घड़े के पानी में पड़ जाते हैं कीड़े, गंदा पानी पीने से हो सकता है डायर‍िया-हैजा, जानें बचाव के तरीके

Natural Ways to Keep Insects Away from matka : कई लोग साल भर मटके का पानी पीना पसंद करते हैं, हम में से ज्‍यादात्तर लोग म‍िट्टी के मटके के पानी को शुद्ध को समझकर पीते रहते हैं। लेक‍िन मौसम के बदलाव के साथ मटके का पानी पीते समय सावधानी जरूरी है।

कई बार मटके में रखे पानी में कीड़े हो जाते हैं। अगर गलती से हम ये कीड़े वाला पानी पी ले, तो क्‍या आप जानते हैं क‍ि घड़े या मटके के पानी में कीड़े क्‍यों पड़ जाते हैं और मटका भरते हुए

Matke ke pani me keede kyu ho jaate hain

क्यों पनपते है पानी में कीड़े

मटके की मिट्टी भी हो सकती है वजह

कई बार मटके को गंदे तालाब की मिट्टी से बना दिया जाता है। उसे अच्छे से पकाया भी नहीं जाता। इससे मिट्टी में मौजूद बैक्टीरिया बारिश के मौसम में पनप जाते हैं। इनकी वजह से पानी में कीड़े पैदा हो जाते हैं।
जानें क्‍या करें: मटका खरीदते उसे बाहर से नाखूनों से हल्के-हल्के खुरचें। अगर मिट्टी नाखूनों में आ जाए तो ऐसे मटके को न खरीदें। वहीं मटका धोते समय अगर उसमें से मिट्टी निकलने लगे तो उसका इस्तेमाल न करें।

लंबे समय से पानी का न बदलना

मटके का पानी रोज न बदलने के कारण भी उसमें कीड़े पैदा हो जाते हैं। इस कारण मटके के अंदर की सतह पर काई भी लग जाती है। इससे पानी में बदबू भी आने लगता है।
जानें क्‍या करें: मटके का पानी रोजाना बदलना चाहिए और उसे अंदर से अच्छे से साफ करना चाहिए। साथ ही मटके को खुली और साफ-सुथरी जगह पर रखना चाहिए ताकि उसे हवा लगती रहे।

काई भी है वजह

नमी के कारण मटके के बाहर की ओर काई लगने की आशंका अधिक होती है। इससे पानी का वाष्पीकरण सही तरीके से नहीं हो पाता और पानी में कीड़े पैदा हो सकते हैं।
जानें क्‍या करें: मटके को हफ्ते में एक बार गुनगुने पानी से धोना चाहिए। इस दौरान मटके के बाहरी हिस्से को हल्के हाथ से स्कॉच ब्राइट से रगड़ें।

रोशनी भी है एक वजह

रात में कीट-पतंगे सफेद लाइट की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं। ऐसे में मटके का ढक्कन हटाते समय पानी में कीट-पतंगे गिर सकते हैं।
जानें क्‍या करें: मटके को लाइट के नीचे नहीं रखना चाहिए। मटके को सही तरीके से ढंके। ढक्कन और ऊपरी हिस्से के बीच सूती कपड़ा कसकर बांधें।

मौसम की नमी

बारिश के कारण वातावरण में नमी अधिक हो जाती है। इससे मटका सही तरीके से सूख नहीं पाता और उसमें जो छोटे-छोटे सुराख (छेद) होते हैं, वे बंद हो जाते हैं। इसके कारण मटके से वाष्पीकरण नहीं हो पाता और उसमें मौजूद पानी में कीड़े पैदा हो जाते हैं।
जानें क्‍या करें: बेहतर होगा कि आप दो मटके रखें। एक को धोने के बाद उसे सूखने के लिए रख दें और दूसरे का एक हफ्ते तक इस्तेमाल करें। अगले हफ्ते पहले मटके में पानी भरकर उसे इस्तेमाल करें और दूसरे मटके को धोकर सुखाने रख दें।

मटके में पानी भरते हुए रखें इन बातों का ध्‍यान

- हम से ज्यादातर लोग घड़े या मटके में पानी ऊपर से भरते रहते हैं और पानी खत्म होने पर ऊपर से भर देते हैं। इस प्रोसेस में होता ये है कि कई बार पुराना पानी मटके में ही संग्रहित रहता है और पुराना होता जाता है। ये पानी पेट में इंफेक्शन, टाइफाइड और हैजा जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए सही तरीका ये है कि रोज मटके को साफ पानी से धो कर, पुराना पानी फेंक कर नया और ताजा पानी भरें।

- मटके को किसी मज़बूत टेबल पर रखें या खिड़की के पास रखें। हवा पानी को ठंडा रखने में मदद करेगी। गर्म महीनों के दौरान, आप मटके को जल्दी ठंडा करने के लिए एक साफ नम कपड़े से लपेटकर रख सकते हैं।

- मटके पर कोई भी दरार या चिप्‍स होने की स्थिति पर घड़ा लीक हो सकता है। ऐसे मटके को तुरंत बदल दें।

- - एक मटके से पानी निकालने के लिए एक साफ, लंबे हैंडल वाली कलछी (कलची) का प्रयोग करें। गिलास डुबोने या अपने हाथ डुबाने से पानी को छूने से वह दूषित हो सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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