Latest Updates
-
दिवाली पर घी, सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाना है शुभ? आचार्य वसंत विजय महाराज से जानें सही नियम -
दिवाली के दिन अगर पीरियड हो जाए तो कैसे करें पूजा? जानें मां लक्ष्मी और गणेश पूजन की धार्मिक मान्यताएं -
Choti Diwali 2026: पति-पत्नी के लिए प्यार भरे शुभकामना संदेश और रोमांटिक विशेज -
नरक चतुर्दशी 2026: जब श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर 16,000 राजकुमारियों को दिलाई मुक्ति, जानें पौराणिक कथा -
रूप चौदस 2026: बहू और बेटी को भेजें ये खूबसूरत शुभकामना संदेश, रिश्तों में घोलें प्यार और अपनापन -
Narak Chaturdashi 2026: बाल और नाखून काटना क्यों है अशुभ? निरोगी रहने के लिए कर लें ये उपाय -
धनतेरस पर धनिया खरीदने के बाद करें यह एक उपाय, घर में बनी रहेगी बरकत -
धनतेरस पर 13 दीपक क्यों जलाए जाते हैं? प्रदोष काल में पढ़ें यमदीपदान की कथा -
धनतेरस के 21 शुभकामना संदेश: घर की लक्ष्मी के त्योहार को बना देंगे स्पेशल -
धनतेरस समृद्धि का स्वागत करने का दिन, लेकिन घर में शांति बनाए रखना भी उतना ही जरूरी: ज्योतिषी रिन्ही सुबरवाल
चोकर वाला आटा या सामान्य आटा, दोनों में क्या खाना है सेहतमंद? जानें एक्सपर्ट की राय
Regular vs. Whole Wheat Flour : आटा हमारे रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है, इसके वजह से हमें दो वक्त की रोटियां नसीब होती है। मगर क्या आप जानते हैं आपके घर में इस्तेमाल में लिया जाने वाला आटा आपकी सेहत से जुड़ा हुआ है। जी हां, आप रोटियां बनाने के लिए आटे किस तरह इस्तेमाल में लेते हैं। इसका सेहत पर बहुत असर पड़ता है। चोकर युक्त आटा और बिना चोकर वाला आटा, इन दोनों के बीच अब सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि सेहत की भी जंग चल रही है।
आजकल हेल्थ एक्सपर्ट्स और न्यूट्रिशनिस्ट्स का ध्यान चोकर युक्त आटे की ओर अधिक जा रहा है, क्योंकि यह न सिर्फ वजन घटाने में मदद करता है, बल्कि दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने में भी सहायक होता है। लेकिन इसका अधिक सेवन भी नुकसानदेह हो सकता है। तो आइए समझते हैं कि दोनों में क्या अंतर है और हमारे लिए कौन सा आटा अधिक फायदेमंद है।

क्या होता है चोकर युक्त आटा?
गेहूं का दाना तीन हिस्सों में बंटा होता है, ब्रान (चोकर), जर्म और एंडोस्पर्म। जब गेहूं को पीसा जाता है, तो उसकी ऊपरी मोटी परत यानी ब्रान अलग हो जाती है और इसे ही चोकर कहते हैं। आमतौर पर रिफाइंड आटा या बिना चोकर वाला आटा इस ब्रान से रहित होता है, जिससे उसके पोषक तत्वों में भारी गिरावट आ जाती है। वहीं, चोकर युक्त आटा इस प्राकृतिक फाइबर से भरपूर होता है।
सेहत के लिए क्यों जरूरी है चोकर?
डाइटिशियन के अनुसार, किसी भी अनाज को जितना अधिक प्रोसेस किया जाता है, उसके पोषक तत्व उतने ही कम होते जाते हैं। चोकर युक्त आटे में भरपूर फाइबर होता है, जो पाचन तंत्र के लिए बेहद लाभकारी है। यह शरीर को अधिक समय तक तृप्त रखता है और ब्लड शुगर को स्थिर बनाए रखने में भी सहायक होता है। फाइबर आंतों की गति (पेरीस्टाल्टिक मूवमेंट) को बेहतर बनाता है, जिससे कब्ज की समस्या नहीं होती।
वजन घटाने में सहायक
चोकर युक्त आटे से बनी रोटियां धीरे पचती हैं, जिससे भूख बार-बार नहीं लगती। यह वजन घटाने की प्रक्रिया में एक सकारात्मक भूमिका निभाता है। साथ ही, यह कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित रखने में भी मदद करता है।
क्या हैं सावधानियां?
हालांकि चोकर युक्त आटा स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन हानिकारक हो सकता है। केवल चोकर का ज्यादा सेवन करने से पेट में गैस, सूजन या अल्सर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए दिन में 4-5 रोटियों से अधिक न खाएं और संतुलित डाइट का पालन करें।
निष्कर्ष
अगर आप सेहतमंद जीवनशैली की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, तो चोकर युक्त आटा एक अच्छा विकल्प हो सकता है। बस ध्यान रखें कि संतुलन बनाए रखें, तभी इसका भरपूर लाभ मिलेगा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
