Perfume Side Effects: आप भी रोज लगाते हैं परफ्यूम या डियो? तो जान लें इसके ये 5 नुकसान

Side Effects Of Perfume: हम में से अधिकतर लोग रोजाना परफ्यूम, डिओडोरेंट या बॉडी स्प्रे का इस्तेमाल करते हैं। यह पसीने की बदबू से छुटकारा दिलाने के साथ ही शरीर को अच्छी खुशबू देने भी मदद करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तन और मन को महकाने वाला परफ्यूम आपकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है? जी हां, परफ्यूम में कई ऐसे केमिकल होते हैं, जो कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। परफ्यूम का अत्यधिक इस्तेमाल करने से कान, नाक और गले (ईएनटी) से जुड़े अंगों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसके अलावा, कुछ अध्ययनों से यह भी पता चला है कि परफ्यूम में मौजूद कुछ केमिकल त्वचा और हार्मोन को भी प्रभावित कर सकते हैं। आज इस लेख में डॉ दीपांशु गुरनानी, वरिष्ठ सलाहकार - ईएनटी एवं हेड एंड नैक सर्जरी, नारायणा हॉस्पिटल जयपुर, से जानते हैं कि ज्यादा परफ्यूम लगाने से शरीर को क्या नुकसान हो सकते हैं?

Perfume

श्वसन तंत्र और नाक पर प्रभाव

परफ्यूम में मौजूद वाष्पशील कार्बनिक यौगिक यानी VOCs हवा में मिलकर सीधे हमारी सांस के साथ शरीर में जाते हैं। इससे नाक में जलन, छींक, खांसी, नाक बंद होना और सिर भारी लगना जैसी समस्याएं होने लगती हैं। जिन लोगों को पहले से अस्थमा, एलर्जिक राइनाइटिस या साइनस की समस्या होती है, उनमें थोड़ी सी खुशबू भी लक्षण बढ़ा देती है। खासकर एसी वाले या बंद कमरों में तेज सुगंध से घुटन, सिरदर्द और सांस लेने में परेशानी काफी आम है।

साइनस स्वास्थ्य पर असर

परफ्यूम साइनस पर भी असर डाल सकता है। इसके रसायन नाक और साइनस की झिल्ली में सूजन पैदा करते हैं, जिससे साइनस के रास्ते संकुचित हो जाते हैं। जब हवा और म्यूकस बाहर नहीं निकल पाता, तो माथे और आंखों के आसपास दर्द, चेहरे में भारीपन और बार-बार सिरदर्द जैसी दिक्कतें होने लगती हैं। लंबे समय तक तेज परफ्यूम के संपर्क में रहने से साइनस इतना संवेदनशील हो जाता है कि धूल, ठंडी हवा या मौसम बदलने पर भी तुरंत सूजन या परेशानी बढ़ जाती है।

गले, स्वरयंत्र और खांसी

परफ्यूम गले और आवाज पर भी असर डाल सकता है। तेज खुशबू सांस के साथ गले और स्वरयंत्र तक पहुंचकर वहां की परत में जलन पैदा कर सकती है। इससे गले में खराश, सूखी खांसी, चुभन और आवाज बैठने जैसी समस्या हो सकती है। कई लोग बताते हैं कि ऑफिस, मीटिंग या किसी समारोह में परफ्यूम के कारण अचानक खांसी बढ़ जाती है, लेकिन जैसे ही वे बाहर ताजी हवा में पहुंचते हैं, लक्षण कम होने लगते हैं।

सेंसरी हाइपररिएक्टिविटी

कुछ लोग परफ्यूम के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं। इसे सेंसरी हाइपररिएक्टिविटी कहा जाता है। ऐसे लोगों में हल्की-सी खुशबू भी तेज सिरदर्द, चक्कर, आंखों में जलन, घबराहट या थकान पैदा कर सकती है। ये एलर्जी नहीं होती, बल्कि सुगंध से नाक और वायुमार्ग की नसों पर पड़ने वाला रासायनिक असर होता है, जिससे शरीर अचानक ज्यादा प्रतिक्रिया करने लगता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, November 25, 2025, 14:06 [IST]
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