Latest Updates
-
इस Mother's Day मां को दें किचन से 'Off', बिना गैस जलाए 10 मिनट में बनाएं ये 3 लाजवाब डिशेज -
Mother's Day 2026: 50 की उम्र में चाहिए 30 जैसा ग्लो ! महंगे फेशियल नहीं आजमाएं ये 5 घरेलू नुस्खे -
Mother's Day Wishes for Chachi & Tai Ji: मां समान ताई और चाची के लिए मदर्स डे पर दिल छू लेने वाले संदेश -
क्या आपने कभी खाया है 'हरामजादा' और 'गधा' आम? मिलिए Mango की उन 14 किस्मों से जिनके नाम हैं सबसे अतरंगी -
Mother's Day 2026 Wishes for Bua & Mausi: मां जैसा प्यार देने वाली बुआ और मौसी को भेजें मदर्स डे पर ये संदेश -
Periods Delay Pills: पीरियड्स टालने वाली गोलियां बन सकती हैं जानलेवा, इस्तेमाल से पहले जान लें ये गंभीर खतरे -
वजन घटाने के लिए रोज 10K कदम चलना सबसे खतरनाक, एक्सपर्ट ने बताए चौंकाने वाले दुष्परिणाम -
Maharana Pratap Jayanti 2026 Quotes: महाराणा प्रताप की जयंती पर शेयर करें उनके अनमोल विचार, जगाएं जोश -
Shani Gochar 2026: रेवती नक्षत्र में शनि का महागोचर, मिथुन और सिंह सहित इन 5 राशियों की लगेगी लॉटरी -
Aaj Ka Rashifal 9 May 2026: शनिवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेंगे सितारे
IND vs SA: Shubman Gill की इंजरी ने बढ़ाई टीम इंडिया की टेंशन, जानें कितनी गंभीर है क्रिकेटर की चोट
Shubman Gill Injury Update IND vs SA: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच कोलकाता में चल रही टेस्ट सीरीज (IND vs SA) के पहले मैच में टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा। मैच के दूसरे दिन शुभमन गिल (Shubman Gill) सिर्फ 3 गेंदें फेंकने के बाद ही अचानक पवेलियन लौट गए। मैदान पर उन्हें गर्दन में तेज दर्द और अकड़न (Stiff Neck) की समस्या हो गई, जिसके बाद फिजियो ने तुरंत उन्हें जांचा। गिल अपनी गर्दन पकड़कर दर्द से परेशान नजर आए, जिसके चलते उन्हें खेल बीच में ही छोड़ना पड़ा।
ऐसे में सवाल ये उठता है कि शुभमन गिल की गर्दन में आई चोट कितनी खतरनाक है और समय रहते इलाज नहीं हुआ तो इसका क्या परिणाम होगा। साथ ही ये भी कि क्रिकेटर्स को गर्दन में इतनी ज्यादा चोट क्यों आती है।

शुभमन गिल की चोट कितनी गंभीर है?
शुभमन गिल की गर्दन में लगी चोट ने उनके फैंस और क्रिकेट प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है। अचानक से गर्दन में हुई जकड़न की वजह से उन्हें बीच में ही खेल छोड़ना पड़ा। बता दें कि गर्दन में अचानक अकड़न होना हल्का दर्द भी हो सकता है और कभी-कभी ये गहरी चोट या मसल स्ट्रेन का संकेत भी देता है। बता दें कि स्टिफ नेक (Stiff Neck) होने पर गर्दन घुमाने में दिक्कत, झटके से दर्द, मसल्स में खिंचाव और स्ट्रक्चरल डैमेज का खतरा जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
फिलहाल टीम इंडिया या BCCI की ओर से शुभमन गिल की चोट पर कोई ऑफिशियल अपडेट नहीं आया है। अभी यह साफ नहीं है कि समस्या मसल स्ट्रेन की है, नस पर दबाव है या गर्दन की किसी गहरी चोट का असर है। लेकिन दर्द इतना ज्यादा था कि गिल को मैदान छोड़कर बाहर जाना पड़ा।
क्या शुभमन गिल इस सीरीज में दोबारा खेल पाएंगे?
फैंस का सवाल है कि क्या शुभमन गिल दोबारा इस सीरीज में खेल पाएंगे। बता दें कि अगर उनकी चोट हल्की है और सिर्फ मसल स्ट्रेन है, तो वे कुछ दिनों में ठीक होकर दोबारा मैदान में उतर सकते हैं। लेकिन अगर- गर्दन में सूजन, निरंतर दर्द रोटेशन में दिक्कत जैसी समस्या रहती है, तो उनके लिए इस सीरीज के बाकी मैच खेलना मुश्किल हो सकता है। बल्लेबाजी के दौरान गर्दन का मूवमेंट सबसे अहम होता है, इसलिए हल्की चोट भी असर डाल सकती है।
क्रिकेटर्स को गर्दन की चोट क्यों लगती है?
क्रिकेट में गर्दन पर चोट लगना आम बात है। इसके कई कारण हो सकते हैं-
बैट स्विंग करते समय गर्दन पर अचानक जोर पड़ना
गलत पोजीशन या गलत एंगल से गर्दन मुड़ जाना
वार्म-अप अच्छे से ना करना
फील्डिंग के दौरान गिरना
भारी हेल्मेट और गियर का दबाव
लगातार पसीना और मसल टाइटनेस
ज्यादा देर तक दौड़ना, खड़े रहना या लंबी इनिंग खेलना
लगातार फ्लाइट या बस यात्राओं के कारण अकड़न
इन वजहों से गर्दन में खिंचाव या दर्द शुरुआत में हल्का लगता है, लेकिन बाद में बड़ा रूप ले सकता है।
पहले भी चोटिल हो चुके हैं शुभमन
ऐसा पहली बार नहीं है कि शुभमन गिल चोटिल हुए हैं। बता दें कि इससे पहले एशिया कप के दौरान भी चोटिल हो चुके हैं। एक प्रैक्टिस सेशन में उनके हाथ पर चोट लगी थी, जिसकी वजह से उन्हें बोतल खोलने तक में परेशानी होती थी। यानी गिल चोटों से जूझते हुए भी लगातार अपना 100% देने की कोशिश करते रहे हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications