Measles Outbreak Alert: भारत में मंडराया बच्‍चों में फैलने वाली इस बीमारी का खतरा, WHO ने बताई असल वजह

Measles Outbreak Alert in India:मिसल्स (खसरा) एक वायरल संक्रमण है जो आमतौर पर बच्चों को प्रभावित करता है, लेकिन यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। यह मीजल्स वायरस के कारण होता है और आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। हाल ही में WHO ने खसरे के प्रकोप को लेकर एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें भारत को 57 देशों में से दूसरा सबसे प्रभावित देश बताया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर खसरे के मामलों में 20% की वृद्धि हुई है, और 2023 में खसरे के 10.3 मिलियन मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा, पिछले वर्ष की तुलना में खसरे से होने वाली मौतों में 8% की वृद्धि हुई है, और वैश्विक स्तर पर 107,500 मौतें हुई हैं। यह रिपोर्ट में खसरे के प्रकोप और टीकाकरण की कमी के कारण बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जाह‍िर की गई है।

Measles Outbreak Alert

भारत में मामले बढ़ने की वजह

WHO की रिपोर्ट के अनुसार, खसरे के मामलों में वृद्धि का प्रमुख कारण टीकाकरण में कमी है। भारत में मीजल्स के टीकाकरण कार्यक्रम चलाए गए थे, लेकिन टीकाकरण में कमी होने के कारण खसरे के प्रकोप में इजाफा हुआ है। यह स्थिति विशेष रूप से उन क्षेत्रों में देखी गई है जहां टीकाकरण की दर कम रही है।

क्या है खसरा?

खसरा एक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो मोर्बिलीवायरस नामक वायरस के कारण होती है। यह बीमारी मुख्य रूप से बच्चों और कमजोर इम्यूनिटी वाले व्यक्तियों को प्रभावित करती है। खसरा वायरस हवा के जरिए फैलता है, खासकर जब कोई व्यक्ति छींकता या खांसता है। छींकने या खांसने से हवा में वायरस के कण फैलते हैं, जो फिर दूसरे व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करते हैं।

खसरे के लक्षण

तेज बुखार, खांसी, नाक बहना, आंखों में जलन, और मुंह के अंदर सफेद दाग शामिल हैं। कुछ दिनों बाद शरीर पर लाल चकत्ते (रैशेज) दिखाई देने लगते हैं। यह बीमारी गंभीर हो सकती है और जटिलताएं जैसे न्यूमोनिया, दिमागी संक्रमण (एन्सेफलाइटिस) या आंखों में संक्रमण का कारण बन सकती है, विशेष रूप से यदि समय रहते उपचार न किया जाए।

खसरे का इलाज

हालांकि खसरे का कोई विशेष इलाज नहीं है, क्योंकि यह एक वायरल संक्रमण है, लेकिन इसके लक्षणों को कम करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं:

बुखार कम करने के लिए दवा: खसरे के दौरान बुखार को कम करने के लिए पैरासिटामोल जैसी दवाओं का सेवन किया जा सकता है।
पर्याप्त पानी पीना: शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना महत्वपूर्ण है।
पोषक आहार: खसरे से जूझ रहे व्यक्ति को पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना चाहिए, ताकि शरीर की इम्यूनिटी मजबूत बनी रहे।
गंभीर मामलों में डॉक्टर से संपर्क करें: अगर खसरे के लक्षण गंभीर हो जाएं या अन्य जटिलताएं जैसे न्यूमोनिया या एन्सेफलाइटिस का खतरा हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, November 16, 2024, 13:22 [IST]
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