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ब्रेस्टफीडिंग पीरियड के दौरान पीएं आलूबुखारे का जूस, मिलेंगे ये जबरदस्त फायदे
जब एक स्त्री मां बनती है तो उसे अपनी सेहत का अतिरिक्त ख्याल रखना होता है। खासतौर से, उसके द्वारा लिया जाने वाला आहार सिर्फ महिला ही नहीं, बल्कि नवजात शिशु की सेहत पर भी प्रभाव डालता है। आहार से ही मां के दूध की मात्रा और गुणवत्ता प्रभावित होती है। ऐसे में ब्रेस्टफीड करवाने वाली महिला को अपनी डाइट में प्रून जूस जिसे आलूबुखारे का जूस भी कहा जाता है, शामिल करने से काफी लाभ मिल सकता है।

आमतौर पर, आलूबुखारे के जूस को कब्ज से राहत दिलाने के लिए जाना जाता है। लेकिन इसके अन्य भी कई लाभ है। ब्रेस्टफीडिंग मदर को इससे कई लाभ मिल सकते हैं।तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि ब्रेस्टफीडिंग मदर को आलूबुखारे का रस पीने से क्या फायदे मिल सकते हैं-
हाइड्रेशन में मिलती है मदद
जब एक स्त्री स्तनपान करवाती है तो इससे उसका शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है। ऐसे में यह बेहद आवश्यक है कि वह हाइड्रेशन पर विशेष रूप से ध्यान रखें। इससे दूध के उत्पादन को बनाए रखने में भी मदद मिलती है। ऐसे में बॉडी हाइड्रेशन को बनाए रखने के लिए आप आलूबुखारे के जूस का सेवन कर सकती हैं।
मिलते हैं कई पोषक तत्व
जब आप ब्रेस्टफीड करवा रही हैं तो आपको यह अवश्य सुनिश्चित करना चाहिए कि आपकी डाइट में कई तरह के आवश्यक पोषक तत्व मौजूद हों। इस लिहाज से आप प्रून जूस को अपनी डाइट में शामिल करें। इसमें पोटेशियम, विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट आदि मौजूद होते हैं, जो आपकी और नवजात शिशु दोनों की हेल्थ का ख्याल रखते हैं।
मिलती है एनर्जी
यह देखने में आता है कि नई मां अक्सर थकान की शिकायत करती हैं। विशेष रूप से, नवजात शिशु की देखभाल और स्तनपान के दौरान वह काफी थक जाती हैं। ऐसे में उन्हें अतिरिक्त एनर्जी की जरूरत होती है। इस अवस्था में आलूबुखारे का जूस पीना लाभकारी होती है। दरअसल, इसमें नेचुरल शुगर होती है, जो आपको इंस्टेंट एनर्जी देती है और आप अधिक एक्टिव फील कर सकती हैं।
फाइबर से मिलता है लाभ
अधिकतर महिलाओं को शिशु के बाद बाउल मूवमेंट में परेशानी का सामना करना पड़ता है। दरअसल, स्तनपान के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल परिवर्तन या आयरन सप्लीमेंट के कारण उन्हें कब्ज का अनुभव हो सकता है। ऐसे में आलूबुखारे का जूस पीने से फायदा मिलता है। इसमें मौजूद फाइबर कब्ज को रोकने में मदद कर सकता है। साथ ही साथ, इससे मल त्याग करना भी अधिक आसान हो जाता है।
वजन को बनाए रखने में मिलती है मदद
अधिकतर महिलाओं को बच्चे के जन्म के बाद वजन बढ़ने की समस्या होती है। ऐसे में जरूरी है कि डाइट पर ध्यान दिया जाए। अगर ब्रेस्टफीडिंग के दौरान आलूबुखारे के रस का सेवन किया जाता है तो इससे आपको लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है। यह आपकी भूख को कम करता है और इससे आपको अपने बढ़ते वजन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
एनीमिया से बचाए
आलूबुखारे का जूस पीने से ब्रेस्टफीडिंग मदद को एनीमिक होने से रोकने में भी मदद मिलती है। दरअसल, प्रून जूस आयरन का एक अच्छा स्रोत माना जाता है। जिसके कारण इसका सेवन करने से आपके शरीर में आयरन की मात्रा को बनाए रखने में मदद मिलती है।
इसका रखें ध्यान
इस बात में कोई दोराय नहीं है कि आलूबुखारे के रस का सेवन सेहत के लिए काफी अच्छा है। हालांकि, अगर इसका अधिक मात्रा में सेवन किया जाता है तो इससे दस्त की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, हमेशा पहले थोड़ी मात्रा में ही इसका सेवन करें। साथ ही, अगर आप पहली बार इसका सेवन कर रही हैं तो एक बार डॉक्टर से परामर्श भी अवश्य ले लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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