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क्या होता है क्लिनिकल डिप्रेशन जिससे जूझ रहे थे क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा? ऐसे नजर आते हैं लक्षण
clinically depression : डिप्रेशन एक ऐसा शब्द है जिससे हर तीसरा व्यक्ति परेशान है। यह शब्द जिंदगी में मायूसी और निराशा को परिभाषित करता है। लोगों के जीवन में निराशा और तनाव के अलग-अलग कारण की वजह से डिप्रेशन भी अब कई तरह के होने लगे हैं। इन्ही में से एक हैं क्लिनिकल डिप्रेशन।
ये एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या है। यह सिर्फ एक सामान्य उदासी नहीं है, बल्कि यह ऐसी स्थिति है जब व्यक्ति जीवन के प्रति नकरात्मक हो जाता है। जिसमें मरीज लंबे समय तक उदासी, निराशा और थकावट से जूझता है। हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने खुलासा किया है कि वो भी इस समस्या से जूझ चुके हैं और उन्होंने इसके बारे में खुलकर बात की है।

रोबिन उथप्पा ने बताया कि वे डिप्रेशन और सुसाइड जैसे ख्यालों से गुजर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनके जीवन का सबसे कठिन मुकाबला क्रिकेट के मैदान पर नहीं, बल्कि उनके मन के अंदर था। रोबिन ने बताया कि वो अपने इस एक्सपीरियंस को शेयर कर वो मेंटल हेल्थ से जुडे मिथकों को तोडना चाहते हैं ताकि दूसरे भी इस बारे में बात कर सकें। आइए सबसे पहले जानते हैं कि क्लिनिकल डिप्रेशन क्या होता है और इसके लक्षण-
क्लिनिकल डिप्रेशन क्या है?
क्लिनिकल डिप्रेशन एक तरह की अवसादग्रस्त मानसिक बीमारी है। इसमें व्यक्ति हमेशा मायूस और निराश रहता है। इसमें महीनों या सालों तक चल सकती है। इस बीमारी के दौरान व्यक्ति को किसी चीज में खुशी या रुचि नहीं मिलती है। पहले वह उस चीज को पसंद करता था। इसका सीधा असर व्यक्ति के सोचने समझने महसूस करने और काम करने की क्षमता पर पड़ता है।
क्लिनिकल डिप्रेशन के लक्षण
- परेशान, बेचैन और उदास रहना
- छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना
- चिड़चिड़ापन
- नींद कम आना
- किसी भी चीज को करने में दिल नहीं लगना
डिप्रेशन से निपटने के उपाय
- रोजाना व्यायाम करें, संतुलित मात्रा में आहार का सेवन करे और भरपूर नींद लें।
- अपने दोस्त या परिवार जिनके भी आप निकट है तो उनके सामने खुलकर अपनी फीलिंग्स शेयर करें।
- अगर काफी लंबे समय से थकावट हो रही है, तो एक ब्रेक लें और खुद को समय दें।
- यदि आपको यह महसूस होता है कि आप डिप्रेशन से जूझ रहे हैं तो फौरन मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मिलें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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