करें रक्षा...शनि जयंती पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Vat Savitri Vrat 2026 Wishes: सावित्री जैसी शक्ति मिले...वट सावित्री व्रत पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 16 May 2026: शनिवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेंगे सितारे -
Vat Savitri Vrat Wishes For Husband: रखा है व्रत मैंने...वट सावित्री व्रत पर पतिदेव को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Vat Savitri Wishes for Sasu Maa: सास नहीं, मां का रूप हैं आप; अखंड सुहाग के पर्व पर भेजें ये प्यार भरे संदेश -
Secret Ingredient Trick Dal Makhani Recipe: घर पर पाएं रेस्टोरेंट जैसा क्रीमी स्वाद -
Shani Jayanti 2026 Wishes in Sanskrit: शनैश्चर जयन्त्याः शुभाशयाः, अपनों को भेजें संस्कृत के ये दिव्य श्लोक -
Vat Savitri 2026 Wishes for Wife: जो आपके लिए रखती है निर्जला व्रत, उस 'सावित्री' को भेजें ये बधाई संदेश -
Shani Jayanti Rashifal 2026: शनिदेव की चाल से मचेगी हलचल; जानें आपकी राशि के लिए शुभ है या अशुभ
भूलने की इस बीमारी से पीड़ित थे मलयाली स्टार मोहन राज, खतरनाक होते हैं इसके लक्षण
Mohan Raj Was Suffering From Parkinson: साउथ इंडियन सिनेमा और मलयाली एक्टर मोहन राज का 70 साल में निधन हो गया। वैसे आपको बता दें कि मोहन राज पार्किंसंस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं थे। घर पर ही वे इसका इलाज ले रहे थे। दरअसल पार्किंसंस एक मानसिक बीमारी है, जिसमें दिमाग पूरी तरह से कमजोर होने लगता है और इसकी वजह से सोचने-समझने की शक्ति एकदम खत्म हो जाती है।
यह बीमारी अक्सर वृद्धावस्था में ही लोगों को शिकार बनाता है। इसमें इंसान धीरे-धीरे अंदर से खोखला कर देता है। आइए जानते है इस बीमारी के खतरनाक लक्षण और इस बीमारी में मरीज की कैसे केयर करनी होती है?

पार्किंसंस के लक्षण
- हाथ, पैर या शरीर के किसी हिस्से में अनियंत्रित रूप से कांपना।
- शरीर की मांसपेशियों में जकड़न और खिंचाव।
- शरीर की गति धीमी हो जाती है।
- खड़े होने या चलने में असंतुलन।
- चेहरे पर भावनाओं का अभाव।
- धीमी और अस्पष्ट आवाज़ या लिखते वक्त दिक्कत होना।
बीमारी का कारण
हालांकि इस बीमारी का सटीक कारण अभी तक मालूम नहीं चला है, लेकिन यह माना जाता है कि यह जीन (आनुवांशिकी) और पर्यावरणीय कारकों का परिणाम हो सकता है। उम्र बढ़ने के साथ पार्किंसंस का खतरा बढ़ता है, और 60 वर्ष से ऊपर के लोगों में यह बीमारी सामान्य होती है।
पार्किंसंस का इलाज
इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन दवाओं, शारीरिक व्यायाम, और कुछ मामलों में सर्जरी द्वारा इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। डोपामाइन को बढ़ाने वाली दवाएं, जैसे लेवोडोपा (Levodopa), आमतौर पर इलाज में इस्तेमाल की जाती हैं।
लाइफस्टाइल बदलाव की होती है जरुरत
पार्किंसंस से जूझ रहे लोगों को सही समय पर इलाज, परिवार का सहयोग, शारीरिक व्यायाम, और संतुलित आहार की जरूरत होती है। इस बीमारी में मानसिक स्वास्थ्य भी बहुत महत्वपूर्ण होता है, इसलिए रोगी को इमोशनल सर्पोट की जरुरत होती है। इसमें ज्यादा उम्र वाले लोगों को इस बीमारी से बचाने के लिए एक हेल्दी एन्वॉर्यरमेंट देना होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications