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क्यों खाना खाते समय पालथी मारकर बैठना चाहिए, जानिए सुखासन के फायदे
समय के साथ हर चीज में बदलाव आया है। बात चाहें खाने-पीने की हो या उठने-बैठने की आदतों की, आधुनिकता को अपनाने के चक्कर में हअपनी सेहत से खिलवाड़ कर रहे है। बात करें अगर खाना खाने की, तो पहले के जमा़ने में लोग फर्श पर पालती मारकर खाना खाया करते थे। लेकिन जब से डाइनिंग टेबल या कुर्सियों का चलन बढ़ा है, तब से लोग नीचे बैठकर खाना अपनी शान के खिलाफ समझते है।
जो लोग नीचे बैठकर खाते है उन्हें हीन या हास्यापद भावना से देखा जाता है। जबकि एक्सपर्टस का मानना है कि, जो लोग फर्श पर पालती मारकर खाना खाते है वो अन्य लोगों के मुकाबले ज्यादा स्वस्थ और फुर्तीले रहते है। आइए जानते है कैसे-

एक समय था, जब किचन में मां जब रोटी पकाती जाती थी, तो बच्चेु वहीं जमीन बैठकर गर्मागर्म खाते जाते थे। फर्श पर बैठकर खाने का नजा़रा शादी जैसे अन्य इवेंट में भी मिल जाता था। लेकिन बड़े दुर्भाग्य की बात है कि अब ये नजारा गांवों तक ही सीमित रह गया है या फिर गुरुद्वारे के लंगर में। क्यूंकि कुर्सी-टेबल पर बैठकर खाने को लोग सभ्य तरीका मानने लगे हैं, ऐसे में फर्श पर बैठकर खाने की प्रथा धीरे-धीरे खत्मक होने के कगार पर है। जबकि इसके कई फायदे है।
फर्श पर बैठकर खाना खाने के क्या फायदे है-
- फर्श पर बैठने कर खाना एक आसन की मुद्रा भी है। जिसे सुखासन कहते है। जब हम इस आसन को करते है तो हमारा शरीर लचीला बनता है और मन शांत रहता है। जमीन पर बैठकर खाने का एक फायदा ये भी है कि इससे तनाव खत्मह होता है।
- जो लोग बढ़ते वजन को लेकर परेशान है। उन्हें तो जमीन पर बैठकर ही खाना चाहिए। क्यूंकि पालथी मारकर बैठने से आपका दिमाग शांत रहता है और पूरा ध्या न खाने पर होता है। ऐसे में आप ओवर इटिंग से भी बचते हैं।
- फर्श पर बैठकर खाने के दौरान आप डाइजेशन की नेचुरल अवस्था में होते हैं। इससे हमारा डाइजेशन सिस्टम बेहतर तरीके से अपना काम कर पाते हैं। इसके अलावा इससे कांस्टिपेशन की समस्या नहीं रहती।
- जब आप कुर्सी पर बैठ कर खाना खाते हैं तो ब्लड सर्कुलेशन विपरीत होता है। इसमें सर्कुलेशन पैरों तक होता है, जो कि खाना खाते समय जरूरी नहीं होता है। जबकि, जमीन पर बैठकर खाने से हमारा ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। जिससे हमारा हार्ट डाइजेशन में मदद करने वाले सभी बॉडी पॉर्टस तक ब्लड पहुंचाता है।
- फर्श पर बैठकर खाने से एजिंग के लक्षणों से बचा जा सकता है। क्यूंकि, इस मुद्रा में बैठकर खाने से रीढ़ की हड्डी और पीठ से जुड़ी कोई समस्याब नहीं हो सकती है। बल्कि इस अवस्था में बैठने से कमर एकदम सीधी रहेगी। साथ ही जो लोग गलत मुद्रा में बैठने के कारण किसी तरह के दर्द से परेशान होते हैं, वो समस्या भी इस आसन में बैठकर खाने से दूर हो सकती है।
- ये मुद्रा आपके डाइजेशन और बॉडी के बैक पॉर्शन को तो इंप्रूव करती है ही, बल्कि ये आपके ज्वाइंटस के लचीलेपन को बनाए रखने में भी मदद करते हैं। जिससे आप गठिया और हड्डियों की कमजोरी जैसी परेशानियों से बच सकते हैं।
- जब हम जमीन पर बैठकर खाना खाते हैं तो हमें अपने घुटनों को मोड़ना पड़ता है। यह घुटनों के लिए सबसे अच्छी एक्सरसाइज है। बल्कि इस तरह बैठने से जोड़ों के दर्द से भी राहत मिलती है।
- फिजिकल बेनिफिटस के अलावा एक और फायदा जो जमीन पर बैठकर खाने से होता है, वो है परिवार के लोगों में प्रेम बढ़ना। दरअसल, जब हम जमीन पर अपने परिवार के साथ बैठकर खाना खाते है तो इससे आपसी प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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