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जम्मू-कश्मीर के राजौरी में फैली रहस्यमयी बीमारी, डेढ़ महीने 17 लोगों की जा चुकी हैं जान
Mysterious diseases in Jammu and Kashmir : जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के खवास ब्लॉक के बडाल गांव में रहस्यमयी बीमारी ने दहशत फैला दी है। डेढ़ महीने में इस बीमारी से 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं। ताजा मामला एक बच्ची की मौत का है, जबकि उसके 5 भाई-बहन अभी अस्पताल में भर्ती हैं।
डॉक्टर अब तक मौत के कारणों का पता नहीं लगा पाए हैं। PGI, AIIMS, और NCDC के विशेषज्ञ गांव का दौरा कर चुके हैं और सैंपल टेस्टिंग के लिए भेजे गए हैं, लेकिन बीमारी पकड़ में नहीं आ रही है। मृत बच्ची का शव SMGS अस्पताल में रखा गया है। बाकी शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। गांव में भय और अनिश्चितता का माहौल है।

बीमारों का अस्पताल में चल रहा है बीमार
मृतक बच्ची के 5 सगे भाई-बहन अभी भी बीमार हैं। तीन को जम्मू के SMGS अस्पताल में भर्ती किया गया है, जबकि एक की हालत गंभीर है। बाकी दो का इलाज राजौरी के राजकीय मेडिकल कॉलेज (GMC) में चल रहा है। इसके अलावा, एक महिला और 5 बच्चे पहले से जम्मू और राजौरी के अस्पतालों में इलाज चल रहा हैं। हालात चिंताजनक बने हुए हैं, और डॉक्टरों द्वारा इलाज जारी है।
8 दिसंबर को बडाल गांव निवासी मुहम्मद अफजल और उसके परिवार के सदस्य बीमार पड़े। अफजल की उसी दिन मौत हो गई, और कुछ दिन में उसके 4 बच्चों की भी मौत हो गई। उनकी पत्नी अब जम्मू के राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज है और जिंदगी-मौत के बीच झूल रही है। अफजल के निधन पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
डेढ़ महीने 13 लोगों की जा चुकी है जान
अफजल के घर हुए धार्मिक कार्यक्रम में असलम का परिवार भी शामिल हुआ था। कार्यक्रम के बाद असलम के सभी 6 बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। बच्चों को उल्टियां, बुखार और बेहोशी के लक्षण दिखाई दिए। रात को उन्हें उप-जिला अस्पताल कोटरंका ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें राजौरी रेफर किया गया। बाद में जहूर अहमद (14), नवीना कौसर (8), और यासमीन अख्तर (15) को हालत बिगड़ने पर जम्मू रेफर किया गया, जहां नवीना की मौत हो गई।
राजौरी में भर्ती मुहम्मद मारूफ (10) को भी हालत बिगड़ने पर जम्मू रेफर किया गया। सफीना कौसर और जबीना कौसर अभी भी राजौरी में भर्ती हैं, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं है।
रहस्यमयी बीमारी सीधा दिमाग पर कर रहा है असर
राजौरी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एएस भाटिया और SMGS अस्पताल जम्मू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दारा सिंह का कहना है कि मामला फूड पॉइजनिंग का हो सकता है, लेकिन इतने दिन बाद बच्ची की मौत से यह केस रहस्यमयी बीमारी का लग रहा है, क्योंकि बीमार बच्चों के दिमाग पर भी असर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस सीधे दिमाग पर हमला कर रहा है। बच्चों की हालत जल्द गंभीर हो जाती है और कुछ मिनटों में मौत हो जाती है।
बीमारी का नहीं चल सका है पता
बडाल गांव में फैल रही रहस्यमय बीमारी के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान, पीजीआई चंडीगढ़, एम्स दिल्ली और एनसीडीसी दिल्ली के विशेषज्ञों की टीमें गांव का दौरा कर चुकी हैं। सैंपल की जांच के लिए विशेष लैब भी गांव में लाई गई थी, लेकिन मौतों के कारण का खुलासा अभी नहीं हो सका है। गांव इस रहस्यमय बीमारी से जूझ रहा है।
पूरे क्षेत्र में लगा दिया है हेल्थ अलर्ट
स्वास्थ्य अधिकारियों को अभी तक बीमारी के सटीक कारण का पता नहीं चल पाया है, लेकिन जांच और उपचार की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिला प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य अलर्ट घोषित किया है और लोगों से एहतियाती उपायों का पालन करने की अपील की है। बडाल में अस्थायी स्वास्थ्य शिविर भी स्थापित किया गया है, जहां मुफ्त चिकित्सा जांच और बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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