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Prateek Yadav Death: प्रतीक यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, इस मेडिकल कंडीशन के चलते हुई मौत
Prateek Yadav Death Reason: समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का बुधवार (13 मई) सुबह निधन हो गया। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सामने आ गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रतीक यादव की मौत हार्ट अटैक से होने की पुष्टि हुई है। उनके शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। शुरुआती जांच में मौत की वजह फेफड़ों में खून के थक्के जमना बताई गई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, शरीर के निचले हिस्से से खून का थक्का ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया था, जिससे आर्टरी और फेफड़ों में संक्रमण हुआ। इसके बाद कार्डियक अरेस्ट से प्रतीक यादव की मौत हो गई। फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जमने को मेडिकल भाषा में इसे पल्मोनरी एम्बोलिज्म (Pulmonary Embolism) कहा जाता है। यह एक गंभीर मेडिकल स्थिति होती है, जिसमें शरीर में बना खून का थक्का फेफड़ों की धमनियों तक पहुंचकर वहां ब्लॉकेज पैदा कर देता है। आमतौर पर यह थक्का पैरों की नसों से होकर फेफड़ों तक पहुंचता है, जिससे ऑक्सीजन और खून का प्रवाह अचानक प्रभावित होने लगता है। डॉक्टरों के अनुसार, फेफड़ों की नसों में क्लॉट की वजह से दिल और सांस लेने की प्रक्रिया अचानक बंद हो गई, जिससे मौत हुई। डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए दिल और फेफड़ों से जुड़े कुछ नमूनों को सुरक्षित रखा है। इसके अलावा, शरीर के कुछ अंगों (विसरा) को भी रासायनिक जांच के लिए संरक्षित कर पुलिस को सौंप दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शरीर पर मिली सभी चोटें मौत से पहले की थीं।
किन बीमारियों से जूझ रहे थे प्रतीक यादव?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतीक यादव लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं से जूझ रहे थे। बताया जा रहा है कि उनके फेफड़ों में ब्लड क्लॉट की समस्या थी, जिसका इलाज चल रहा था। इसके अलावा, वह डिप्रेशन से भी गुजर रहे थे और लखनऊ के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज कराया जा रहा था। उनकी पुरानी डॉक्टर डॉ रुचिता के अनुसार, प्रतीक यादव को हाई ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन और डायबिटीज जैसी बीमारियां भी थीं।
फिटनेस इमेज के पीछे छिपी थी गंभीर बीमारी
प्रतीक यादव को फिटनेस पसंद करने वाले व्यक्ति के तौर पर जाना जाता था। वह अक्सर जिम और वर्कआउट को लेकर चर्चा में रहते थे। लेकिन डॉक्टरों के खुलासों के बाद यह बात सामने आई कि बाहरी फिटनेस हमेशा शरीर के अंदरूनी स्वास्थ्य की सही तस्वीर नहीं दिखाती। उनकी मौत के बाद एक बार फिर इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि तनाव, लाइफस्टाइल और गंभीर बीमारियों का शरीर पर कितना गहरा असर पड़ सकता है। मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार स्वास्थ्य जांच और समय पर इलाज ऐसी बीमारियों में बेहद जरूरी होता है।
क्या होता है ब्लड क्लॉट और कितना खतरनाक है?
ब्लड क्लॉट यानी खून का थक्का, खून का वह जमा हुआ हिस्सा होता है जो शरीर में किसी चोट या रक्तस्राव को रोकने के लिए बनता है। सामान्य स्थिति में यह शरीर के लिए जरूरी होता है, लेकिन जब यही थक्का नसों या धमनियों के अंदर बनकर खून के प्रवाह को रोकने लगे तो यह बेहद खतरनाक हो सकता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर क्लॉट फेफड़ों, दिल या दिमाग तक पहुंच जाए तो यह जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है। फेफड़ों में पहुंचने वाले क्लॉट को पल्मोनरी एम्बोलिज्म कहा जाता है, जिसमें ऑक्सीजन का प्रवाह प्रभावित होने लगता है और मरीज को सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द या अचानक बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में इससे कुछ ही मिनटों में मौत भी हो सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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