Latest Updates
-
धनतेरस समृद्धि का स्वागत करने का दिन, लेकिन घर में शांति बनाए रखना भी उतना ही जरूरी: ज्योतिषी रिन्ही सुबरवाल -
'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, सामने आई मौत की वजह -
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? जानें व्रत के जरूरी नियम -
Namakpara Recipe: दिवाली पर घर पर बनाएं बिना मैदा के कुरकुरे नमकपारे, निशा मधुलिका ने बताई आसान रेसिपी -
Halloween 2026: क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए कहां और कैसे शुरू हुआ यह 'डरावना त्योहार' -
National Unity Day 2026 Wishes: हमारी पहचान हमारी एकता...राष्ट्रीय एकता दिवस पर आप भी भेजें ये शुभकामना संदेश -
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग -
बार-बार होने वाला सिरदर्द कहीं ब्रेन ट्यूमर तो नहीं? डॉक्टर ने बताए 5 वार्निंग संकेत जिन्हें पहचानना है जरूरी -
Ahoi Ashtami 2026: 1 या 2 नवंबर, अहोई अष्टमी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Karwa Chauth Wishes For Saasu Maa: आपके आशीर्वाद से...करवा चौथ पर सासू मां को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे हैं पायल रोहतगी के पिता, क्यों अधिक उम्र वाले पुरुष बनते हैं इसके शिकार!
Payal Rohatgi's Father Battling Prostate Cancer : टीवी एक्ट्रेस पायल रोहतगी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर अपने पिता के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। उनके पिता 2018 से प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित हैं, जबकि 2006 से उनके फेफड़े सिकुड़ने की समस्या से जूझ रहे हैं। अब इलाज के लिए पैसों की कमी हो गई है। प्रोस्टेट कैंसर गंभीर बीमारी है, जिसका इलाज काफी महंगा हो सकता है।
यह बीमारी बुजुर्ग पुरुषों में आम है और इसके लक्षणों में पेशाब में कठिनाई, खून आना, और बार-बार पेशाब आना शामिल हो सकते हैं। समय पर इलाज और सही देखभाल से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि आखिर ये बीमारी बुजुर्ग पुरुषों को क्यों होती हैं?

प्रोस्टेट कैंसर अधिक उम्र के पुरुषों में ही क्यों होती है?
प्रोस्टेट कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जो ज्यादातर बुजुर्ग पुरुषों को प्रभावित करती है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई शारीरिक बदलाव होते हैं, जो इस बीमारी के जोखिम को बढ़ाते हैं। प्रोस्टेट ग्रंथि में असामान्य कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि इसके मुख्य कारणों में से एक है।
आमतौर पर, 50 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इसके पीछे हार्मोनल बदलाव, विशेष रूप से टेस्टोस्टेरोन का असंतुलन, और जेनेटिक प्रवृत्तियां प्रमुख कारण मानी जाती हैं। इसके अलावा, खराब जीवनशैली, धूम्रपान, और अनहेल्दी खानपान भी इस बीमारी के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती लक्षण
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक प्रोस्टेट कैंसर के मरीजों में कुछ सामान्य लक्षण नजर होते हैं, जो कुछ इस तरह होते हैं-
- पेशाब में परेशानी
- बार-बार पेशाब आना
- खून आना, या मूत्र प्रवाह में कमी
- पेशाब करते समय दर्द या जलन (डिसुरिया)
- मूत्र और आंत पर नियंत्रण खोना
- दर्दनाक स्खलन
- स्तंभन दोष ( ED)
- वीर्य या पेशाब में खून (हेमेटोस्पर्मिया)
- पीठ के निचले हिस्से कूल्हे या छाती में दर्द होना शामिल है।
प्रोस्टेट कैंसर का इलाज
प्रोस्टेट कैंसर के इलाज कारीज की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, और कैंसर की स्टेज पर निर्भर करता है।
- रेडिएशन थेरेपी से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता
- हार्मोन थेरेपी से शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम किया जाता है, जो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को धीमा कर सकता है।
- इम्यूनोथेरेपी से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर से लड़ने के लिए मजबूत किया जाता है।
- इसके अलावा एक्टिव सर्विलांस से कैंसर के मामलों में, डॉक्टर नियमित जांच के जरिए कैंसर की ग्रोथ पर नजर रखकर अलग-अलग टेक्निक से इसे कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
