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Saraswati Puja 2024 : सरस्वती पूजा के अगले दिन बंगाली क्यों खाते हैं बासी खाना, सेहत से जुड़ी है ये परांपरा
Gota Sheddho on Sheetal Shashti : बंगाली समाज में सरस्वती पूजा के बाद शीतला षष्ठी मनाई जाती है। इस दिन 6 प्रकार की सब्जियों को एक साथ उबालकर खाने का नियम है। शीतला षष्ठी के लिए सरस्वती पूजा यानी बसंत पंचमी के दिन इस खाने को पकाया जाता है और अगले दिन ठंडा करके खाया जाता है।
आप इसे बासी भोजन या ठंडा भात भी कह सकते हैं। बंगालियों के इस परांपरा के पीछे सेहत का कनेक्शन हैं।

षष्ठी माता की होती है पूजा
यह त्यौहार बंगाली माताएं विशेष रूप से अपनी संतानों के लिए बच्चों और प्रसव की रक्षा करने वाली देवी मां षष्ठी का आशीर्वाद मांगने के लिए मानती हैं। इस दिन घरों में गर्म भोजन का सेवन नहीं किया जाता है। बस इस दिन एक रात पहले तैयार किए गए विशिष्ट प्रकार के ठंडे व्यंजनों का ही सेवन किया जाता है।
नहीं जलता है चूल्हा इस दिन
ज्यादातर बंगाली परिवारों में उस दिन चूल्हा तक नहीं जलता। यहां तक कि सिलबट्टा पर भी कोई चीज पीसी नहीं जा सकती। इस दिन सुबह विधि-विधान के साथ घरों में सील लोढ़ा (सिलबट्टे) और चूल्हे की भी पूजा की जाती है। मान्यताओं के मुताबिक, चूंकि यह शीतल षष्ठी होती है, इसलिए गर्म भोजन नहीं, बल्कि एक दिन पहले पका हुआ ठंडा भोजन ग्रहण करने का नियम है।
सीजानो और गोटा सेढ़ा खाने की है परांपरा
चूंकि यह षष्ठी है और इस मौसम में 6 प्रकार की मौसमी सब्जियों को एक साथ उबालकर खाया जाता है। इसे बंगाली भाषा में गोटा सेढ़ा कहा जाता है। परिवार में से कोई व्रत रखता है वो ही सीजानो बनाता है। कई जगह 9 प्रकार के दाल व सब्जी का मिश्रण (सीजानो) और ठंडा भात माता माता शीतल षष्ठी को अर्पण किया जाता है। उसके बाद पूरा परिवार इस भोजन को ग्रहण करता है। इस पर्व में सीजानो खाने और खिलाने की परंपरा है।
यह है ठंडा खाने की वजह
हालांकि, इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है। यह उबला हुआ भोजन काफी पौष्टिक होता है। चूंकि इस मौसम के दौरान चेचक, संक्रमण और इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियाँ होती हैं, इसलिए शरीर को ठंडा रखने के लिए इसे पूरा उबालकर खाया जाता है। डॉक्टर इस भोजन को आरामदायक भोजन भी कहते हैं।
इन सब्जियों को बनाकर खाया जाता है
यह भोजन बनाने के लिए मूल रूप से लोग आलू, सेम, बैंगन, पालक, कुल्थी और कच्ची मूंग दाल को एक साथ मिलाकर उबालते हैं। क्षेत्र विशेष पर सीजानो मनाने का तरीका अलग-अलग है। कुछ लोग सीजानो में मछली बनाते हैं, जबकि कुछ लोग इस पूजा में शाकाहारी खाना बनाते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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